सफलता की कहानी-जिला बिलासपुर के बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में लहलहा रही है अनार की फसल
शिवा परियोजना ने बदली 45 किसानों की तकदीर, इस वर्ष 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य
9 हेक्टेयर में रोपित किए हैं 8555 भगवा किस्म के पौधे, गत वर्ष हुआ था 32 मीट्रिक टन उत्पादन
प्रदेश सरकार शिवा परियोजना के माध्यम से चालू वित्त वर्ष में व्यय कर रही है 325 करोड़ रुपये
बिलासपुर, 06 सितम्बर: हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना का परिणाम है कि आजकल जिला बिलासपुर के झंडूता ब्लॉक के बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में अनार की फसल लहलहा रही है। इस परियोजना के तहत लगभग 100 बीघा में स्थापित बगीचे में अनार की फसल पक कर तैयार हो रही है। लाभार्थी किसान इसे बाजार भेजने की तैयारी में जुटे हुए हैं तथा अब तक लगभग 5 मीट्रिक टन अनार बाजार में अच्छे दामों पर बेचा जा चुका है।
वर्ष 2021 में फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (एफएलडी) के तौर पर टिहरी-एक व टिहरी-दो में लगभग 2 हेक्टेयर क्षेत्र में अनार के पौधों का रोपण किया गया, जिसे वर्ष 2022 में बढ़ाकर 9 हेक्टेयर (लगभग 100 बीघा) भूमि में 45 किसानों को जोड़ते हुए क्लस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। क्लस्टर में भगवा प्रजाति के 8555 अनार के पौधे रोपित किए हैं तथा इस वर्ष लगभग 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष लगभग 32 मीट्रिक टन अनार का उत्पादन हुआ था, जिससे लाभार्थी किसानों को लगभग 16 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई है।
जब इस संबंध में लाभार्थी किसान प्रेम लाल नड्डा से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में बतौर एफएलडी बागवानी विभाग के माध्यम से अनार के पौधे रोपित किए गए हैं तथा वर्ष 2022 में लगभग 100 बीघा क्षेत्र में 45 किसानों को जोड़ते हुए क्लस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। गत वर्ष भारी बरसात के कारण बागवानों को हुए नुकसान के बावजूद लगभग 32 लाख रुपये का अनार किसानों ने रिलायंस, स्थानीय मंडी तथा सीधे लोगों को बेचा है तथा लाभार्थी किसानों को लगभग 15-16 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई है।
प्रेम लाल नड्डा ने कहा कि शिवा परियोजना के अंतर्गत स्थापित अनार क्लस्टर में बागवानी एवं जल शक्ति विभाग के माध्यम से विभिन्न विकास कार्य किए गए हैं, जिनमें भूमि का विकास, बेड व पिट तैयार करना, सोलर बाड़बंदी, ड्रिप सिंचाई सुविधा तथा उठाऊ सिंचाई परियोजना के माध्यम से जल उपलब्धता शामिल है।
इसी बीच लाभार्थी किसान राजेन्द्र पाल का कहना है कि इस क्लस्टर में उनके लगभग 2 हजार अनार के पौधे लगे हैं। पिछले वर्ष अच्छी फसल प्राप्त हुई है तथा इस वर्ष भी फसल बेहतर है। शिवा परियोजना के अंतर्गत सरकार की ओर से बागवानी विभाग द्वारा हरसंभव मदद प्रदान की जा रही है। पानी की व्यवस्था पर सरकार ने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये व्यय कर ड्रिप इरिगेशन की सुविधा मुहैया करवाई है, जिसके माध्यम से अब पौधों को खाद, स्प्रे इत्यादि दिया जा रहा है।
उनका कहना है कि नौजवान पीढ़ी रोजगार के लिए घरों से दूर जा रही है, ऐसे में यदि वे बागवानी के साथ जुड़ते हैं तो न केवल जमीन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा बल्कि घर बैठे अच्छा रोजगार भी प्राप्त कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में बागवानी न केवल किसानों व बागवानों के लिए आजीविका का अहम स्रोत है बल्कि यह ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक स्थिरता का भी प्रमुख स्तंभ है। प्रदेश में ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने बागवानी को बढ़ावा देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश में एचपी शिवा परियोजना के माध्यम से 325 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रावधान किया है। सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से प्रदेश के सात जिलों के 52 विकास खंडों में न केवल शिवा परियोजना के माध्यम से बागवानी को बल मिल रहा है बल्कि प्रदेश सरकार के ये प्रयास धरातल पर फलीभूत भी हो रहे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी:
उपनिदेशक बागवानी डॉ. जगदीश चंद वर्मा ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के प्रथम चरण के माध्यम से जिला बिलासपुर में 357 हेक्टेयर क्षेत्र में स्वीट ऑरेंज, अमरूद, लीची तथा जापानी फल के क्लस्टर या तो स्थापित कर लिए गए हैं या फिर कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि टिहरी क्लस्टर जिला का एकमात्र अनार क्लस्टर है और गत वर्ष लगभग 32 मीट्रिक टन अनार को बाजार में बेचा गया है, जबकि इस वर्ष भी फसल अच्छी है तथा लगभग 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विभाग बागवानों को बाजार के संभावित खरीदारों से जोड़ने में समन्वयक की भूमिका भी निभा रहा है ताकि उत्पादकों को अनार के अच्छे दाम प्राप्त हो सकें।
उन्होंने बताया कि शिवा परियोजना चरण दो में जिला में ब्लूबेरी, एवोकाडो, मैकाडामिया नट, ड्रैगन फ्रूट के क्लस्टर भी विकसित किए जाएंगे, जिन्हें पहले की शर्त 10 हेक्टेयर के बजाय अब 3 हेक्टेयर में स्थापित किया जा सकेगा। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों से लाभ उठाने का आह्वान किया है।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि सरकार ने किसानों व बागवानों के उत्थान को अनेक योजनाएं आरंभ की हैं ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक सशक्त हो सके। शिवा परियोजना के माध्यम से जिला के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं और संबंधित विभागों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।