रैडक्रॉस से जुड़ें अधिक से अधिक लोग: गंधर्वा राठौड़
जिला रैडक्रॉस सोसाइटी की बैठक में विभिन्न गतिविधियों के विस्तार पर की चर्चा

हमीरपुर 07 अक्तूबर। उपायुक्त एवं जिला रैडक्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने बुधवार को सोसाइटी के पदाधिकारियों, संरक्षकों और आजीवन सदस्यों के साथ बैठक करके सोसाइटी की गतिविधियों के विस्तार एवं इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर व्यापक चर्चा की।
उन्हांेने कहा कि सोसाइटी हमेशा असहाय, गरीब एवं जरुरतमंद लोगों की मदद करती है। जिला में इस संस्था में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जरुरतमंद लोगों की अधिक से अधिक मदद की सके। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला में 749 लोग इससे जुड़े हुए हैं। इनमें 730 आजीवन सदस्य और 19 संरक्षक शामिल हैं। जिला के सभी उपमंडलों में भी रैडक्रॉस की इकाइयों का गठन किया गया है। इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाना चाहिए। कालेज और स्कूल स्तर पर यूथ रैडक्रॉस एवं जूनियर रैडक्रॉस इकाइयां बनाई जा रही हैं। जिले के 56 स्कूलों में जूनियर रैडक्रॉस इकाइयों में 3278 विद्यार्थियों को जोड़ा गया है। इनके माध्यम से नशा विरोधी रैलियां भी निकाली जा रही हैं।
उपायुक्त ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में सोसाइटी ने 60 जरुरतमंद लोगों को लगभग 7.30 लाख रुपये की मदद प्रदान की है। मेडिकल कालेज अस्पताल के परिसर में संचालित की जा रही सोसाइटी की लैब में आधुनिक मशीनें स्थापित की गईं और यहां मरीजों के कई प्रकार के टैस्ट बहुत ही कम दामों पर किए जा रहे हैं। सोसाइटी 15 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवा रही है। सोसाइटी ने गत वित्त वर्ष में जिले भर में 10 रक्तदान शिविर आयोजित करके लगभग 395 यूनिट रक्त एकत्रित किया। 5 मेडिकल कैंपों के माध्यम से सैकड़ों लोगों को लाभान्वित किया। दिव्यांगजनों और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए भी स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। टीबी मुक्त अभियान के तहत भी सोसाइटी ने 10 मरीजों को गोद लिया है, जिन्हें पोषण किट्स प्रदान की जा रही हैं। सोसाइटी ने सफाई एवं पौधारोपण अभियान भी आयोजित किया। आम घरों में उपयोग के बगैर यूं ही पड़े हुए कपड़ों को इकट्ठा करके इन्हें जरुरतमंद लोगों को बांटने के लिए भी सोसाइटी ने विशेष पहल की है। उन्होंने रैडक्रॉस के विस्तार के लिए सभी आजीवन सदस्यों और संरक्षकों से सुझाव भी आमंत्रित किए।
बैठक में एडीसी एवं जिला रैडक्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष अभिषेक गर्ग, एसडीएम संजीत सिंह, सोसाइटी के सचिव लवकेश शर्मा और कई आजीवन सदस्यों एवं संरक्षकों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इस अवसर पर आजीवन सदस्य शंभू राम जसवाल ने अपने बेटे एवं बहू के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर सोसाइटी को 5100 रुपये का अंशदान भी दिया।प्रेस विज्ञप्ति : 39 07 अक्तूबर 2026

रैडक्रॉस से जुड़ें अधिक से अधिक लोग: गंधर्वा राठौड़
जिला रैडक्रॉस सोसाइटी की बैठक में विभिन्न गतिविधियों के विस्तार पर की चर्चा
गत वित्त वर्ष के दौरान सोसाइटी ने 60 जरुरतमंद लोगों को दी 7.30 लाख रुपये की मदद

हमीरपुर 07 अक्तूबर। उपायुक्त एवं जिला रैडक्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने बुधवार को सोसाइटी के पदाधिकारियों, संरक्षकों और आजीवन सदस्यों के साथ बैठक करके सोसाइटी की गतिविधियों के विस्तार एवं इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर व्यापक चर्चा की।
उन्हांेने कहा कि सोसाइटी हमेशा असहाय, गरीब एवं जरुरतमंद लोगों की मदद करती है। जिला में इस संस्था में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जरुरतमंद लोगों की अधिक से अधिक मदद की सके। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला में 749 लोग इससे जुड़े हुए हैं। इनमें 730 आजीवन सदस्य और 19 संरक्षक शामिल हैं। जिला के सभी उपमंडलों में भी रैडक्रॉस की इकाइयों का गठन किया गया है। इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाना चाहिए। कालेज और स्कूल स्तर पर यूथ रैडक्रॉस एवं जूनियर रैडक्रॉस इकाइयां बनाई जा रही हैं। जिले के 56 स्कूलों में जूनियर रैडक्रॉस इकाइयों में 3278 विद्यार्थियों को जोड़ा गया है। इनके माध्यम से नशा विरोधी रैलियां भी निकाली जा रही हैं।
उपायुक्त ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में सोसाइटी ने 60 जरुरतमंद लोगों को लगभग 7.30 लाख रुपये की मदद प्रदान की है। मेडिकल कालेज अस्पताल के परिसर में संचालित की जा रही सोसाइटी की लैब में आधुनिक मशीनें स्थापित की गईं और यहां मरीजों के कई प्रकार के टैस्ट बहुत ही कम दामों पर किए जा रहे हैं। सोसाइटी 15 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवा रही है। सोसाइटी ने गत वित्त वर्ष में जिले भर में 10 रक्तदान शिविर आयोजित करके लगभग 395 यूनिट रक्त एकत्रित किया। 5 मेडिकल कैंपों के माध्यम से सैकड़ों लोगों को लाभान्वित किया। दिव्यांगजनों और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए भी स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। टीबी मुक्त अभियान के तहत भी सोसाइटी ने 10 मरीजों को गोद लिया है, जिन्हें पोषण किट्स प्रदान की जा रही हैं। सोसाइटी ने सफाई एवं पौधारोपण अभियान भी आयोजित किया। आम घरों में उपयोग के बगैर यूं ही पड़े हुए कपड़ों को इकट्ठा करके इन्हें जरुरतमंद लोगों को बांटने के लिए भी सोसाइटी ने विशेष पहल की है। उन्होंने रैडक्रॉस के विस्तार के लिए सभी आजीवन सदस्यों और संरक्षकों से सुझाव भी आमंत्रित किए।
बैठक में एडीसी एवं जिला रैडक्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष अभिषेक गर्ग, एसडीएम संजीत सिंह, सोसाइटी के सचिव लवकेश शर्मा और कई आजीवन सदस्यों एवं संरक्षकों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इस अवसर पर आजीवन सदस्य शंभू राम जसवाल ने अपने बेटे एवं बहू के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर सोसाइटी को 5100 रुपये का अंशदान भी दिया।
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भोरंज के बच्चों में रागी के व्यंजनों से दूर होगी कुपोषण की समस्या
408 कुपोषित बच्चों में रागी पाउडर और इससे बने पौष्टिक व्यंजनों से आया बड़ा परिवर्तन
जिला प्रशासन की इस विशेष पहल के कुछ महीनों में ही सामने आए अच्छे परिणाम

भोरंज 07 अक्तूबर। छोटे बच्चों का सही पोषण सुनिश्चित करके उन्हें कुपोषण एवं अन्य गंभीर रोगों से बचाने के लिए बाल विकास परियोजना भोरंज में जिला प्रशासन की विशेष पहल पर आरंभ किए गए रागी के पाउडर के वितरण के काफी उत्साहजनक परिणाम सामने आने लगे हैं।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने एक पायलट परियोजना के तहत बाल विकास परियोजना भोरंज के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में 408 कुपोषित बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी के पाउडर का वितरण आरंभ करवाया है। उपायुक्त ने बताया कि कुछ महीनों में ही इन बच्चों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इन बच्चों की लंबाई, वजन और स्वास्थ्य के कई अन्य मानकों में काफी ज्यादा सुधार नजर आ रहा है।
उन्होंने बताया कि कि किसी भी बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिन यानि गर्भ से लेकर उसके दूसरे जन्मदिन तक का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी दौरान उसके मस्तिष्क एवं शरीर का सर्वाधिक विकास होता है। अगर इस दौरान बच्चे का सही पोषण सुनिश्चित किया जाए तो वह भविष्य में स्वस्थ जीवन जी सकता है।
उपायुक्त ने बताया कि हमारे कई पारंपरिक व्यंजन एवं मोटे अनाज आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन्हें दैनिक आहार में शामिल करके बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भोरंज ब्लॉक में मई महीने के दौरान लगभग 408 बच्चे कुपोषित पाए गए थे। इन बच्चों का सही पोषण सुनिश्चित करने के लिए पायलट आधार पर न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन (पोषण हस्तक्षेप) कार्यक्रम आरंभ किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी का पाउडर दिया जा रहा है। यह पाउडर और इससे बनने वाले व्यंजन पौष्टिक गुणों से भरपूर होते हैं। बच्चे भी इन्हें बड़े चाव से खाते हैं।
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17 तक बिजली बिल जमा करवाएं बड़सर के उपभोक्ता

बड़सर 07 अक्तूबर। विद्युत उपमंडल बड़सर के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं को बिजली के बिल जमा करवाने के लिए 17 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। सहायक अभियंता सुनील कुमार ने कहा कि उपमंडल के जिन विद्युत उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने बिलों का भुगतान नहीं किया है, वे इनका भुगतान 17 अक्तूबर तक उपमंडल कार्यालय के काउंटर पर या ऑनलाइन माध्यम से कर दें।
उन्होंने बताया कि इस तिथि तक बिल जमा न करवाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन पूर्व सूचना के बगैर ही काट दिए जाएंगे। सहायक अभियंता ने उपमंडल के सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
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योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपनी फार्मर आईडी बनवाएं सभी किसान
भोरंज में आयोजित जागरुकता कार्यक्रम में एसडीएम शशिपाल शर्मा ने की अपील

भोरंज 07 अक्तूबर। एसडीएम शशिपाल शर्मा ने भोरंज उपमंडल के सभी किसानों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है। बुधवार को यहां कृषि विभाग और आतमा परियोजना द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए एसडीएम ने कहा कि कृषि विभाग ने किसानों के पंजीकरण (फार्मर रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया आरंभ की है। इसमें किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा रही हैं। भोरंज उपमंडल में अभी तक लगभग 10,214 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।
एसडीएम ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से एक ही आईडी से पीएम-किसान सम्मान निधि और कई अन्य योजनाओं से संबंधित भुगतान में तत्परता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। फार्मर रजिस्ट्री के दौरान किसान की आधार नंबर से ई-केवाईसी की जाती है और उसकी जमीन का रिकार्ड राजस्व विभाग के डाटा से लिंक किया जाता है। किसान की व्यक्तिगत जानकारी और फसल का विवरण दर्ज करने के बाद फार्मर रजिस्ट्री नंबर या फार्मर आईडी जारी की जाती है।
इस अवसर पर आतमा परियोजना हमीरपुर के परियोजना निदेशक राकेश धीमान ने बताया कि किसान अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे-जमाबंदी या खतौनी, बैंक खाते का विवरण, पासपोर्ट साइज फोटो और आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर आवश्यक है।
इस कार्यशाला में तहसीलदार डॉ. आशीष शर्मा, जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश राणा, कृषि विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों तथा किसानों ने भाग लिया।