हिसार, 30 मार्च : जननायक जनता पार्टी के किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बागबीर बैनीवाल ने सरसों की खरीद पर सरकार का रवैया उदासीन बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर की कई मंडियों के अलावा हिसार में पहले दिन सरकारी खरीद की हालत देखते हुए 90 फीसद मंडियों में ठप रही।
जेजेपी नेता ने कहा कि नए नियमों जैसे बायोमैट्रिक सत्यापन, ट्रैक्टर-ट्राली की फोटो, डिजिटल कांटे, गेट पास और ई-खरीद पोर्टल पर दिक्कतों में क्रैश होना, लंबी लाइनें की दुविधा से किसान जूझ रहा है। आढ़ती और किसान संगठन इन प्रक्रियाओं को जटिल बता रहे हैं। कुछ जगहों पर बारदाना और अन्य सुविधाओं की कमी भी बताई जा रही है। जेजेपी नेता ने कहा कि भाजपा सरकार और प्रदेश के सीएम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खरीद प्रक्रिया में लापरवाही कर रहे हैं। किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में रबी फसलों में खासकर सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च 2026 से शुरू हुई है। एमएसपी न्यूनतम समर्थन मूल्य सरसों के लिए ₹6,200 प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य लगभग 13 लाख टन सरसों खरीदने का है, जबकि गेहूं की खरीद 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली है। किसानों को सुविधा के नाम पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। सरसों खरीद शुरू होने के बावजूद सरकार की तैयारियां अधूरी हैं। बारदाना नहीं पहुंचा, व्यवस्थाएं ठीक नहीं। जेजेपी किसान नेता बागबीर बैनीवाल ने गेहूं-सरसों खरीद पर भाजपा सरकार के तुगलकी फरमान करार देते हुए कहा कि किसानों को परेशान करने का खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।