नशामुक्त ऊना और सड़क सुरक्षा के लिए और कड़े कदम उठाए जाएंगे : डीसी जतिन लाल
बच्चों के बाइक-स्कूटी से स्कूल आने पर होगी कार्रवाई, अभिभावकों व स्कूल प्रबंधन की तय होगी जवाबदेही
*ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में सस्पेंड होंगे लाइसेंस
ऊना, 28 जनवरी. उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि ऊना जिले को नशामुक्त बनाने और सड़क दुर्घटनाओं से सुरक्षित करने के लिए प्रशासन द्वारा और अधिक सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों का बाइक या स्कूटी से स्कूल आना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है और इस पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि इस संबंध में एसडीएम विद्यालयों का औचक निरीक्षण करें। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर अभिभावकों के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
उपायुक्त मंगलवार को डीआरडीए बैठक हाल में एन-कॉर्ड (राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति तथा इसके उपरांत आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
*ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में लाइसेंस होंगे सस्पेंड
उपायुक्त ने जिले में ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाना कानून का गंभीर उल्लंघन होने के साथ-साथ आमजन के जीवन और सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की हालत में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए जाएंगे, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अतिरिक्त ओवर-स्पीडिंग, खतरनाक ड्राइविंग, ओवरलोडिंग तथा संज्ञेय अपराधों के मामलों में भी किसी प्रकार की ढील न बरतने और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
*ब्लैक स्पॉट्स सुधारें, बाजारों में सख्ती से लागू हों नो-पार्किंग व नो-वेंडिंग जोन
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं, ताकि हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
उन्होंने सभी प्रमुख बाजार क्षेत्रों में घोषित नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन को सख्ती से लागू करने तथा इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड्स की संख्या बढ़ाई जाए तथा बैरियर और रंबल स्ट्रिप्स लगाए जाएं।
नेशनल हाईवे पर स्थित दी-हट्टी स्ट्रेच को दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील बताते हुए वहां विशेष निगरानी और सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
*स्कूलों में नशा निवारण की नियमित शपथ
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों की मॉर्निंग असेंबली के दौरान नशा निवारण की नियमित शपथ दिलाई जाए। इसके अलावा नशा निवारण और सड़क सुरक्षा को लेकर विद्यालयों में नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं।
इन कार्यक्रमों की मासिक रिपोर्ट डीसी और एसपी कार्यालय को नियमित रूप से भेजने के निर्देश भी दिए गए।
*‘अपना विद्यालय’ कार्यक्रम के तहत स्कूलों का नियमित दौरा करें अधिकारी
जतिन लाल ने ‘अपना विद्यालय’ कार्यक्रम के तहत विद्यालय गोद लेने वाले अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से स्कूलों का दौरा करें और विद्यार्थियों से नशे के दुष्प्रभाव, सड़क सुरक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर संवाद करें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का इस दिशा में विशेष जोर है और सभी अधिकारियों को इस सोच के अनुरूप जिम्मेदारी से अपने दायित्व निभाने चाहिए।
*निजी नशा निवारण केंद्रों पर रहेगी कड़ी नजर
उपायुक्त ने जिले में संचालित निजी नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों की सघन निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में कार्यरत स्टाफ, स्वयंसेवियों तथा भर्ती व्यक्तियों का अद्यतन रिकॉर्ड पुलिस और प्रशासन के पास उपलब्ध होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
*फरवरी में आयोजित होगी एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रहे एंटी-चिट्टा अभियान के तहत ऊना जिले में फरवरी के दूसरे सप्ताह एक जागरूकता वॉकाथॉन आयोजित की जाएगी। इसमें शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।*
*पहली बार सस्पेंड, बार-बार नियम तोड़ने पर रद्द होगा लाइसेंस : एसपी
बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने कहा कि ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में पहली बार लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा, जबकि बार-बार नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस पूरी तरह रद्द किए जाएंगे।
उन्होंने सभी विभागों से अपील की कि नशे और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों, विशेषकर नशे की सप्लाई या ग्रहण करने,बच्चों द्वारा वाहन चलाने तथा अन्य नियम उल्लंघनों की सूचनाएं पुलिस के साथ साझा करें।
बैठक में एएसपी सुरेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा, एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, उपायुक्त आबकारी विशाल गोरला, सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा अनिल कुमार, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोमलाल, डीएसपी मोहन रावत, डीएसपी अनिल पटियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष पद के लिए आवेदन आमंत्रितऊना, 28 जनवरी. जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊना नरेंद्र कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में अध्यक्ष पद को भरने के लिए पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।उन्होंने जानकारी दी कि इच्छुक उम्मीदवार इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 3 फरवरी 2026, सायं 5 बजे निर्धारित की गई है।इसके अलावा उन्होंने बताया कि इससे पूर्व में 18 जुलाई 2023 एवं 5 अगस्त 2025 को जारी विज्ञापनों के तहत आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष पद से संबंधित पात्रता मापदंड, नियम एवं अन्य विवरण महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट himachal.nic.in/wcd पर उपलब्ध हैं।नरेंद्र कुमार ने जिले के पात्र एवं इच्छुक उम्मीदवारों से निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन करने का आग्रह किया है।
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मेहतपुर में जेम पोर्टल, बिजनेस प्लानिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट पर कार्यशाला का आयोजन
ऊना, 28 जनवरी. उद्यमियों, स्टार्टअप्स तथा सूक्ष्म एवं लघु व्यवसायों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बुधवार को सर्विस बिल्डिंग, औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला प्रदेश के उद्योग विभाग द्वारा नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज के माध्यम से आयोजित की गई थी।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु उच्च कुशल प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्र लिए गए।
आरएएमपी की डिप्टी प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मीनाक्षी ठाकुर ने बिजनेस प्लानिंग एवं फाइनेंशियल मैनेजमेंट विषय पर जबकि जेम (जीईएम-गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) विषय पर पुनीत बख्शी ने प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र, ऊना के अधिकारी एवं कर्मचारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को जेम पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया, टेंडरिंग सिस्टम, उत्पाद लिस्टिंग, भुगतान प्रणाली तथा सरकारी खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही बिजनेस प्लानिंग के अंतर्गत लक्ष्य निर्धारण, बाजार विश्लेषण, रणनीति निर्माण तथा जोखिम प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन किया गया। फाइनेंशियल मैनेजमेंट सत्र में बजटिंग, कैश फ्लो प्रबंधन, लागत नियंत्रण, लाभ-हानि विश्लेषण तथा निवेश की प्रभावी योजना बनाने के व्यावहारिक तरीकों पर प्रकाश डाला गया।
कार्यशाला में ऊना जिले के लगभग 43 उद्यमियों, स्टार्टअप संस्थापकों एवं विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। आयोजकों ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं एवं उद्यमियों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से व्यापार के नए अवसरों से जोड़ना तथा उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है। भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।