4 मई की एनकॉर्ड बैठक के निर्णयों पर कार्रवाई शुरू
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने 24 रेड जोन पंचायतों के दौरे के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी की निर्धारित
जून माह में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पंचायत स्तर पर करेंगे निगरानी और जनजागरूकता गतिविधियों की समीक्षा

मंडी, 22 मई। जिला स्तरीय नार्को समन्वय केन्द्र समिति (एनकॉर्ड) की 4 मई को आयोजित मासिक बैठक में लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने जिला की चिन्हित 24 रेड जोन पंचायतों में नशे की रोकथाम के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित करने संबंधी आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार जून माह के दौरान अधिकारी पंचायत स्तर पर जाकर नशे के खिलाफ चल रही गतिविधियों, जनजागरूकता अभियानों तथा निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।

उपायुक्त ने 4 मई की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ड्रग्स की सप्लाई रोकने के साथ-साथ इसकी मांग को समाप्त करने पर भी समान रूप से कार्य किया जाए तथा जिला की 24 रेड जोन पंचायतों के लिए एक ठोस और समन्वित रणनीति तैयार की जाए। इसी क्रम में अब प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पंचायतवार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

जारी आदेशों के अनुसार उपायुक्त मंडी स्वयं भड़याल, नागचला, कुम्मी, गोड़ा-गागल, टकोली, गुमाणु, मराथू, सदयाणा, रंधाड़ा तथा नगवाईं पंचायतों का दौरा करेंगे। इसी प्रकार पुलिस अधीक्षक मंडी को धेलू, पधयूं, सुधार, धमचयान, लटराण, तरस्वाण, डलाह, चौंतड़ा, सलापड़ तथा कांगू पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अतिरिक्त उपायुक्त मंडी बलद्वाड़ा नगर पंचायत और खुडला पंचायत का दौरा करेंगे, जबकि अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी को सुलपुर जबोठ पंचायत तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडी को ब्रयोगी पंचायत का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस महीने आयोजित उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक में भी प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इन पंचायतों का दौरा करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों तथा 4 मई की एनकॉर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों की अनुपालना करते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पंचायतों, नशा निवारण समितियों, स्थानीय समुदायों और विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पंचायत दौरों के दौरान स्थानीय लोगों, युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज में नशे के प्रति जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाना भी है। इसके लिए पंचायत स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएंगे ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके और सुरक्षित सामाजिक वातावरण तैयार हो सके।
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भीषण गर्मी के दृष्टिगत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जारी किए आवश्यक दिशा-निर्देश

सभी विभाग रहें सतर्क, लू की स्थिति में सीधी धूप में बाहर निकलने से बचें नागरिक- अपूर्व देवगन

मंडी, 22 मई। जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने वर्तमान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, आम जनता की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं।

अपूर्व देवगन ने कहा कि मौजूदा भीषण गर्मी के बीच मंडी जिले के विभिन्न हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में काफी वृद्धि हुई है। सुंदरनगर में तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस और मंडी में 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि बल्ह घाटी, सरकाघाट, धर्मपुर और आसपास के निचले पहाड़ी क्षेत्रों में भी अपेक्षाकृत अधिक तापमान देखा जा रहा है। इसके अलावा, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी सप्ताहों में सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान लगाया है। आईएमडी ने यह भी पूर्वानुमान लगाया है कि मई, 2026 के दौरान मध्य पहाड़ी और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या दीर्घकालिक औसत की तुलना में सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि इन विपरीत मौसम परिस्थितियों के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने जलशक्ति विभाग को जल आपूर्ति एवं स्वच्छता के दृष्टिगत सभी आवासीय क्षेत्रों में पर्याप्त और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सार्वजनिक जल स्रोतों, भंडारण टैंकों, हैंडपंपों और जल आपूर्ति योजनाओं की नियमित सफाई, रखरखाव और क्लोरीनीकरण सुनिश्चित किया जाए। जल की कमी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संबंधित विभाग को पेयजल आपूर्ति के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और जल संकट से संबंधित किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए हैं। सभी सार्वजनिक स्थानों और आस-पास की बस्तियों में पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पेयजल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत सार्वजनिक स्थानों, कार्यालयों, अस्पतालों, बस स्टैंडों, बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्थापित ठंडे पानी के फिल्टर/कूलर और पेयजल केंद्र तुरंत चालू किए जाएं। संबंधित विभाग इन सुविधाओं का नियमित निरीक्षण, सफाई और रखरखाव भी सुनिश्चित करेंगे।

जिला दंडाधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों को अत्यधिक गर्मी से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, उचित वेंटिलेशन और छायादार स्थान सुनिश्चित करने, दोपहर के समय बाहरी गतिविधियों को यथासंभव कम करने, प्राथमिक चिकित्सा, सफाई सुविधाएं और ओआरएस इत्यादि की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को गर्मी से संबंधित बीमारियों के प्रबंधन के लिए समय रहते अस्पताल की तैयारियों संबंधी उपाय करने को कहा है। लू से संबंधित आपात स्थितियों के लिए आपातकालीन इकाइयाँ और एम्बुलेंस सेवाएं पूरी तरह से चालू रखने, रोगी देखभाल क्षेत्रों में पंखे, कूलर और एयर कंडीशनिंग (जहाँ उपलब्ध हो) सहित कार्यात्मक शीतलन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बर्फ के पैकेट, शीतलन उपकरण और आपातकालीन आपूर्ति की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने लू लगने और थकावट के लक्षणों और प्राथमिक उपचार के बारे में सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रमुखता से जागरूकता संदेश व जानकारी प्रदर्शित करने को कहा। बुजुर्ग व्यक्तियों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बाहरी श्रमिकों सहित संवेदनशील समूहों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

अपूर्व देवगन ने वनों को आग से बचाव के लिए वन विभाग व संबंधित हितधारकों को तैयारियां पूरी करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील वन क्षेत्रों और जोखिम ग्रस्त इलाकों में वन अग्नि प्रबंधन के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। वन विभाग के फील्ड स्टाफ को सतर्क रहने और अग्निशमन सेवाओं तथा स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आवश्यक अग्निशमन उपकरण, जल संसाधन और त्वरित प्रतिक्रिया दल तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखने, वन अग्नि की घटनाओं को रोकने और ऐसी किसी भी घटना की तुरंत सूचना देने के लिए जन जागरूकता बढ़ाने को भी कहा है।

जिलादंडाधिकारी ने कहा कि कृषि व बागवानी विभाग फसलों और कृषि गतिविधियों पर लू के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करेंगे। किसानों को उचित सिंचाई पद्धतियों, जल संरक्षण और खड़ी फसलों को लू से बचाने के बारे में सलाह देने के साथ ही क्षेत्र के कर्मचारियों के माध्यम से किसानों और कृषि श्रमिकों को लू से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करें। संवेदनशील एवं जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में समय पर प्रतिक्रिया के लिए पर्याप्त समन्वय बनाए रखें।

उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि पशुधन और आवारा पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल और छायादार आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पशु चिकित्सा संस्थान और पशुपालन विभाग पशुओं में गर्मी से होने वाली बीमारियों के प्रति सतर्क रहें और आवश्यक सहायता एवं उपचार प्रदान करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों को सोशल मीडिया, स्थानीय केबल नेटवर्क और फील्ड कैंप के माध्यम से लू से सुरक्षा संबंधी सलाह प्रसारित करने को भी कहा। साथ ही सभी नागरिकों को सलाह दी है कि वे लू के चरम समय के दौरान सीधी धूप में अनावश्यक रूप से निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और लू से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए पर्याप्त सावधानी बरतें।

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समय पर पेंशन पाने के लिए जल्द करवाएं आधार सीडिंग

मंडी, 22 मई। जिला कल्याण अधिकारी मंडी समीर ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन प्राप्त कर रहे सभी लाभार्थियों से अपने बैंक अथवा डाकघर खातों की आधार सीडिंग शीघ्र करवाने का आग्रह किया है, ताकि पेंशन वितरण में किसी प्रकार की देरी या बाधा उत्पन्न न हो।

उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान एसएनए स्पर्श पोर्टल के आधार आधारित भुगतान मॉड्यूल के माध्यम से किया जाना है। ऐसे में सभी पेंशनरों के बैंक एवं डाकघर खातों का आधार से लिंक होना आवश्यक है। जिन लाभार्थियों के खाते अभी तक आधार से लिंक नहीं हैं, वे संबंधित बैंक अथवा डाकघर में आवश्यक दस्तावेजों सहित संपर्क कर आधार सीडिंग प्रक्रिया पूर्ण करवाएं।

जिला कल्याण अधिकारी ने अधीक्षक डाकघर मंडी तथा लीड बैंक प्रबंधक (पीएनबी) मंडी से भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले सभी पेंशनरों के खातों की आधार सीडिंग स्थिति का सत्यापन करने तथा इसकी रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। जिन खातों में अभी तक आधार सीडिंग नहीं हुई है, वहां संबंधित पेंशनरों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि समय पर आधार सीडिंग सुनिश्चित होने से पेंशन वितरण में देरी अथवा विफलता जैसी समस्याओं से बचा जा सकेगा। इसके अतिरिक्त सभी तहसील कल्याण अधिकारियों को भी संबंधित डाकघरों और बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर पेंशनरों के खातों की आधार सीडिंग स्थिति शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लाभार्थियों को समय पर पेंशन उपलब्ध करवाई जा सके।