हिसार, 24.07.26-- हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं हरियाणा कॉन्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में व्यापारी प्रतिनिधियों की मीटिंग हुई। मीटिंग में जीएसटी विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित रूप से व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने, बार-बार की जा रही छापेमारी, निरीक्षण की कार्यप्रणाली तथा व्यापारियों के समक्ष उत्पन्न हो रही अन्य समस्याओं पर विचार किया गया। मीटिंग को संबोधित करते हुए व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि देश और प्रदेश का व्यापारी वर्ग हमेशा सरकार के साथ खड़ा रहा है। व्यापारी और उद्योगपति पूरी ईमानदारी के साथ व्यापार करते हुए समय पर सरकार को जीएसटी सहित विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान कर रहे हैं। सरकार के राजस्व में सबसे बड़ा योगदान व्यापार और उद्योग जगत का है, इसलिए व्यापारियों को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए, ना कि अनावश्यक भय और उत्पीड़न। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। आज 50 हजार रुपये या उससे अधिक के माल के परिवहन पर ई-वे बिल अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों के लिए ई-इनवॉइसिंग भी लागू है। प्रत्येक खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहता है तथा जीएसटी पोर्टल पर सभी लेन-देन दर्ज होते हैं। ऐसी स्थिति में जीएसटी चोरी की संभावनाएं पहले की तुलना में काफी कम हो गई हैं। बजरंग गर्ग ने कहा कि जब व्यापारिक गतिविधियों की पूरी जानकारी सरकार के डिजिटल सिस्टम में उपलब्ध है, तब ईमानदार व्यापारियों की दुकानों, गोदामों और फैक्ट्रियों पर बार-बार छापेमारी किए जाने का कोई औचित्य समझ में नहीं आता जिसके कारण व्यापारी व उद्योगपतियों में बड़ी भारी नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर कुछ अधिकारी अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहे हैं, जिससे व्यापारियों में भारी असंतोष और भय का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के पास प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि कुछ अधिकारी निरीक्षण और जांच के नाम पर व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं। इससे व्यापारियों का समय, ऊर्जा और आर्थिक संसाधन प्रभावित होते हैं। यदि कोई व्यापारी नियमों का पालन कर रहा है और सभी करों का भुगतान कर रहा है, तो उसे बिना किसी ठोस कारण के परेशान करना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। बजरंग गर्ग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल किसी भी प्रकार की कर चोरी, फर्जी बिलिंग या अवैध व्यापार का समर्थन नहीं करता। यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन कानून का पालन करने वाले ईमानदार व्यापारियों को संदेह के आधार पर बार-बार निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे अधिकारियों की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए जिनके विरुद्ध व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान करने या निजी लाभ के लिए दबाव बनाने जैसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। यदि कोई सरकारी अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि सरकारी व्यवस्था पर व्यापारियों का विश्वास बना रहे। बजरंग गर्ग ने कहा कि व्यापार और उद्योग किसी भी राज्य की आर्थिक रीढ़ होते हैं। यदि व्यापारी भय के वातावरण में काम करेंगे तो निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसलिए सरकार का दायित्व है कि वह ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे जिसमें ईमानदार व्यापारी बिना किसी डर के अपना व्यापार कर सकें और केवल वास्तविक मामलों में ही नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए, अनावश्यक छापेमारी और उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए तथा ईमानदार व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इससे प्रदेश में व्यापारिक माहौल मजबूत होगा, निवेश बढ़ेगा और सरकार के राजस्व में भी निरंतर वृद्धि होगी।

इस मीटिंग में दीपक गर्ग, एनके गोयल, सत्यपाल अग्रवाल, सुरेंद्र बागड़ी, राजेंद्र बंसल, निरंजन गोयल, अनिल सिंगला, अजय सिंघल, सचिन अग्रवाल आदि प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखें।