हिसार, 09.04.26- - हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फैड के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने अग्रोहा अनाज मंडी में गेहूं खरीद का जायजा लिया। बजरंग गर्ग ने आढ़ती व किसानों से बातचीत करने के उपरांत कहा कि बेमौसमी बारिश के कारण लगभग 28 लाख मीट्रिक टन गेहूं खुले में व मंडियों में भीग गई है। सरकार की तरफ से मंडियों में गेहूं खरीद के लिए मूलभूत सुविधा नहीं है। गेहूं खरीद के लिए तिरपाल व लकड़ी के कैरेट तक की व्यवस्था सरकार की तरफ से नहीं है अगर सरकार की तरफ से तिरपाल व लकड़ी के कैरेट की व्यवस्था होती तो गेहूं भीगने से बचाई जा सकती थी।
बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार कि गलत नीतियों से प्रदेश का किसान व आढ़ती बुरी तरह से परेशान है। सरकार ने अनाज खरीद पर नए-नए नियम बनाकर किसान व आढ़ती को तंग किया जा रहा है। सरकार ने बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर की वेरिफिकेशन, तीन गारंटर के नियम बनाकर किसान व आढ़ती को तंग किया जा रहा है। किसानों को अपनी अनाज बेचने के लिए अंगूठा टिकवाना व आंखों को स्कैन करवाना सरासर गलत है जिसका पूरे हरियाणा में भारी विरोध हो रहा है। जिसके विरोध में 11 अप्रैल को किसनों द्वारा चक्का जाम किया जा रहा है।बजरंग गर्ग ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री को अपनी जिद छोड़कर अनाज खरीद में जो नए नियम लागू किए हैं उन्हें तुरंत प्रभाव से वापिस लेने चाहिए। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान व आढ़ती पहले ही भारी नुकसान में है। 10 दिनों से गेहूं की खरीद ना होने से किसान बेहद दुखी है और 10 दिनों से अपनी फसल बेचने के लिए किसान मंडियों में बैठा है। बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार के गेहूं खरीद, उठान व भुगतान 72 घंटे में करने के सभी दावे फेल सिद्ध हुए हैं। सरकार को गेहूं खरीद के लिए मंडियों में पुख्ता प्रबंध करने चाहिए। सरकार को गेहूं खरीद पर किसानों को 500 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देना चाहिए ताकि किसानों की फसल में जो भारी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई हो सकें।
इस अवसर पर अनाज मंडी एसोसिएशन जिला प्रधान पवन गर्ग, हरियाणा टाइल एसोसिएशन के प्रधान आनंद अग्रवाल, समाजसेवी ऋषि राज गर्ग, पुरानी अनाज मंडी पूर्व प्रधान सीताराम सिंगला, राजगुरु मार्केट ऑर्गेनाइजेशन के प्रधान अक्षय मलिक, संगठन मंत्री राजेंद्र बंसल, सहसचिव निरंजन गोयल, अग्रोहा सरपंच आत्माराम, व्यापारी नेता हरीश शर्मा, महेंद्र शर्मा, महेश अग्रवाल, रोहताश शर्मा, पवन भांभू, नवदीप, सुभाष गोदारा आदि सरकारी अधिकारी, किसान व आढ़ती भारी संख्या में मौजूद रहे।