बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर की व्यवस्थाओं एवं आय-व्यय की समीक्षा, सुविधाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश
बिलासपुर, 25 अगस्त : जिला मुख्यालय में भाषा एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में बिलासपुर कला मंच की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर, बिलासपुर के संचालन, विभिन्न व्यवस्थाओं तथा गत वर्षों के आय-व्यय की समीक्षा की गई। इस दौरान परिसर को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ इसे आय-सृजन का प्रभावी केंद्र बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में परिसर की डॉरमेट्रीज में बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्थायी जलापूर्ति के लिए बोरवेल स्थापित करने तथा बिजली के खर्च को कम करने के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को परिसर की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने बैठक में जानकारी दी कि बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर के संचालन के लिए सरकार की ओर से वर्ष 2022-23 में 40 लाख रुपए की राशि उपलब्ध करवाई गई थी। वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के दौरान परिसर से लगभग 20 लाख रुपए की आय हुई, जबकि इस अवधि में करीब 26 लाख रुपए का व्यय किया गया। वर्ष 2024-25 में लगभग 20 लाख रुपए की आय तथा 31 लाख रुपए का व्यय हुआ। वर्ष 2025-26 के दौरान परिसर से लगभग 30 लाख रुपए की आय हुई, जबकि करीब 21 लाख रुपए का व्यय किया गया। उन्होंने बताया कि परिसर में होने वाला व्यय मुख्य रूप से बिजली, पानी, अन्य आवश्यक मदों, रखरखाव तथा सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारियों के वेतन आदि पर किया जाता है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि पूर्व में सरकारी विभागों के लिए ऑडिटोरियम के उपयोग हेतु 33 हजार रुपए शुल्क निर्धारित था, जबकि निजी संस्थाओं से इससे अधिक शुल्क लिया जाता था। उन्होंने सरकारी एवं निजी संस्थाओं के कार्यक्रमों के लिए समान शुल्क व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए, ताकि शहर के शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संस्थाओं तथा अन्य संगठनों को बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर एवं ऑडिटोरियम की सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
उपायुक्त ने जिला भाषा अधिकारी को परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ आय बढ़ाने के लिए नए अवसर तलाशने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि परिसर का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के साथ उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर को सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि में चरणगंगा स्थल का होगा सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
बिलासपुर, 25 अगस्त: शाहतलाई स्थित बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े पवित्र चरणगंगा स्थल का व्यापक सौंदर्यीकरण एवं विकास किया जाएगा। मंदिर न्यास द्वारा करीब 75 लाख रुपये की लागत से यहां श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित योजना में विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है, ताकि उन्हें स्नान एवं कपड़े बदलने के लिए खुले में जाने की परेशानी न हो।
इसी कड़ी में सोमवार देर शाम उपायुक्त एवं मंदिर न्यास आयुक्त राहुल कुमार ने मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम झंडूता आर्शिया शर्मा, मंदिर न्यास प्रभारी एवं सहायक अभियंता विजय ठाकुर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता, मंदिर न्यासियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ चरणगंगा स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित निर्माण कार्यों और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध करवाई जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त राहुल कुमार ने प्रस्तावित योजना की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने चैत्र मास मेले से पहले सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि मेले के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से शाहतलाई पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।
करीब 75 लाख रुपये की विकास योजना के तहत चरण गंगा स्थल पर 50 हजार लीटर क्षमता का पानी का टैंक बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं को पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए करीब पांच इंच व्यास की पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी।
महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग एवं आधुनिक स्नान तथा कपड़े बदलने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। वहीं, पुरुष श्रद्धालुओं के लिए स्नान करने तथा हाथ-मुंह धोने की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए स्वच्छ पानी का तालाब विकसित किया जाएगा।
चरण गंगा परिसर को आकर्षक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए स्नानघर के दोनों ओर साइड वॉल का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पूरे परिसर में 16 सोलर लाइटें स्थापित की जाएगी, जिससे शाम और रात के समय श्रद्धालुओं को बेहतर लाइट व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं
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मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के नौवें चरण में पात्र एवं छूटे परिवारों को एक और अवसर
20 सितम्बर तक पूरी होगी चयन एवं सत्यापन प्रक्रिया, आय प्रमाण-पत्र की अवधि में भी दी गई छूट

बिलासपुर, 26 अगस्त: हिमाचल सरकार द्वारा प्रदेश के पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के नौवें चरण में पात्र एवं पूर्व चरणों में किसी कारणवश छूट गए परिवारों को एक और अवसर प्रदान किया जा रहा है।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने जिला के सभी विकासखंड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नौवें चरण के तहत पात्र परिवारों के आवेदन, चयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि नौवें चरण में पात्रता के निर्धारित मापदंड पूर्ववत रहेंगे। पात्र परिवारों की सुविधा के लिए 31 जुलाई, 2025 से 31 जुलाई, 2026 तक की अवधि के आय प्रमाण-पत्र भी मान्य होंगे। पात्र परिवारों का चयन एवं सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ग्राम स्तर, खण्ड स्तर तथा जिला स्तर पर किया जाएगा। पात्र एवं पूर्व चरणों में छूटे हुए परिवार अपने आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत, विकास खण्ड कार्यालय अथवा उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक) कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।
उपायुक्त राहुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदन प्राप्त करने, दस्तावेजों की जांच एवं सत्यापन की प्रक्रिया 20 सितंबर, 2026 तक पूर्ण की जाए और इसके उपरांत अंतिम सूची समयबद्ध रूप से जारी की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि हिमाचल सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के नौवें चरण की जानकारी पात्र एवं छूटे हुए परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखते हुए पात्र परिवारों को योजना के लाभ से जोड़ना सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।
उपायुक्त ने पात्र एवं छूटे हुए परिवारों से आग्रह किया कि वह इस अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना आवेदन संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करें।