हमीरपुर 21 जुलाई। वित्त वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित किए गए जिला हमीरपुर के 14 नए गांवों के नवनिर्वाचित पंचायत जनप्रतिनिधियों और पंचायत सचिवों को इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति जागरुक करने के लिए मंगलवार को यहां जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला के दौरान जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने प्रतिभागियों को योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि यह योजना केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2009-10 में अनुसूचित जाति के लोगों के समेकित विकास के लिए क्षेत्रीय दृष्टकोण से प्रायोगिक आधार पर आरंभ की गई थी। योजना का उद्देश्य 500 से अधिक जनसंख्या वाले ऐसे गांवों का एकीकृत विकास करना है जिनमें अनुसूचित जाति की जनसंख्या 40 प्रतिशत से अधिक है।
चमन लाल शर्मा ने बताया कि आदर्श ग्राम एक ऐसी संकल्पना है जिसमें सभी निवासियों को आधारभूत अवसरंचना और बुनियादी सुविधाएं प्राप्त हों। उनकी न्यूनतम आवश्यकतायें पूर्ण हो सकें, असमानतायें कम हों तथा प्रत्येक व्यक्ति को एक ऐसा वातावरण मिल सके जिसमें वह अपनी संभाव्यताओं का पूर्ण उपयोग कर सकें। जिला कल्याण अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दस दिन के भीतर बेस लाईन सर्वे पूरा करें तथा एक माह में ग्राम विकास योजना (वीडीपी) का ड्राफ्ट तैयार करें। योजना के तहत कार्याे में तेजी, पारदर्शिता, प्रभावी निगरानी एवं समयबद्ध कियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रतिभागियों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा विकसित पीएम-अजय मोबाइल ऐप की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त सोशल ऑडिट के पैरों के समायोजन बारे में भी निर्देश दिए गए। इस योजना के तहत वर्ष 2019-20 में जिला के 17 गांवों और वर्ष 2022-23 में 5 गांवों का चयन किया गया था और अब वर्ष 2025-26 में 14 गांव चयनित किए गए हैं।