तरघेल-लदरौर सड़क मार्ग आगामी 14 अगस्त तक यातायात के लिए बंद
बिलासपुर, 17 जुलाई: जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत आदेश जारी करते हुए बताया कि लोक निर्माण मण्डल घुमारवीं के अंतर्गत तरघेल-लदरौर सड़क आवश्यक मुरम्मत कार्य के चलते आगामी 14 अगस्त तक बंद करने के आदेश जारी किए है।
उन्होंने तरघेल की ओर से आने वाले वाहनों को बाया तडौन से बरोटा तथा लदरौर की ओर से आने वाले वाहनों को डंगार से बरोटा सडक मार्ग का उपयोग करने के निर्देश जारी किए है।
उन्होंने जारी आदेश में बताया कि इन सड़क मार्ग की मरम्मत कार्य के दौरान केवल एम्बुलेंस, स्कूल बसों, वीआईपी वाहनों तथा अन्य आपातकालीन सेवा वाहनों की आवाजाही की अनुमति रहेगी।
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ग्रामीण स्वच्छता मॉडल में बिलासपुर ने रचा इतिहास, प्रदेश में पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों से डोर-टू-डोर प्लास्टिक कचरा संग्रहण की व्यवस्था सफल
आठ माह में आठ टन से अधिक सूखा प्लास्टिक कचरा एकत्र, पहली प्रोसेस्ड खेप को डीसी बिलासपुर ने हरी झंडी दिखाकर बरमाणा सीमेंट संयंत्र भेजा
बिलासपुर, 17 जुलाई: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत बिलासपुर ने ग्रामीण स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में प्रदेश भर में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बिलासपुर हिमाचल प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर से डोर-टू-डोर प्लास्टिक कचरा संग्रहण की सुव्यवस्थित व्यवस्था विकसित की गई है। इस अभिनव पहल के तहत पिछले लगभग आठ माह के दौरान ग्राम पंचायतों से एकत्र किए गए सूखे प्लास्टिक कचरे की पहली प्रोसेस्ड खेप शुक्रवार को उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने सदर विकास खंड की नौणी ग्राम पंचायत स्थित प्लास्टिक कचरा संग्रहण एवं प्रबंधन केंद्र से हरी झंडी दिखाकर बरमाणा सीमेंट संयंत्र के लिए रवाना की। संयंत्र में उच्च तापमान पर सह-प्रसंस्करण (को-प्रोसेसिंग) के माध्यम से इस प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से अंतिम निस्तारण किया जाएगा।
राहुल कुमार ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत गत वर्ष 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के अवसर पर की गई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाना है। उन्होंने कहा कि इस पहल ने बिलासपुर को प्रदेश में एक मॉडल जिला बनाया है, जिसकी कार्यप्रणाली से भविष्य में अन्य जिले भी प्रेरणा ले सकेंगे।
उन्होंने कहा कि जिले के चारों विकास खंडों बिलासपुर सदर, घुमारवीं, झंडूता तथा श्री नयना देवी जी में प्लास्टिक कचरा संग्रहण एवं प्रबंधन केंद्र स्थापित किए गए हैं। ग्राम पंचायतों द्वारा घर-घर से एकत्र किए गए सूखे प्लास्टिक कचरे को इन केंद्रों तक पहुंचाया जाता है, जहां उसकी छंटाई, संपीड़न (बेलिंग) तथा प्रोसेसिंग की जाती है। इसके बाद वैज्ञानिक तरीके से अंतिम निस्तारण के लिए बरमाणा सीमेंट संयंत्र भेजा जाता है।
उपायुक्त ने कहा कि इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग एवं बरमाणा सीमेंट संयंत्र के बीच समझौता (एमओयू) किया गया है। वहीं डोर-टू-डोर प्लास्टिक कचरा संग्रहण के लिए विधिवत निविदा प्रक्रिया के माध्यम से एजेंसी का चयन किया गया है। चयनित एजेंसी टारगेट ग्रीन जोन के कर्मचारी समय-समय पर ग्राम पंचायतों से एकत्रित प्लास्टिक कचरे को संग्रहण केंद्रों तक पहुंचाते हैं, जहां प्रोसेसिंग के बाद इसे अंतिम निस्तारण के लिए भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि आज एक टन से अधिक प्रोसेस्ड प्लास्टिक कचरे की पहली खेप बरमाणा सीमेंट संयंत्र भेजी गई है। सीमेंट संयंत्र में उच्च तापमान पर को-प्रोसेसिंग तकनीक के माध्यम से प्लास्टिक कचरे का सुरक्षित निस्तारण किया जाएगा, जिससे खुले में जलाने या फेंके जाने से होने वाले पर्यावरणीय प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
राहुल कुमार ने कहा कि अभियान के तहत अब तक जिले भर से आठ टन से अधिक सूखा प्लास्टिक कचरा एकत्र किया जा चुका है, जिसे चरणबद्ध तरीके से अंतिम निस्तारण के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अब ग्राम पंचायतों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों जैसे कंदरौर, बरठीं, चाँदपुर, जुखाला, भराडी, डंगार, नम्होल तथा अन्य बड़े स्थानों को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट का समग्र एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन, जन जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण अभियान है। जनसहभागिता से बिलासपुर को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय साबित होगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त रुपिंदर कौर, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी यशपाल, संबंधित विभागों के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि तथा स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।