जनगणना 2027 के संदर्भ में प्रथम चरण का तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
उपायुक्त राहुल कुमार ने किया शुभारंभ, जनगणना देश की है महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया
बिलासपुर, 12 मई: जिला बिलासपुर में जनगणना 2027 के प्रथम चरण ‘गृह सूचीकरण कार्य’ के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर की तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त राहुल कुमार ने आज डीआरडीए सभागार में किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान प्रतिभागियों को जनगणना-2027 के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर बोलते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गृह सूचीकरण की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यमों तथा नवीन तकनीकों के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना है।
उन्होंने ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार की विभिन्न योजनाओं के निर्माण तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त सूचनाएं देशवासियों के लाभ के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराती हैं। जनगणना आंकड़ों के आधार पर संसद एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों, पंचायतों तथा शहरी स्थानीय निकायों की सीटों का परिसीमन किया जाता है। ऐसे में प्रगणक केवल जानकारी एकत्रित नहीं करते, बल्कि वह एक विशाल राष्ट्र-निर्माण गतिविधि का अभिन्न अंग भी होते हैं। जनगणना के दौरान लोगों से 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
सहायक निदेशक जनगणना प्रियांशु तिवारी ने बताया कि चरण-1 अर्थात मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना अत्यंत उपयोगी है। इससे मानव बस्तियों की स्थिति, आवासीय कमी तथा आवासीय आवश्यकताओं से संबंधित व्यापक आंकड़े प्राप्त होते हैं, जो आवास नीतियों के निर्माण में सहायक होते हैं। इसके अतिरिक्त यह परिवारों में उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराता है, जिसकी आवश्यकता केंद्र एवं राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों तथा अन्य गैर-सरकारी एजेंसियों को विकास एवं योजना निर्माण के लिए होती है।
उन्होंने बताया कि जनगणना का दूसरा चरण जनसंख्या गणना के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के प्रत्येक व्यक्ति के संबंध में एक निश्चित समय बिंदु पर महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जाएगी। यह आंकड़े नीतियों एवं कार्यक्रमों के निर्माण, प्रभावी सार्वजनिक प्रशासन तथा विद्वानों, व्यवसायियों, उद्योगपतियों, योजनाकारों और निर्वाचन प्राधिकरणों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना कार्य से संबंधित विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों जैसे सीएमएमएस पोर्टल, एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) तथा एचएलबीसी ऐप के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की जाएगी। इन माध्यमों के जरिए वास्तविक समय में फील्ड डेटा संग्रहण, निगरानी तथा गांवों की सीमाओं एवं पर्यवेक्षण क्षेत्रों के निर्धारण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
इस अवसर पर “जनगणना से जन कल्याण” का संदेश देते हुए आम जनता से सहयोग की अपील की गई। स्व-गणना का कार्य 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक तथा हाउस लिस्टिंग कार्य 16 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक निदेशक, जनगणना तथा जिला अनुसंधान अधिकारी ललित शर्मा सभी प्रतिभागियों का जनगणना कार्य को लेकर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, सांख्यिकी अन्वेषक अधिकारी ग्रेड दो आनंद सोनी, सह जिला नोडल अधिकारी एवं जिला राजस्व अधिकारी नीलाक्ष शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर मतदान कर्मियों की चुनावी रिहर्सल आयोजित
विकास खंड सदर के अंतर्गत लखनपुर में हुआ आयोजन, लगभग 350 चुनाव कर्मियों ने लिया भाग
बिलासपुर, 12 मई: विकासखंड सदर बिलासपुर के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 2026 के सफल एवं निष्पक्ष संचालन को लेकर पीठासीन अधिकारियों एवं पोलिंग अधिकारियों के प्रथम चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन अम्बेडकर भवन लखनपुर में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 350 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास खंड अधिकारी सदर विजय कुमार तथा जिला अंकेक्षण अधिकारी एवं नोडल अधिकारी प्रशिक्षण विश्वनाथ शर्मा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पंचायत चुनाव प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बैलट पेपर, बैलट बॉक्स तथा पंचायत चुनाव में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रपत्रों को भरने की प्रक्रिया विस्तार पूर्वक समझाई गई। इसके अतिरिक्त मतदाताओं द्वारा मतपत्र पर मोहर लगाने की सही प्रक्रिया, मतदाता सूची के उपयोग एवं ऑनलाइन डाटा भरने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।