22 अगस्त को राज्य लोक अदालत एवं 12 सितम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का होगा आयोजन
चंबा, 5 अगस्त-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा, एकांश कपिल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला चंबा की सभी अदालतों में 22 अगस्त, 2026 को राज्य लोक अदालत तथा 12 सितम्बर, 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 22 अगस्त को आयोजित राज्य लोक अदालत में मुख्य रूप से परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 के अंतर्गत चैक अनादरण (चैक बाउंस) से संबंधित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 12 सितम्बर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता योग्य आपराधिक मामले, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक ऋण एवं वसूली, पारिवारिक विवाद, श्रम एवं मजदूरी, विद्युत एवं जल बिल, भूमि विवाद सहित अन्य समझौतायोग्य मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से निस्तारण किया जाएगा।
सचिव ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को न्यायालय शुल्क की वापसी, समय और धन की बचत के साथ विवादों के स्थायी समाधान का अवसर मिलता है। लोक अदालत में पारित अवार्ड सिविल न्यायालय की डिक्री के समान प्रभावी होता है।
उन्होंने संबंधित पक्षकारों से आग्रह किया कि यदि उनके मामले लोक अदालत में निस्तारित किए जा सकते हैं तो वे अपने अधिवक्ता अथवा संबंधित न्यायालय से संपर्क कर अपने मामलों को लोक अदालत में सूचीबद्ध करवाएं तथा इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
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जिला चंबा में "मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0" अभियान होगा शुरू
चंबा, 5 अगस्त
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा, एकांश कपिल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन तथा मेडिएशन एंड कंसिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (एमसीपीसी) की पहल पर देशभर में "मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0" अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के त्वरित, प्रभावी एवं सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देना तथा आमजन में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि मध्यस्थता विवाद निस्तारण का एक प्रभावी वैकल्पिक माध्यम है, जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से पक्षकार आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचते हैं। इससे समय और धन की बचत होने के साथ-साथ आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिला चंबा में न्यायालयों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन तथा न्यायालय संदर्भित मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
सचिव ने आमजन से अपील की कि जहां भी विवादों के समाधान की संभावना आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से हो, वहां मध्यस्थता को प्राथमिकता दें तथा इस व्यवस्था का लाभ उठाकर अपने विवादों का शीघ्र एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंबा मध्यस्थता से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर है।