चंडीगढ़ 18 अप्रैल - हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने जनगणना 2027 में डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज लोक भवन में ऑनलाइन जनगणना पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक अपनी स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) पूरी की।

इस प्रक्रिया में निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़ डॉ. नवजोत खोसा तथा उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ श्री निशांत कुमार यादव ने सहयोग प्रदान किया। यह पहल यूटी प्रशासन की कुशल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल जनगणना प्रक्रियाओं के लिए तकनीक के उपयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

माननीय राज्यपाल ने स्व-गणना करके सभी निवासियों के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है और उन्हें इस सरल एवं सुरक्षित डिजिटल प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है। स्व-गणना नागरिकों को अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन अपने जनगणना विवरण भरने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे सटीकता सुनिश्चित होती है तथा नागरिकों और गणनाकारों दोनों का समय बचता है।

इस प्रक्रिया के दौरान माननीय राज्यपाल ने प्रभावी योजना निर्माण और नीतिगत निर्णयों के लिए सटीक आंकड़ों के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से सहयोग करने और इस स्व-गणना सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की, जिसे सरल, सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है।

जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़ ने उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ तथा चंडीगढ़ प्रशासन के साथ मिलकर स्व-गणना प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। इनमें नागरिकों की सहायता हेतु एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन (1855 या 18001803821) भी शामिल है, जहां किसी भी प्रकार के प्रश्न या तकनीकी समस्या के समाधान के लिए संपर्क किया जा सकता है।

नागरिक आधिकारिक जनगणना पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी स्व-गणना पूर्ण कर सकते हैं। एकत्रित की गई जानकारी को पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए, जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।

माननीय राज्यपाल द्वारा सफल स्व-गणना जनगणना 2027 के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इससे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में व्यापक जनसहभागिता को बढ़ावा मिल सकेगा।