बिलासपुर, 03 नवंबर: हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से आज उपायुक्त कार्यालय परिसर बिलासपुर में विशेष अदालत का आयोजन किया गया। आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष अदालत में महिलाओं से संबंधित विभिन्न शिकायतों एवं मामलों की सुनवाई की गई। इस दौरान सुनवाई के लिए कुल 34 मामले सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से 24 मामलों पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान 10 मामलों का निपटारा कर उन्हें समाप्त कर दिया गया, जबकि शेष 14 मामलों में आगामी सुनवाई की जाएगी।
आयोग की ओर से 14 मामलों में से चार मामलों के संबंधित पक्षों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया, ताकि दोनों पक्ष आपसी समझ और सहमति से मामलों का समाधान कर सकें। इन मामलों में निर्धारित समय के बाद दोबारा सुनवाई की जाएगी।
आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने बताया कि सुनवाई के लिए सूचीबद्ध मामलों में घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, यौन उत्पीड़न, महिलाओं के अधिकारों का हनन तथा महिलाओं के विरुद्ध अन्य प्रकार के अत्याचारों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय प्राप्त करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से राज्य मुख्यालय तक न आना पड़े, इसके लिए आयोग समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विशेष अदालतें भी आयोजित कर रहा है। इसी कडी में आज बिलासपुर में यह विशेष अदालत आयोजित की गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को घर के नजदीक ही शिकायतों के समाधान और न्याय प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
इस अवसर पर आयोग की सदस्य नेहा ठाकुर, रीना पुंडीर, सदस्य सचिव बुशरा अंसारी सिंह, विधि अधिकारी यशपाल शर्मा सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।