*जिला मंडी में नशा उन्मूलन को लेकर जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित*
*24 अति संवेदनशील पंचायतों में नशामुक्त अभियान के तहत प्रतिमाह पहले सोम, मंगल व बुधवार को होंगी विशेष बैठकें- अपूर्व देवगन*
*मंडी, 02 फरवरी।* उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज पुलिस लाईन मंडी के सभागार में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशा तस्करी की रोकथाम, नशा पीड़ितों के उपचार एवं पुनर्वास तथा जनजागरूकता को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिला मंडी में 24 पंचायतों को अति संवेदनशील (रेड जोन) के रूप में चिन्हित किया गया है। इन पंचायतों को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में सोमवार, मंगलवार एवं बुधवार को विशेष बैठकों का आयोजन किया जाए, जिसमें लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अपूर्व देवगन ने निर्देश दिए कि जिले के सभी नशा मुक्ति केंद्रों में चिकित्सकों द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए ताकि उपचाराधीन व्यक्तियों की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा सके। उन्होंने बताया कि नशा उन्मूलन अभियान में ब्रह्मकुमारी संस्था व आर्ट ऑफ लिविंग का सहयोग मिल रहा है, जो योग, ध्यान एवं परामर्श के माध्यम से नशा पीड़ितों के पुनर्वास में सहायक सिद्ध हो रहा है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अगली एनकॉर्ड समिति की बैठक से पूर्व अपने-अपने विभागों द्वारा नशा मुक्ति से संबंधित सुझाव एवं ठोस एक्शन प्लान प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें, ताकि समन्वित रणनीति के तहत प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अपूर्व देवगन ने कहा कि नशा उन्मूलन के लिए प्रवर्तन, उपचार, पुनर्वास एवं जनजागरूकता—चारों स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं और जिला प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि नशा उन्मूलन के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपील की कि नशे के सेवन, तस्करी अथवा नशा संबंधित गतिविधियों से जुड़े हॉटस्पॉट की सूचना जिला प्रशासन को साझा करें। कोई भी नागरिक यह जानकारी ई-मेल dcmandi33@gmail.com अथवा व्हाट्सएप नंबर 9317221001 पर भेज सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि नशे की रोकथाम, परामर्श एवं उपचार सेवाओं के लिए नागरिक “ड्रग फ्री हिमाचल” ऐप के साथ-साथ 1800-11-0031, 1933 तथा 14446 नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबरों का लाभ उठा सकते हैं।
बैठक में पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने बताया कि 14 जनवरी, 2026 को जिले की 69 कूरियर एजेंसियों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें कोई संदिग्ध सामग्री नहीं पाई गई। कूरियर सेवा प्रदाताओं को नशे की तस्करी रोकने को लेकर कूरियर एजेंसियों पर सर्च ऑपरेशन चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी, 2026 को जिला मंडी की 166 पंचायतों में पंचायत स्तरीय बैठकों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
बैठक में जिला पुलिस द्वारा एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत की गई हालिया कार्रवाइयों की समीक्षा भी की गई। पुलिस विभाग ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 33 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 49 पुरुष व 1 महिला सहित कुल 50 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। जब्त किए गए मादक पदार्थों में अफीम के 2 मामले, चिट्टा/हेरोइन के 12 मामले, चरस के 18 मामले तथा प्रतिबंधित दवाओं (एमडीएमए ) के 2 मामले शामिल हैं।
यह भी जानकारी दी गई कि दिसंबर, 2025 में 24 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए थे, जबकि जनवरी, 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 33 हो गई। इसी अवधि में चिट्टा/हेरोइन की बरामदगी 37.16 ग्राम से बढ़कर 172.27 ग्राम हो गई, जबकि चरस की बरामदगी 5.813 किलोग्राम से बढ़कर 10.451 किलोग्राम दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त 138.165 किलोग्राम पोस्त भूसा भी जब्त किया गया।
बैठक में पीआईटी एनडीपीएस मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस वर्ष अब तक 18 मामले उच्च अधिकारियों को भेजे गए, जिनमें से 4 मामलों में तीन माह की हिरासत में रखने की सजा सुनाई गई।
आज की बैठक में नगर निगम के आयुक्त रोहित राठौर, पुलिस, स्वास्थ्य, जिला कल्याण, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जिला के धरमेहड़, सलापड़, बाड़ी गुमाणु, चौंतड़ा, गागल, सदयाणा, धमच्याण, नगवाईं, कांगू, नागचला, रंधाड़ा, सुधार व कुम्मी में भी नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं।
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अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी 2026 के लिए ऑडिशन शुरू, पहले दिन स्पेशल चाइल्ड हंट सहित दिव्यांगजनों के लिए आयोजित ऑडिशन में 27 कलाकारों ने लिया भाग
मंडी, 2 फरवरी-अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी 2026 के अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों के लिए ऑडिशन आज से आरंभ हो गए। पहले दिन स्पेशल चाइल्ड टेलेंट हंट एवं अन्य दिव्यांगजनों के लिए आयोजित ऑडिशन में कुल 27 कलाकारों ने भाग लिया। इन ऑडिशनों में विशेष योग्यता प्राप्त बच्चों के संस्थान (बालिका), सुंदरनगर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए दिव्यांगजनों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने गायन एवं नृत्य जैसी सांस्कृतिक विधाओं में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित निर्णायक मंडल द्वारा बड़े ध्यानपूर्वक देखा गया।
अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने बताया कि आज पहले दिन केवल स्पेशल चाइल्ड हंट तथा अन्य दिव्यांगजनों के लिए ऑडिशन रखे गए थे, ताकि उन्हें महोत्सव के मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिल सके। उन्होंने बताया कि छोटी काशी अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2026 के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रमों को और अधिक समावेशी एवं प्रेरणादायी बनाने के उद्देश्य से युवा सेवा एवं खेल विभाग के पड्डल मैदान स्थित टेबल टेनिस हॉल में ‘स्पेशल चाइल्ड टेलेंट हंट’ एवं अन्य दिव्यांगजनों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के ऑडिशन आयोजित किए गए।
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में वॉयस ऑफ शिवरात्रि प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों के लिए 3, 4 और 5 फरवरी को उपमंडल स्तर पर तथा 6 फरवरी को जिला स्तर पर गायन के ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे, जबकि 7 फरवरी को मंडी सहित अन्य जिलों के डांस ऑडिशन होंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन मंडी द्वारा दिव्यांगजनों एवं विशेष बच्चों को समान मंच प्रदान करने की दिशा में यह पहल एक सकारात्मक कदम है, जिससे उनकी प्रतिभा को सम्मान और पहचान मिल सके। साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक कलाकारों से निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर पहुंचकर ऑडिशन में भाग लेने का आग्रह किया।
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शैव, वैष्णव और लोक परंपराओं का जीवंत संगम है अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी
मंडी, 2 फरवरी । अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी सदियों से शैव, वैष्णव और लोक परंपराओं के संगम का प्रतीक रहा है। यह महोत्सव मंडी की धार्मिक आस्था के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक चेतना और देव परंपरा को भी अभिव्यक्त करता है। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह महोत्सव मंडी नगर की विशिष्ट पहचान बन चुका है।
विपाशा (ब्यास) नदी के तट पर बसी सांस्कृतिक नगरी मंडी में इस वर्ष 16 फरवरी से 22 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जो नगर की सांस्कृतिक निरंतरता और ऐतिहासिक विरासत को रेखांकित करता है।
महोत्सव में बाबा भूतनाथ शैव परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि राज देवता माधो राय वैष्णव परंपरा के प्रतीक माने जाते हैं। इसके साथ ही बड़ा देव कमरूनाग लोक आस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं। शैव परंपरा का अर्थ भगवान शिव की उपासना से है, वैष्णव परंपरा भगवान विष्णु एवं उनके अवतारों की भक्ति से जुड़ी है, जबकि लोक परंपरा क्षेत्रीय देवी-देवताओं और स्थानीय आस्थाओं का प्रतिनिधित्व करती है।
महोत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से देवताओं का मंडी आगमन होता है। देव मिलन की यह परंपरा मंडी की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। पारंपरिक विधि-विधान के साथ आयोजित धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और शोभायात्राएं महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहती हैं।
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह मंडी की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विविधता का भी प्रतीक है। महोत्सव के माध्यम से मंडी की देव संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
उपायुक्त मंडी ने अपूर्व देवगन ने कहा कि मंडी नगर की स्थापना के 500 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, इसलिए इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव को और अधिक गौरवपूर्ण एवं भव्य तरीके से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि महोत्सव के सफल आयोजन के लिए मेला समिति द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
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मैड़ी मेले के सफल संचालन को लेकर एडीसी ने की समीक्षा बैठक
24 फरवरी से 5 मार्च तक आयोजित होगा होली मैड़ी मेला : महेंद्र पाल गुर्जर
ऊना, 2 फरवरी। उपमंडल अंब के मैड़ी में 24 फरवरी से 5 मार्च तक आयोजित होने वाले होली मैड़ी मेले के दृष्टिगत सुरक्षा एवं व्यवस्थागत प्रबंधों को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त ऊना महेंद्र पाल गुर्जर ने आज(सोमवार) को बीडीओ कार्यालय अंब स्थित समिति हॉल में समीक्षा बैठक की। बैठक में एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल, डीएसपी अम्ब अनिल पटियाल, स्वास्थ्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुखदीप सिंह सिधू, बीडीओ ओमपाल डोगरा सहित गुरुद्वारा प्रबंधन, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने मेले के सफल, सुरक्षित और सुचारू आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बताया कि मेला अवधि के दौरान पुलिस, यातायात, स्वच्छता, विद्युत, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सभी एजेंसियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में मेडिकल पोस्ट भी स्थापित की जाएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि मेला अवधि के दौरान एडीसी ऊना मेला अधिकारी तथा एसडीएम अंब सहायक मेला अधिकारी होंगे, जबकि एएसपी ऊना पुलिस मेला अधिकारी और डीएसपी अंब सहायक पुलिस मेला अधिकारी के रूप में तैनात रहेंगे। मेले के दौरान 850 पुलिस जवान, 125 महिला पुलिस कर्मी तथा 750 होमगार्ड जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। उन्होंने बताया कि 3 मार्च को निशान साहिब (झंडा चढ़ाने) की रस्म तथा 5 मार्च की मध्यरात्रि को पंजा प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
*मालवाहक वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध
अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मेला अवधि के दौरान ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, टैम्पू एवं अन्य मालवाहक वाहनों से श्रद्धालुओं का आना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहनों में आने वाले यात्रियों को बॉर्डर क्षेत्र पर ही रोका जाएगा तथा नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालु केवल एचआरटीसी बसों के माध्यम से ही मेला क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे।
*मेला क्षेत्र 10 सेक्टरों में विभाजित
उन्होंने बताया कि व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मेला क्षेत्र को 10 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। यातायात, पार्किंग, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी सेक्टर-वार की जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा आयुष विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। आपात स्थिति में मरीजों की सुविधा के लिए नैहरी, मैड़ी और चरण गंगा में एक-एक एंबुलेंस तैनात रहेगी।
इसके अतिरिक्त ऊना-मैहतपुर, हरोली-पंडोगा तथा मरवाड़ी-मुबारिपुर तीन अतिरिक्त सेक्टर बनाए गए हैं, जिनके सेक्टर मजिस्ट्रेट संबंधित एसडीएम होंगे। नेटवर्क समस्या के समाधान के लिए जियो और एयरटेल के प्रतिनिधियों को मेला क्षेत्र में ट्रांसमीटर व रिसीवर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
*टैक्सियों के लिए स्पेशल परमिट
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि नैहरी से मैड़ी तक यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए पहली 100 टैक्सियों को एसडीएम कार्यालय अंब से स्पेशल परमिट जारी किए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के अनुसार अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने बताया की सड़क किनारे लंगर लगाने की अनुमति नहीं होगी। लंगर लगाने के लिए एसडीएम ऑफिस से अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा तथा दस हज़ार की सुरक्षा राशि जमा करवानी होगी, जिसमें पाँच हज़ार रिफंडेबल और पाँच हज़ार नॉन रिफंडेबल रहेगा।
*खाद्य सामग्री व स्वच्छता पर विशेष निगरानी
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ऊना मेला अवधि के दौरान खाद्य सामग्री, प्लास्टिक, खुली बोतलों में पेट्रोल-डीजल, गुब्बारे फुलाने वाले सिलेंडर एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग पर कड़ी निगरानी रखेंगे।
पीडब्ल्यूडी सड़कों की मरम्मत, जल शक्ति विभाग पेयजल आपूर्ति तथा साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। मेला क्षेत्र में स्वच्छता का जिम्मा सुलभ इंटरनेशनल को सौंपा गया है। प्रत्येक दुकान के बाहर डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा।
*बनेगी आपातकालीन निकासी योजना
अतिरिक्त उपायुक्त ने डेरा बाबा बड़भाग सिंह, श्री चरण गंगा तथा श्री मंजी साहिब गुरुद्वारा सहित अन्य धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों को आपातकालीन निकासी योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, मेला क्षेत्र में सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही धीमी आवाज में लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति होगी।
उन्होंने धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों, प्रतिनिधियों एवं सीमावर्ती पंचायतों के जनप्रतिनिधियों से मेले के सफल आयोजन में सहयोग की अपील की।
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