बिलासपुर, 31 अक्तूबर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज पीएम मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (सीबीएसई) बिलासपुर में आज 41वीं राज्य स्तरीय अंडर-14 स्कूल खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में बास्केटबॉल, फुटबॉल, शतरंज, ताइक्वांडो, बैडमिंटन और एथलेटिक्स सहित छह खेल स्पर्धाओं में प्रदेश के सभी 12 जिलों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली तथा प्रतियोगिता का झंडा फहराकर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने की भावना विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को शिक्षा के साथ खेलों के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं तथा भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने का मार्ग प्रशस्त करती हैं।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर वित्तीय एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। अंडर-19 स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे भाग लेने वाले खिलाड़ियों को डाइट मनी के रूप में उचित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी खेल प्रतिभा और तैयारी में कोई बाधा उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को यात्रा के लिए भी विशेष सुविधा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने पर हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है, जबकि 200 किलोमीटर से कम दूरी के लिए रेल यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि यह दोनों यात्रा सुविधाएं खिलाड़ियों को निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ा रही है। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने तथा पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाता है। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियाई, काॅमनवेल्थ और ओलंपिक जैसी प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रूपये तक की पुरस्कार राशि का प्रावधान किया है।

श्री धर्माणी ने कहा कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेल के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर विकसित हो रहे हैं। कोच, ग्राउंड्समैन, सपोर्ट स्टाफ, इवेंट मैनेजर सहित खेलों से जुड़े विभिन्न सहायक क्षेत्रों में युवाओं के लिए करियर की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने युवाओं से खेलों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य और करियर के अवसर के रूप में भी अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार प्रतिभा एवं क्षमता मौजूद है। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें उचित मंच, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को प्रतिभा निखारने के साथ-साथ अन्य खिलाड़ियों के साथ अनुभव साझा करने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का भी अवसर प्रदान करती है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, एपीएमसी के अध्यक्ष सतपाल वर्धन, हिमुडा के निदेशक जितेंद्र चंदेल, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप, उपनिदेशक उच्च शिक्षा स्कूल नरेश चंदेल, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा अरुण गौतम सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।