बिलासपुर, 22 अक्तूबर : जिला रोजगार कार्यालय बिलासपुर के माध्यम से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोरसिंघी तथा अपराजिता बाल आश्रम, भगेड़ में करियर काउंसलिंग सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को करियर के विभिन्न विकल्पों, आवश्यक शैक्षणिक योग्यताओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा विभिन्न क्षेत्रों में प्रवेश की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
जिला रोजगार अधिकारी राजेश मैहता ने बताया कि श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग द्वारा विद्यार्थियों को उनकी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप उपयुक्त करियर विकल्प चुनने में मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध करियर अवसरों के साथ-साथ सरकारी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी जाती है, ताकि वे समय रहते अपने भविष्य की बेहतर योजना तैयार कर सकें।
*विद्यार्थियों को समाचार-पत्र पढ़ने और समसामयिक घटनाओं से जुड़े रहने की दी सलाह
सत्र के दौरान जिला लोक संपर्क अधिकारी राजेश जसवाल ने विद्यार्थियों को समाचार-पत्र पढ़ने, संपादकीय का अध्ययन करने तथा समसामयिक घटनाओं की नियमित जानकारी रखने के महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने पत्रकारिता एवं मीडिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को मीडिया के सकारात्मक उपयोग तथा इसके दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन और समसामयिक घटनाओं की जानकारी विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायक होती है।
*लक्ष्य निर्धारित करने के साथ वैकल्पिक योजनाएं तैयार रखना भी जरूरी
जिला सांख्यिकी कार्यालय के अनुसंधान अधिकारी ललित शर्मा ने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उन्हें प्राप्त करने के लिए सुनियोजित ढंग से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्लान-ए, प्लान-बी और प्लान-सी जैसी वैकल्पिक योजनाएं भी तैयार रखनी चाहिए, ताकि किसी एक प्रयास में सफलता न मिलने पर वे निराश होने के बजाय दूसरे विकल्पों के माध्यम से आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि जीवन में असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीखना और निरंतर प्रयास करते रहना सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
*उपभोक्ता अधिकारों और खरीदारी के दौरान सावधानियों की दी जानकारी
सहायक नियंत्रक, विधिक माप विज्ञान एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारी प्रवीण सिउटा ने विद्यार्थियों को अपने विभाग से संबंधित कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए बताया कि किसी भी वस्तु की खरीदारी करते समय उसके अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी), निर्धारित मात्रा और अन्य आवश्यक विवरणों की जांच करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को उपभोक्ता अधिकारों, खरीदारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा जागरूक उपभोक्ता बनने के महत्व से भी अवगत करवाया।
इस अवसर पर अनुसंधान अधिकारी ललित शर्मा, जिला लोक संपर्क अधिकारी राजेश जसवाल तथा सहायक नियंत्रक, विधिक माप विज्ञान एवं उपभोक्ता मामले विभाग से प्रवीण सिउटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य,अध्यापक तथा जिला रोजगार कार्यालय से नरेश कुमार और दिव्यांशु भी उपस्थित रहे।