नीलोखेड़ी, 29.01.26-। ग्रासरूट स्तर पर पंचायतों द्वारा किए जा रहे नवाचार सुशासन की मजबूत नींव हैं और सेवा वितरण को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन प्रयासों को पहचान और प्रोत्साहन देकर ही ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकता है। यह विचार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों से संबंधित सत्यापन प्रक्रिया पर आयोजित राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन कार्य समयबद्ध, निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। इस पुरस्कार के अंतर्गत 17 पंचायतों के कार्यों का सत्यापन किया जा रहा है, जिनमें से एक सर्वश्रेष्ठ पंचायत राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेगी। बैठक में सत्यापन प्रक्रिया, मूल्यांकन मानदंड और समन्वय कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।