घुमारवीं (बिलासपुर), 08 मार्च: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि महिलाएं परिवार और समाज को जोड़ने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। महिलाओं के बिना न तो परिवार का अस्तित्व संभव है और न ही समाज की कल्पना की जा सकती है। ऐसे में संतुलित सामाजिक विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है। राजेश धर्माणी आज घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत संलाओ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि महिलाओं में अपार शक्ति और क्षमता होती है तथा उन्हें जीवन में उचित अवसर और सम्मान मिले तो वह समाज के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से दैनिक जीवन के तनाव को कम करने के लिए स्वयं के लिए भी समय निकालने पर जोर दिया। योग, व्यायाम और सैर जैसी गतिविधियों का अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए ताकि उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। उन्होंने कहा कि यदि महिला स्वस्थ होगी तो पूरा परिवार भी स्वस्थ रहेगा, ऐसे में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

राजेश धर्माणी ने कहा कि हाल ही में घुमारवीं क्षेत्र की बेटियों ने अंडर-19 राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह पूरे क्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश के लिए गर्व की बात है और इससे अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान और कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है तथा विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिला सशक्तीकरण की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि घुमारवीं के मोर सिंघी क्षेत्र में महिलाओं के लिए सरकारी क्षेत्र में छात्रावास स्थापित किया जाएगा, जिस पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए विशेष खेल टूर्नामेंट आयोजित करने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि उन्हें खेलों में भाग लेने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।
श्री धर्माणी ने कहा कि समाज में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। इससे महिलाओं को मनोरंजन के साथ-साथ अपने विचार साझा करने और आगे बढ़ने के अवसर भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक उपलब्धियों का भी उत्सव है।

इससे पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी बिलासपुर नरेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्षा अंजना धीमान, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार, सीडीपीओ रंजना शर्मा, पूर्व प्रधान सुलक्षणा पठानिया, पूर्व प्रधान नंद लाल शर्मा, बी.डी. शर्मा, निर्मला राजपूत, रिंकू कुमारी (प्रधानाचार्य केंद्रीय विद्यालय), संलाओ पंचायत के पूर्व प्रधान संदीप कुमार तथा महिला कांग्रेस अध्यक्षा नीलम शर्मा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।