ग्रामीण विकास को गति देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: केवल सिंह पठानिया
शाहपुर, 9 मार्च: आज शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने ग्राम पंचायत भुपलहर के तहत करनोला में लगभग 4 लाख रुपये की लागत से बनने वाले महिला मंडल भवन का विधिवत शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निवारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
विधायक केवल सिंह पठानिया ने वन विभाग विश्रामगृह लपियाना में लगभग 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त भवन का लोकार्पण भी किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
विधायक ने अधिकारियों को वन विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्तर पर बिजली, पेयजल और सड़कों के रखरखाव को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण व्यवस्थाओं में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी वन संवर्धन योजना आज एक जन आंदोलन के रूप में नई पहचान बना रही है। यह पहल केवल वनीकरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। विशेष रूप से महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया है।
इस योजना के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र बढ़ाने और लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सामुदायिक भागीदारी के कारण यह पहल अब एक व्यापक जनभागीदारी अभियान का रूप ले चुकी है, जो आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणास्रोत साबित होगी।
उन्होंने बताया कि चंगर क्षेत्र में लपियाना तथा उससे लगती 6 पंचायतों में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजनाओं पर कार्य चल रहा है। वहीं विद्युत विभाग द्वारा क्षेत्र में 37 लाख रुपये के कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 28 लाख रुपये के कार्य प्रगति पर हैं।
इसके उपरांत विधायक ने परगोड में भी लोगों की जनसमस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग नीरज गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग अमित डोगरा, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग अमित शर्मा, खंड विकास अधिकारी कमलजीत गुप्ता, नायब तहसीलदार संजय, डीएफओ अमित शर्मा, रेंज आॅफिसर सुमित शर्मा, कांग्रेस कमेटी चंगर क्षेत्र के प्रधान सुरजन सिंह, विक्रम सिंह गुलेरिया, पूर्व सैनिक लीग यूनिट हारचकियां के प्रतिनिधि, पूर्व प्रधान बुद्धि सिंह, प्रधान हेमराज परगोड, मनजीत राणा, तिलक राज राणा, कैप्टन शमशेर सिंह, कैप्टन कृष्ण चंद, संजय कुमार, पूर्व जिला परिषद सदस्य गगन सिंह, बुद्धि सिंह, कमलेश ठाकुर , हेम राज, श्यामा गुलेरिया, जोगिंदर सिंह, राहुल शर्मा, कैप्टन मनोज सिंह सहित विभिन्न पंचायत प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के टूर एंड ट्रैवल विभाग का शाहपुर के पर्यटन स्थलों पर शोध भ्रमण
सल्ली घाटी में ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक व्यंजनों से हुआ विद्यार्थियों का स्वागत, बिच्छू बूटी की सब्ज़ी बनी आकर्षण
धर्मशाला, 9 मार्च-राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के टूर एंड ट्रैवल विभाग के विद्यार्थियों का दो दिवसीय शैक्षणिक एवं शोधपरक भ्रमण शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर सम्पन्न हुआ।
शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया की उपस्थिति में विद्यार्थियों को धारकण्डी क्षेत्र के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था ।
इस अवसर पर विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन संभावनाओं से भरपूर है। यह भ्रमण विद्यार्थियों को पर्यटन के व्यावहारिक पहलुओं को समझने और पर्यटन विकास के लिए नए विचार प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि बेहतर और नवाचारपूर्ण सुझाव देने वाले विद्यार्थियों को विधानसभा सत्र के दौरान सम्मानित भी किया जाएगा।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सल्ली घाटी, बोह घाटी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर ग्रामीण पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया।
सल्ली घाटी पहुंचने पर स्थानीय लोगों द्वारा विद्यार्थियों का ढोल-नगाड़ों के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को हिमाचली व्यंजनों का स्वाद भी चखने को मिला, जिसमें बिच्छू बूटी की सब्ज़ी, कांगड़ी खट्टा, मदरा और बुरांश के फूलों की चटनी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
विद्यार्थियों ने रुलहेड बोह में स्थित विश्व कुलदेवी मलह माता सुकराला देवी मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद भी प्राप्त किया और धार्मिक पर्यटन के महत्व को समझा। इसके अलावा मोरछ गांव में ग्रामीण पर्यटन से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करते हुए स्थानीय लोगों से बातचीत कर महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त कीं।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ट्राउट मछली उत्पादन इकाई का भी अवलोकन किया तथा प्रसिद्ध पर्यटक स्थल खबरू महादेव मंदिर में भी दर्शन किए।
टूर एंड ट्रैवल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कटोच और तरसेम जरयाल ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को ग्रामीण, सांस्कृतिक और सतत पर्यटन के विभिन्न आयामों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
विद्यार्थी इस अनुभव के आधार पर अपनी शोध रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे महाविद्यालय में जमा किया जाएगा ।
शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल एक यादगार अनुभव रहा बल्कि ग्रामीण पर्यटन, शोध और स्थानीय संस्कृति को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी सिद्ध हुआ।