सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य सुनिश्चित करें: राहुल कुमारसफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के दिए निर्देशबिलासपुर, 21 सितंबर: जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल पर आवश्यक सावधानियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।उपायुक्त ने जिला में कार्यरत सभी सफाई कर्मचारियों के लिए मास्क, ग्लव्स, गमबूट तथा अन्य आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश सभी संबंधित विभागों तथा नगर परिषद के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को कार्य की प्रकृति के अनुरूप पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाना संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है।राहुल कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों के नियमित एवं सही उपयोग के संबंध में निरंतर जागरूक किया जाए, ताकि कार्य के दौरान उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर उनके आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण करवाए जाएं।उपायुक्त ने सभी नगर परिषदों तथा संबंधित स्थानीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके अधीन कार्यरत सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सफाई कार्य ठेकेदारों के माध्यम से करवाया जा रहा है, तो संबंधित ठेकेदारों के लिए भी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाना अनिवार्य किया जाए।उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी अपने कार्य स्थ्ल पर बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के कार्य न करें क्योंकि ऐसे में उनके स्वास्थ्य को गंभीर जोखिम हो सकता है। सफाई कार्य के दौरान विभिन्न प्रकार के संक्रमण एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की संभावना रहती है। ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित सावधानियां और सुरक्षा उपकरणों का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।राहुल कुमार ने नगर परिषद एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों को अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क, ग्लव्स, गमबूट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थानीय निकाय को गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा किट उपलब्ध करवाने में वित्तीय कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, तो इस संबंध में जिला प्रशासन को अवगत करवाया जाए, ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो और जिला प्रशासन आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने की दिशा में उचित कदम उठा सके।
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शैक्षणिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति बच्चों को करें जागरूक: डीसी
नशामुक्ति केंद्रों से उपचार के बाद युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने पर दिया जोरबिलासपुर, 21 सितंबर : जिला मुख्यालय के बचत भवन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में जिला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला के शैक्षणिक संस्थानों में चिट्टा सहित अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में बच्चों और युवाओं को नियमित रूप से जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में इस विषय पर अधिक से अधिक चर्चा और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं, ताकि विद्यार्थी नशे के दुष्परिणामों को समझें और इससे दूर रहने के लिए प्रेरित हों।उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को नशे की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों तथा रेड जोन में आने वाली पंचायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों, युवा क्लबों, महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों को साथ लेकर जागरूकता गतिविधियों को और बढ़ाया जाए, ताकि नशे के खिलाफ सामुदायिक स्तर पर मजबूत वातावरण तैयार किया जा सके।उपायुक्त ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को नशामुक्ति केंद्रों में उपचार के लिए आने वाले युवाओं के पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपचार के बाद युवाओं को विभिन्न कौशल एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों से जोड़ने तथा उनके लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी देने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि नशे की लत से बाहर निकल चुके युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।बैठक में जिला में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक की गई गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अभियान के तहत जिला में अब तक 2,30,321 लोगों तक पहुंच बनाई गई है, जिसमें 1,26,676 युवा और 1,03,645 महिलाएं शामिल हैं। जिला के 279 शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं। इसके अलावा 1,259 गतिविधियां, 112 युवा क्लबों तथा 150 महिला समूहों एवं स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।अभियान के तहत जिला में 1,116 मीडिया अभियान, 88,810 ई-शपथ तथा 3,193 ऑफलाइन शपथ भी करवाई गई हैं। अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए जिला में 50 मास्टर वॉलंटियर्स भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इस दौरान रैलियों, मैराथन एवं वॉकाथॉन, रंगोली एवं पोस्टर निर्माण, भाषण प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों, शपथ कार्यक्रमों, जाम सेशन, अंतरपीढ़ी संवाद, सेल्फी प्वाइंट, क्विज और कविता जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया है। पुलिस विभाग की ओर से नशे के खिलाफ की जा रही छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई को भी अभियान से जोड़ा गया है।इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक सभा के प्रतिनिधियों ने भी नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में सहयोग देने की बात कही।बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित शिक्षा विभाग, विकास विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।