चंडीगढ़/उकलाना/बरवाला/हांसी, 27 अगस्त। पूर्व उपप्रधानमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल के जन्मदिवस के अवसर पर नूंह में 27 सितंबर को प्रस्तावित सम्मान दिवस रैली को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल ने पूरी ताकत झोंक दी है। रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला लगातार प्रदेशभर में कार्यकर्ता सम्मेलनों को संबोधित कर रहे हैं। वीरवार को उकलाना, बरवाला और हांसी में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलनों में अभय चौटाला ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि आज हरियाणा का प्रत्येक वर्ग सरकार की नीतियों से त्रस्त है। अभय चौटाला ने कहा कि प्रदेश का युवा बेरोजगारी की मार झेल रहा है। रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवाओं में मायूसी और हताशा बढ़ रही है और यही परिस्थितियां अपराध तथा नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं को भी बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलनी चाहिए, वहां अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं और जिन अस्पतालों में आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, वहां चिकित्सकों की कमी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं ही कमजोर होंगी तो प्रदेश का भविष्य कैसे मजबूत होगा? कार्यकर्ता सम्मेलनों में अभय चौटाला ने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 के चुनाव से पहले जनता के सामने बड़े-बड़े वादे किए थे। उस समय कांग्रेस सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर लोगों में नाराजगी थी। नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और विदेशों से काला धन वापस लाने के बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 15-15 लाख रुपए आने का वादा भी किया गया था। कांग्रेस से परेशान जनता ने भाजपा पर विश्वास किया और केंद्र में भाजपा की सरकार बनी। इसके चार महीने बाद हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए और प्रदेश की जनता भी भाजपा के वादों और दावों के प्रभाव में आ गई। अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने अपने वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर जनता से समर्थन मांगा गया था, वे मुद्दे आज भी सवाल बने हुए हैं। उन्होंने भाजपा पर हरियाणा के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। अभय ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसका भाईचारा रहा है, लेकिन भाजपा के शासनकाल में जाति-पाति का जहर घोलकर समाज को बांटने की कोशिशें की गईं। कार्यकर्ता सम्मेलनों में प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा, पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह, उमेद सिंह लोहान सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे रैली के लिए घर-घर संपर्क अभियान तेज करें और अधिक से अधिक लोगों को नूंह पहुंचने के लिए प्रेरित करें। इनेलो ने साफ संकेत दिया कि सम्मान दिवस रैली को केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के खिलाफ एक बड़ी जनआवाज के रूप में पेश करने की तैयारी है।

*जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर भाजपा और हुड्डा पर हमला*

अभय चौटाला ने वर्ष 2016 के जाट आरक्षण आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने भाजपा के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक मिलीभगत दिखाई देती है। उन्होंने कांग्रेस पर विपक्ष की भूमिका मजबूती से नहीं निभाने का आरोप लगाया। अभय चौटाला ने इसी वर्ष मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान सामने आए क्रॉस वोट और रद्द वोट के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय कहीं न कहीं सरकार को समर्थन देने की स्थिति में दिखाई दे रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने का काम इनेलो ही कर सकती है और इसके लिए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करना होगा। इनेलो राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि चौधरी देवीलाल के प्रति हरियाणा के लोगों के दिलों में आज भी गहरी श्रद्धा है। नूंह में होने वाली सम्मान दिवस रैली को लेकर प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं और आम लोगों में उत्साह है। उन्होंने दावा किया कि रैली में हरियाणा के कोने-कोने से लोग पहुंचेंगे और यह एक ऐतिहासिक जनसभा साबित होगी। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि किसान, मजदूर, गरीब, कमेरे और आम आदमी की आवाज थे। उन्होंने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया और हरियाणा के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब-जब उन्हें सत्ता में आने का अवसर मिला, उन्होंने सत्ता को व्यक्तिगत लाभ का माध्यम बनाने की बजाय जनसेवा का माध्यम बनाया और समाज के प्रत्येक वर्ग के हित में योजनाएं लागू कीं। अभय चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल की राजनीति का मूल आधार किसान, मजदूर और गरीब आदमी था। उन्होंने हमेशा दबे-कुचले वर्गों की आवाज उठाई और व्यवस्था में आम आदमी की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जननायक के विचारों को घर-घर तक पहुंचाएं और सम्मान दिवस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।


*वचन के धनी हैं अभय चौटाला: प्रो. संपत सिंह*

उकलाना में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने अभय चौटाला की कार्यशैली और उनके राजनीतिक संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि अभय सिंह चौटाला अपने दादा चौधरी देवीलाल और पिता चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की तरह वचन के धनी हैं। वे जो कहते हैं, उसे पूरा करने का प्रयास करते हैं और अपनी बात से पीछे नहीं हटते। प्रो. संपत सिंह ने चौधरी देवीलाल के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1966 में हरियाणा के गठन के बाद जब पहला विधानसभा चुनाव होने वाला था, तब चौधरी देवीलाल ने घोषणा की थी कि वे हरियाणा का पहला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपना वचन निभाया और वर्ष 1967 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा। उन्होंने कहा कि चौधरी ओमप्रकाश चौटाला भी अपने वचन और राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते रहे हैं। इसी परंपरा को अभय चौटाला ने आगे बढ़ाया। किसान आंदोलन के दौरान अभय चौटाला ने किसानों के समर्थन में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। प्रो. संपत सिंह ने कहा कि देश में हजारों विधायक और सैकड़ों सांसद हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान किसी अन्य जनप्रतिनिधि ने इस प्रकार अपना त्यागपत्र नहीं दिया। अभय चौटाला ने अपनी जुबान की कीमत रखी और इस्तीफा दिया। प्रो. संपत सिंह ने कहा कि चौधरी देवीलाल ने सत्ता को हमेशा सेवा का माध्यम माना। उन्होंने आजादी के आंदोलन में जेल की यातनाएं सहीं। आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे। हरियाणा के लोगों के साथ पानी के मुद्दे पर अन्याय हुआ तो उन्होंने न्याय युद्ध छेड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे जननायक को श्रद्धांजलि देने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि उनके विचारों और संघर्ष की राजनीति को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सम्मान दिवस रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और नूंह की धरती से चौधरी देवीलाल को श्रद्धासुमन अर्पित करें।

*इनेलो ने हमेशा जनता के हितों की लड़ाई लड़ी: रामपाल माजरा*

इनेलो प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि इनेलो हरियाणा का ऐसा राजनीतिक दल है, जिसने हमेशा प्रत्येक वर्ग के हितों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सत्ता में रहते हुए भी जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी और विपक्ष में रहते हुए भी जनता की आवाज बनने का काम किया। माजरा ने बुजुर्गों की पेंशन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब भाजपा सरकार ने कई शर्तें लागू करके बुजुर्गों की पेंशन काटने का निर्णय लिया, तब इनेलो राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने इसका विरोध किया। उन्होंने केवल बयानबाजी नहीं की, बल्कि पंचकूला से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया। माजरा के अनुसार आंदोलन के दबाव में सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा और बुजुर्गों को 3,000 रुपये की बजाय 3,250 रुपये पेंशन देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने किसानों की गेहूं खरीद का मुद्दा भी उठाया। रामपाल माजरा ने कहा कि जब भाजपा सरकार ने गेहूं खरीद के लिए किसानों पर बायोमीट्रिक और वाहन नंबर जैसी शर्तें लगाईं, तब अभय चौटाला हजारों किसानों के साथ ट्रैक्टर लेकर मंडी पहुंचे। उन्होंने किसानों के साथ खड़े होकर बिना नंबर और बायोमीट्रिक की बाध्यता के उनकी फसल बिकवाने के लिए संघर्ष किया। माजरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की नीतियों से आम आदमी परेशान है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि इनेलो को मजबूत करना ही जनता की आवाज को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जनता के मुद्दों की लड़ाई लडऩे के लिए अभय चौटाला मजबूती से मैदान में खड़े हैं।