जिला में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता
उपयुक्त जतिन लाल ने अफवाहों पर ध्यान न देने की कि अपील
ऊना, 12 मार्च। मध्य-पूर्व क्षेत्र में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण जिला में घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर कुछ अफवाहें फैल रही हैं। इस संबंध में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने स्पष्ट किया कि जिले में कार्यरत सभी 12 गैस एजेंसियों के पास घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है।
उपायुक्त ने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि गैस सिलेंडरों की कमी से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार उपभोक्ता 25 दिनों के अंतराल में ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करें तथा जल्दबाजी में अनावश्यक रूप से सिलेंडरों की बुकिंग न करवाएं, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध करवाई जा सके।
इसके साथ ही, उन्होंने उपभोक्ताओं से यह भी अपील की है कि वे गैस सिलेंडरों की बुकिंग केवल अधिकृत माध्यमों से ही करें और किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या ऐप के माध्यम से बुकिंग न करें।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में स्थित सभी चिकित्सा और शैक्षणिक संस्थानों को व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
इसके अतिरिक्त संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई व्यक्ति या संस्थान घरेलू गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके निरीक्षण के लिए विभागीय टीमों का गठन भी किया गया है।
उपायुक्त ने सभी जिलावासियों से अपील करते हुए कहा है कि वे जिम्मेदार उपभोक्ता बनकर नियमों का पालन करें और किसी भी भ्रामक सूचना से बचें, ताकि जिले में गैस की सुचारू आपूर्ति बनी रहे।
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*स्कूली वाहनों की जांच लगातार जारी, अब तक 182 वाहनों की जांच, 60 के चालान*
ऊना, 12 मार्च | स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनुपालना के मद्देनज़र ऊना जिला प्रशासन के निर्देशों पर पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर स्कूल बसों और वैन के दस्तावेजों की जांच का अभियान लगातार जारी है। अभियान के तहत अब तक 182 स्कूल वाहनों की जांच की जा चुकी है, जबकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 60 वाहनों के चालान भी किए गए हैं।इसके साथ ही एक वाहन को जब्त किया है।
उल्लेखनीय है कि उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने हाल ही में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए थे तथा संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए विशेष निरीक्षण करने को कहा था।
इसी क्रम में पुलिस और संबंधित विभागों की टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण किया गया। इस दौरान बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों से सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
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आरएच ऊना में रेड रिबन क्लबों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
एचपीवी टीकाकरण अभियान की तैयारियों की कि समीक्षा
*जिला के 27 स्वास्थ्य संस्थानों में लगेगी एचपीवी वैक्सीन *
ऊना, 12 मार्च। क्षेत्रीय अस्पताल (आरएच) ऊना में आज(गुरुवार) को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजीव कुमार वर्मा की अध्यक्षता में जिला के विभिन्न महाविद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों के रेड रिबन क्लबों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस दौरान सीएमओ ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नोडल अधिकारियों और छात्र-शिक्षकों को एचआईवी/एड्स की रोकथाम, स्वैच्छिक रक्तदान, नशा मुक्ति तथा यौन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उनमें आवश्यक कौशल विकसित करना है। उन्होंने बताया कि इस पहल से युवाओं में नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करके समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक के रूप में तैयार करना है। साथ ही, सीएमओ ने जिला के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में संचालित रेड रिबन क्लबों द्वारा की जा रही गतिविधियों की भी समीक्षा की और युवाओं को समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
इसके अतिरिक्त एचआईवी/एड्स के प्रसार से बचाव के उपायों, स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशाखोरी की समस्या की रोकथाम, जीवन कौशल तथा यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा उन्होंने 1097 नि:शुल्क हेल्पलाइन तथा एनएसीओ/एचपीएसएसीएस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बारे में भी जानकारी दी।
सीएमओ ने बताया कि जिला ऊना में टीबी नियंत्रण के लिए बेहतर कार्य किया जा रहा है। इससे टीबी के मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो रहा है तथा रोग की दर में भी कमी आई है।
29 मार्च व 5 और 12 अप्रैल को होगा एचपीवी टीकाकरण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा की अध्यक्षता में एचपीवी टीकाकरण अभियान की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का यू-विन पोर्टल पर शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि 29 मार्च, 5 अप्रैल और 12 अप्रैल को आयोजित होने वाले टीकाकरण दिवसों पर पात्र बालिकाओं को समय पर टीका लगाया जा सके।
उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत जिले के 27 स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण किया जाएगा, जिससे बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, गर्भवती महिलाओं के शीघ्र पंजीकरण तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए बताया कि वर्तमान में जिला में चार प्रसवपूर्व जांचें की जाती थी जिसे विंग्स स्केल प्रोजेक्ट के तहत 8 प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा सके।
इस मौके पर क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर, जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण, आईसीटीसी काउंसलर रीता वर्मा, बीसीसी समन्वयक कंचन माला तथा जिला समन्वयक दीपक चब्बा, एआरटीएमओ डॉ. प्रशांत वर्मा सहित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिभागी उपस्थित रहे।
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आरएच ऊना में रेड रिबन क्लबों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
एचपीवी टीकाकरण अभियान की तैयारियों की कि समीक्षा
*जिला के 27 स्वास्थ्य संस्थानों में लगेगी एचपीवी वैक्सीन *
ऊना, 12 मार्च। क्षेत्रीय अस्पताल (आरएच) ऊना में आज(गुरुवार) को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजीव कुमार वर्मा की अध्यक्षता में जिला के विभिन्न महाविद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों के रेड रिबन क्लबों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस दौरान सीएमओ ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नोडल अधिकारियों और छात्र-शिक्षकों को एचआईवी/एड्स की रोकथाम, स्वैच्छिक रक्तदान, नशा मुक्ति तथा यौन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उनमें आवश्यक कौशल विकसित करना है। उन्होंने बताया कि इस पहल से युवाओं में नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करके समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक के रूप में तैयार करना है। साथ ही, सीएमओ ने जिला के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में संचालित रेड रिबन क्लबों द्वारा की जा रही गतिविधियों की भी समीक्षा की और युवाओं को समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
इसके अतिरिक्त एचआईवी/एड्स के प्रसार से बचाव के उपायों, स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशाखोरी की समस्या की रोकथाम, जीवन कौशल तथा यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा उन्होंने 1097 नि:शुल्क हेल्पलाइन तथा एनएसीओ/एचपीएसएसीएस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बारे में भी जानकारी दी।
सीएमओ ने बताया कि जिला ऊना में टीबी नियंत्रण के लिए बेहतर कार्य किया जा रहा है। इससे टीबी के मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो रहा है तथा रोग की दर में भी कमी आई है।
29 मार्च व 5 और 12 अप्रैल को होगा एचपीवी टीकाकरण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा की अध्यक्षता में एचपीवी टीकाकरण अभियान की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का यू-विन पोर्टल पर शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि 29 मार्च, 5 अप्रैल और 12 अप्रैल को आयोजित होने वाले टीकाकरण दिवसों पर पात्र बालिकाओं को समय पर टीका लगाया जा सके।
उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत जिले के 27 स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण किया जाएगा, जिससे बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, गर्भवती महिलाओं के शीघ्र पंजीकरण तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए बताया कि वर्तमान में जिला में चार प्रसवपूर्व जांचें की जाती थी जिसे विंग्स स्केल प्रोजेक्ट के तहत 8 प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा सके।
इस मौके पर क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर, जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण, आईसीटीसी काउंसलर रीता वर्मा, बीसीसी समन्वयक कंचन माला तथा जिला समन्वयक दीपक चब्बा, एआरटीएमओ डॉ. प्रशांत वर्मा सहित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिभागी उपस्थित रहे।
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