• मंडी, 27 फरवरी, 2026-हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की विवाह सहायता योजना जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशियों के रंग भर रही है। इस योजना के अंतर्गत बोर्ड में पंजीकृत कामगारों को उनकी अपनी या अपने दो बच्चों की शादी के लिए 51-51 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। इससे मेहनत-मजदूरी करने वाले इन कामगारों को शादी के व्यय में मदद के साथ ही सरकार की ओर से शगुन भी प्राप्त हो रहा है।

औट क्षेत्र के गांव खीनी निवासी खेम सिंह बताते हैं कि वह एक गरीब परिवार से संबंध रखते हैं। उनके परिवार में कुल 11 सदस्य हैं, जिनमें वृद्ध मां-बाप, पत्नी और बच्चे तथा भाई शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 2016 से कामगार कल्याण बोर्ड से जुड़े हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने बेटे की शादी के लिए वित्तीय सहायता फॉर्म भरा। जिस पर उन्हें 51 हजार रुपये की मदद मिली है, जिसके लिए वह बोर्ड तथा विशेषतौर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उन्हें बच्चों की पढ़ाई और पिता की बीमारी के दौरान उपचार के लिए बोर्ड से सहायता राशि मिल चुकी है।

नगवाईं क्षेत्र के गांव सरसेहड़ निवासी चेत राम ने बताया कि वे खेतीबाड़ी और मजदूरी करते हैं। वर्ष 2023 में कामगार कल्याण बोर्ड से जुड़े और तब उन्हें पता चला कि पंजीकृत कामगारों को स्वयं की या बच्चों की शादी के लिए वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बेटे की शादी के लिए वित्तीय सहायता का फॉर्म भरा। बोर्ड द्वारा वर्ष 2025 में विवाह वित्तीय सहायता राशि के अंतर्गत 51 हजार रुपये प्रदान किए गए। इससे शादी के खर्च पूरा करने में बहुत मदद मिली। इस उदार वित्तीय सहायता के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री तथा कामगार कल्याण बोर्ड का धन्यवाद किया है।

जिला श्रम कल्याण अधिकारी अनिल ठाकुर ने बताया कि यह योजना दो बच्चों के विवाह तक मान्य है। इसका उद्देश्य श्रमिकों के परिवारों को वित्तीय बोझ कम करने में सहायता करना है। बोर्ड के तहत जिला मंडी में लगभग 93 हजार कामगार पंजीकृत हैं। गत तीन वर्षों में 122 पंजीकृत लाभार्थियों को विवाह सहायता योजना के अंतर्गत 62 लाख 22 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। इनमें कामगारों के 62 लड़कों, 55 लड़कियों तथा 05 कामगारों को उनकी स्वयं की शादी के लिए 51-51 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि बोर्ड राज्य में भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण, कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार एक वैधानिक निकाय है। यह 18 से 60 वर्ष के ऐसे श्रमिकों को सहायता प्रदान करता है जिन्होंने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिनों तक निर्माण कार्य किया हो। बोर्ड द्वारा वित्तीय सहायता, आवास, मातृत्व, विवाह और शिक्षा संबंधी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।