कोल डैम विस्थापितों के पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, प्लॉटों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर दे जोर—डिवीजनल कमिश्नर

बिलासपुर, 09 मार्च-जिला मुख्यालय के बचत भवन में कोल डैम विस्थापित पुनर्वास एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक सोमवार को बचत भवन, बिलासपुर में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मंडलायुक्त डॉ. राज कृष्ण परूथी ने की। बैठक में उपायुक्त राहुल कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर, एसडीएम सदर डॉ. राजदीप, सहायक आयुक्त राज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा एनटीपीसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में कोल डैम परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। डिवीजनल कमिश्नर ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि विस्थापित परिवारों को दिए जाने वाले 12 प्लॉटों से संबंधित राजस्व प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इन प्लॉटों पर बिजली, पानी तथा सड़क जैसी सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाई जाएं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के लिए सोलर लाइटें लगाने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में जानकारी दी गई कि एनटीपीसी द्वारा ब्लास्टिंग से प्रभावित परिवारों को अब तक 17 लाख 64 हजार 688 रूपए की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त परियोजना से प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में भी कार्य किया गया है। अब तक 440 प्रभावित लोगों को अस्थायी रोजगार तथा 25 लोगों को स्थायी रोजगार प्रदान किया गया है। डिवीजनल कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को एनटीपीसी की जॉब पॉलिसी के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें।

बैठक के दौरान हरनोडा क्षेत्र में बच्चों और युवाओं के लिए खेल सुविधाएं विकसित करने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डिवीजनल कमिश्नर ने जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि वह संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि वहां किस प्रकार की खेल सुविधाएं और खेल मैदान विकसित किए जा सकते हैं, ताकि स्थानीय युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि गैर-सरकारी सदस्यों के साथ नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि विस्थापित परिवारों की समस्याओं और मांगों को समय रहते समझा जा सके और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में विस्थापित परिवारों को दिए गए प्लॉटों में पानी की उपलब्धता, सड़क सुविधा तथा ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई। डिवीजनल कमिश्नर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएं, ताकि विस्थापित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

इसके अतिरिक्त हरनोडा योजना के अंतर्गत लगभग 59 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कृषि तथा उद्यान विभाग द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसान आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल खेती की ओर प्रेरित हो सकें।

डिवीजनल कमिश्नर ने कहा कि कोल डैम परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आजीविका से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए विस्थापित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

यह बैठक 8 दिसंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कोल डैम विस्थापित एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में आयोजित की गई।
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नलवाड़ी मेला 2026 की शोभा यात्रा की सामग्री आपूर्ति के लिए अल्प अवधि निविदाएं आमंत्रित
बिलासपुर, 09 मार्च : राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 की शोभा यात्रा के लिए आवश्यक सामग्री की आपूर्ति से सम्बन्धित एसडीएम सदर, बिलासपुर द्वारा सर्व साधारण एवं स्थानीय कपड़ा विक्रेताओं से अल्प अवधि निविदाएं आमंत्रित की हैं। इच्छुक विक्रेता निर्धारित सामग्री के नमूने सहित अपनी निविदाएं 11 मार्च 2026 को दोपहर 12ः30 बजे तक एसडीएम कार्यालय में जमा कर सकते हैं। प्राप्त निविदाओं को 11 मार्च 2026 को ही सायं 3ः30 बजे निविदादाताओं या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोला जाएगा।
इस बारे जानकारी देते हुए एसडीएम सदर डाॅ. राजदीप सिंह ने बताया कि निविदा के अंतर्गत वी.आई.पी. पगड़ी, साधारण पगड़ी, सफेद व गुलाबी पगड़ी तथा महिला दुपट्टा/स्टॉल की आपूर्ति की जानी है। उन्होंने बताया कि निविदादाताओं को 10 हजार रुपये की धरोहर राशि डिमांड ड्राफ्ट के रूप में जमा करवानी होगी तथा आपूर्ति की जाने वाली सामग्री निर्धारित नमूने के अनुरूप होनी चाहिए। चयनित निविदादाता को 15 मार्च 2026 को सांय 4ः30 बजे तक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
एसडीएम ने बताया कि किसी परिस्थिति में निविदा को रद्द करने का अधिकार होगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक विक्रेता निर्धारित तिथि से पूर्व अपनी निविदाएं कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें।
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बिलासपुर में अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत 14 वरिष्ठ नागरिकों के किए सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन

बिलासपुर 09 मार्च: जिला बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से क्षेत्रीय अस्पताल में 14 वरिष्ठ नागरिकों के किए सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए। यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने दी।

इस बारे उपायुक्त बिलासपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत जिला भर में मोतियाबिंद से ग्रसित वरिष्ठ नागरिकों की पहचान कर जरूरतमंद लोगों को समय पर निशुल्क उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत पिछले लगभग तीन माह से जिला के विभिन्न क्षेत्रों में स्क्रीनिंग प्रक्रिया निरंतर जारी है। व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक जिला के विभिन्न क्षेत्रों से काफी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

उपायुक्त ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच में पहले चरण में 14 वरिष्ठ नागरिक ऑपरेशन के लिए पात्र पाए गए, जिनके मोतियाबिंद के ऑपरेशन आज सफलतापूर्वक किए गए। यह सभी ऑपरेशन आधुनिक तकनीक से किए गए हैं, जिनमें उच्च गुणवत्ता के लेंस प्रत्यारोपित किए गए। ऑपरेशन के बाद लाभार्थियों को चश्मा भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण उपचार पूरी तरह निःशुल्क किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रति ऑपरेशन लगभग 13 हजार रूपए का व्यय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लाभार्थियों को आवागमन के लिए एक हजार रूपए की सहायता राशि भी प्रदान की जा रही है।
उपायुक्त ने कहा कि मोतियाबिंद बढ़ती आयु के साथ होने वाली एक सामान्य समस्या है और इसमें घबराने की आवश्यकता नहीं होती। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से इसका उपचार सरल और सुरक्षित तरीके से संभव है तथा समय पर जांच और उपचार से दृष्टि को पुनः सामान्य किया जा सकता है।

उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से अपील की कि यदि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी वरिष्ठ नागरिक मोतियाबिंद से पीड़ित है और अभी तक इस योजना का लाभ नहीं ले पाया है, तो वह अपने क्षेत्र के जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी अथवा सचिव रेड क्रॉस सोसायटी बिलासपुर से संपर्क कर स्क्रीनिंग के लिए पंजीकरण करवा सकते है। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग के उपरांत पात्र पाए जाने पर उनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन निःशुल्क करवाया जाएगा।

आज आयोजित किए गए मोतियाबिंद ऑपरेशन के 14 लाभार्थियों की सूची

जिला बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों से चिन्हित लाभार्थियों के मोतियाबिंद ऑपरेशन आज क्षेत्रीय अस्पताल में आयोजित किए गये। चयनित लाभार्थियों को उनकी तहसीलवार सूची के अनुसार निम्न प्रकार से शामिल किया गया है।

तहसील झंडूत्ता
तहसील झंडूत्ता से इंदर सिंह पुत्र हरि राम निवासी गांव काकरिहार डाकघर मल्होट, अमर सिंह पुत्र हरिया राम निवासी गांव सलवाड़ डाकघर मल्होट तथा भंडारी राम पुत्र मगत राम निवासी गांव काकरिहार डाकघर मल्होट के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए।

तहसील सदर बिलासपुर
तहसील सदर से निक्कू राम पुत्र झोलू राम निवासी गांव करोट डाकघर डोभा, बुधी सिंह पुत्र मुंशी राम निवासी वृद्ध आश्रम वीपीओ देवली, मनसा राम निवासी गांव करोट डाकघर डोभा, कृष्ण लाल पुत्र अत्रा राम निवासी गांव करोट डाकघर डोभा, रोशनी देवी पत्नी सुख राम निवासी गांव डगडेच, स्वरवन कुमार पुत्र तुलसी राम निवासी गांव धार टटोह तथा महंती देवी पत्नी बंडारू राम निवासी वीपीओ देवली के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए।

तहसील घुमारवीं
तहसील घुमारवीं से कलां देवी पत्नी बक्शी राम निवासी गांव पलास डाकघर कपाहड़ा, रत्तनी देवी पत्नी निक्कू राम निवासी गांव पलास डाकघर कपाहड़ा, मस्त राम तथा गंगू राम पुत्र मौजी राम निवासी गांव नल्टी डाकघर पनोह के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए।

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बिलासपुर में अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत 14 वरिष्ठ नागरिकों के किए सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन

बिलासपुर 09 मार्च: जिला बिलासपुर में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से क्षेत्रीय अस्पताल में 14 वरिष्ठ नागरिकों के किए सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए। यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने दी।

इस बारे उपायुक्त बिलासपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत जिला भर में मोतियाबिंद से ग्रसित वरिष्ठ नागरिकों की पहचान कर जरूरतमंद लोगों को समय पर निशुल्क उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत पिछले लगभग तीन माह से जिला के विभिन्न क्षेत्रों में स्क्रीनिंग प्रक्रिया निरंतर जारी है। व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक जिला के विभिन्न क्षेत्रों से काफी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

उपायुक्त ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच में पहले चरण में 14 वरिष्ठ नागरिक ऑपरेशन के लिए पात्र पाए गए, जिनके मोतियाबिंद के ऑपरेशन आज सफलतापूर्वक किए गए। यह सभी ऑपरेशन आधुनिक तकनीक से किए गए हैं, जिनमें उच्च गुणवत्ता के लेंस प्रत्यारोपित किए गए। ऑपरेशन के बाद लाभार्थियों को चश्मा भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण उपचार पूरी तरह निःशुल्क किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रति ऑपरेशन लगभग 13 हजार रूपए का व्यय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लाभार्थियों को आवागमन के लिए एक हजार रूपए की सहायता राशि भी प्रदान की जा रही है।
उपायुक्त ने कहा कि मोतियाबिंद बढ़ती आयु के साथ होने वाली एक सामान्य समस्या है और इसमें घबराने की आवश्यकता नहीं होती। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से इसका उपचार सरल और सुरक्षित तरीके से संभव है तथा समय पर जांच और उपचार से दृष्टि को पुनः सामान्य किया जा सकता है।

उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से अपील की कि यदि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी वरिष्ठ नागरिक मोतियाबिंद से पीड़ित है और अभी तक इस योजना का लाभ नहीं ले पाया है, तो वह अपने क्षेत्र के जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी अथवा सचिव रेड क्रॉस सोसायटी बिलासपुर से संपर्क कर स्क्रीनिंग के लिए पंजीकरण करवा सकते है। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग के उपरांत पात्र पाए जाने पर उनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन निःशुल्क करवाया जाएगा।

आज आयोजित किए गए मोतियाबिंद ऑपरेशन के 14 लाभार्थियों की सूची

जिला बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों से चिन्हित लाभार्थियों के मोतियाबिंद ऑपरेशन आज क्षेत्रीय अस्पताल में आयोजित किए गये। चयनित लाभार्थियों को उनकी तहसीलवार सूची के अनुसार निम्न प्रकार से शामिल किया गया है।

तहसील झंडूत्ता
तहसील झंडूत्ता से इंदर सिंह पुत्र हरि राम निवासी गांव काकरिहार डाकघर मल्होट, अमर सिंह पुत्र हरिया राम निवासी गांव सलवाड़ डाकघर मल्होट तथा भंडारी राम पुत्र मगत राम निवासी गांव काकरिहार डाकघर मल्होट के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए।

तहसील सदर बिलासपुर
तहसील सदर से निक्कू राम पुत्र झोलू राम निवासी गांव करोट डाकघर डोभा, बुधी सिंह पुत्र मुंशी राम निवासी वृद्ध आश्रम वीपीओ देवली, मनसा राम निवासी गांव करोट डाकघर डोभा, कृष्ण लाल पुत्र अत्रा राम निवासी गांव करोट डाकघर डोभा, रोशनी देवी पत्नी सुख राम निवासी गांव डगडेच, स्वरवन कुमार पुत्र तुलसी राम निवासी गांव धार टटोह तथा महंती देवी पत्नी बंडारू राम निवासी वीपीओ देवली के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए।

तहसील घुमारवीं
तहसील घुमारवीं से कलां देवी पत्नी बक्शी राम निवासी गांव पलास डाकघर कपाहड़ा, रत्तनी देवी पत्नी निक्कू राम निवासी गांव पलास डाकघर कपाहड़ा, मस्त राम तथा गंगू राम पुत्र मौजी राम निवासी गांव नल्टी डाकघर पनोह के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए।