धर्मशाला-23.07.26-पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कांगड़ा, धर्मशाला में आज डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं एवं अध्यापकों की सहभागिता से व्यापक पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा उपनिदेशक (क्वालिटी) सह डीपीओ समग्र शिक्षा एवं प्राचार्य, डायट कांगड़ा, भाग सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि प्रत्येक दो डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं ने एक अध्यापक के साथ मिलकर एक पौधा रोपित किया। इससे प्रशिक्षुओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रभावी प्रयास किया गया। मुख्य अतिथि श्री भाग सिंह ने स्वयं डायट परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर देवदार का पौधा रोपित कर अभियान का शुभारंभ किया तथा सभी को पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया।
इस पौधारोपण अभियान को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत उपयोगी एवं औषधीय महत्व के पौधों का चयन किया गया। डायट परिसर में आंवला, हरड़, भेड़ा जैसे औषधीय पौधों के साथ-साथ जामुन, देवदार, आम सहित विभिन्न छायादार एवं फलदार पौधे रोपित किए गए। इन पौधों से भविष्य में परिसर की हरियाली बढ़ने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में राज कपूर, श्रेष्ठा ठाकुर, परवीन कुमार, राजेश बैन्स, डॉ. संजय कुमार, अभिलाषा कुमारी, सुमित शर्मा, मंजू राणा, वंदना सूदन, रेखा रावत, अंजू शर्मा, मांजू धीमान, मीना चौहान, शिल्पा गुलेरिया तथा कार्यालय अधीक्षक सहित डायट के समस्त अधिकारियों, अध्यापकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर यह भी निर्णय लिया गया कि रोपित किए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक पंद्रह दिन बाद सभी पौधों की प्रगति एवं जीवित स्थिति की समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी संबंधित प्रशिक्षुओं एवं अध्यापक को सौंपी गई है, ताकि पौधों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
मुख्य अतिथि श्री भाग सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनका संरक्षण और संवर्धन ही वास्तविक पर्यावरण सेवा है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे भविष्य में जिस भी विद्यालय में सेवाएं दें, वहां विद्यार्थियों और समुदाय को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाकर ऐसे अभियान निरंतर चलाएं।
डायट कांगड़ा का यह पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण, सामूहिक उत्तरदायित्व और सतत विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा तथा उपस्थित सभी लोगों को प्रकृति संरक्षण का सार्थक संदेश दे गया।