चण्डीगढ़ : टैगोर थिएटर में मेरी आवाज ही पहचान है संस्था की ओर से गीत-संगीत की एक शाम का आयोजित की गई। संस्था की ओर से नए साल के स्वागत के साथ अपनी दूसरी वर्षगांठ के मौके पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें संस्था के संचालकों संजीत शर्मा और सुनीता धीमान, म्यूजिक अरेंजर सुरिंदर शेरी सहित मुख्य अतिथि डॉ. राजिंदर कौर, विशिष्ट अतिथि जय काम्बोज निदेशक, साधना संगर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में नृत्य की प्रस्तुति नैंसी ने दी।
इसके बाद अमरजीत सिंह ने है अपना दिल तो आवारा गीत पेश किया। संजय शर्मा और रुत्वी सिंह ने आदमी मुसाफिर है गीत पेश किया। आरएन गुप्ता ने मेरे सपनों की रानी, रिपुदमन सिंह राठौड़ और रमन कपूर ने लेके पहला पहला प्यार पेशकर तालियां बटोरीं। मनीष कौशल और अंजू चौहान ने ये रात भीगी भीगी गीत पेश किया।
गगनदीप सिंह ने तू इस तरह से मेरी जिंदगी में गीत पेश किया। राजू धीर ने बहारों फूल बरसाओ पेश कर तालियां बटोरी। बलविंदर सिंह लूथरा और आशा लूथरा ने दिल उसे दो जो जान दे दे, वेद वागड़ी ने मेरी उमर के नौजवानों, कविश कुमार और नैंसी ने यार बिना चैन कहां रे, पलविंदर सिंह जिलेदार ने मैं जट जमला पगला दीवाना सुनाया। डॉ. साहिल बंसल ने अपनी तो जैसे तैसे, आरसी दास युगल व प्रिया मारवाहा ने ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं, गुरविंदर सिंह ने पग घुंघरू बांध, डॉ. रमन कपूर व रिपु दमन सिंह राठौड़ ने लेके पहला पहला प्यार, राजेश चोपड़ा व रुतवी सिंह ने मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे, नरेश सैनी व संजय कौशल ने आने वाले साल को सलाम, कवीश कुमार व नैन्सी ने यार बिना चैन, एडवोकेट प्रिंस शर्मा व डॉ नवीन चावला ने यम्मा यम्मा, विक्की संधू ने याद आ रहा है तेरा प्यार, आर एन गुप्ता ने मेरे सपनों की रानी इत्यादि गीतों द्वारा सुनहरे दौर की याद दिलाई।