जलशक्ति विभाग के अधिकारी पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें
जल जीवन मिशन कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक में बोले उपायुक्त
अप्रैल में जल गुणवत्ता पर सेंसिटाइजेशन वर्कशॉप आयोजित होगी: अपूर्व देवगन

मंडी, 27 मार्च। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल शक्ति विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, जल स्रोतों के रखरखाव, जल गुणवत्ता तथा वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाती है ताकि जल जीवन मिशन के कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां गर्मी या सूखे की स्थिति में जल स्रोत प्रभावित होते हैं। उन्होंने गोहर क्षेत्र के संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि सूखे की स्थिति में जल गुणवत्ता की निगरानी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अगले माह अप्रैल में एक दिवसीय सेंसिटाइजेशन वर्कशॉप आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जल परीक्षण, स्वच्छता मानकों तथा सुरक्षित पेयजल आपूर्ति से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों में स्थापित पानी के टैंकों की नियमित जांच और सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में सदस्य सचिव, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन एवं अधिशाषी अभियन्ता, जल शक्ति मंडल मंडी देवराज चौहान ने बताया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को निर्धारित मानकों के अनुरूप नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जल आपूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ करने, जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जल गुणवत्ता परीक्षण को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल स्रोतों के संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन, स्रोत पुनर्जीवन तथा कैचमेंट क्षेत्र संरक्षण जैसे उपाय किए जा रहे हैं ताकि गर्मी के मौसम में भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसीमर सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अरिंदम रॉय सहित शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा जिला के विभिन्न मंडलों के अधिशाषी अभियंता वर्चुअल जुड़े थे ।

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*मंडी कलम शिल्प पर आयोजित कार्यशाला संपन्न, उपायुक्त ने प्रतिभागियों को किया सम्मानित*

*• चित्रकला विधा में मंडी कलम का भविष्य उज्ज्वल, अभिरूचि अनुसार आगे आएं युवा- अपूर्व देवगन*

*मंडी, 27 मार्च।* हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम (हिमक्राफ्ट) मंडी द्वारा अप्पर बिजनी में मंडी कलम चित्रकला एवं शिल्प पर आयोजित कार्यशाला आज संपन्न हुई। इसका समापन उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में किया गया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और उनका उत्साहवर्द्धन भी किया।

अपूर्व देवगन ने कहा कि युवाओं के कौशल में निखार लाने के लिए सरकार की ओर से विविध स्तर पर प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंडी कलम जैसी लघु चित्रकला शैली पर यह कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि मंडी नगर अपनी प्राचीन परंपराओं एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन में सदैव अग्रणी रहा है। यहां से उभरी चित्रकला विधा में मंडी कलम उत्तरोत्तर विस्तार पा रही है। इस कला के विकास में युवाओं का योगदान इसे और भी विशेष बना देता है। उन्होंने कहा कि इस विधा के प्रसार की अच्छी संभावनाएं हैं और चित्रकारी में रूचि रखने वालों को इसके लिए निरंतर प्रयास जारी रखते हुए आगे आना चाहिए।

उपायुक्त ने कहा कि एक माह की इस कार्यशाला के दौरान सभी प्रतिभागियों ने बेहद आकर्षक एवं सुंदर पेंटिंग्ज बनाई हैं। आम लोगों तक उनके इस हुनर को ले जाने के लिए आयोजकों की पहल पर इसकी एक प्रदर्शनी लगाने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस तरह के कार्यक्रमों को मूर्तरूप प्रदान करने तथा ललित कला को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन हमेशा कलाकारों एवं कारीगरों के साथ है। उन्होंने मंडी कलम को प्रोत्साहन देने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम (हिमक्राफ्ट) के प्रयासों की भी सराहना की।

कार्यशाला के दौरान बताया गया कि मंडी कलम की एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही है जो सदियों पुरानी है। एक अनुमान के अनुसार सोलहवीं सदी से उन्नीसवीं सदी तक मंडी कलम लघु चित्रकला अपने चरम पर थी। मंडी कलम लघु चित्रकला इतिहास को भी दर्शाती है। इसमें स्थानीय लोककथाओं, प्रकृति और धार्मिक विषयों को बखूबी प्रदर्शित किया गया है, जो कुशल कारीगरों और चित्रकारों की पीढ़ियों से चली आ रही है।

हिमक्राफ्ट के जिला प्रभारी अक्षय सिंह डोड ने उपायुक्त का स्वागत कर उन्हें मंडी कलम पर आधारित एक पेंटिंग भेंट की। उन्होंने बताया कि एमएसएमई मंत्रालय द्वारा प्रायोजित इस कार्यशाला में 20 महिला कारीगरों ने भाग लिया, जिनको मंडी कलम लघु चित्रकला के साथ डिजाइनिंग स्किल अपग्रेडेशन और उद्यमिता विकास में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने नगर आयुक्त का भी कार्यशाला के लिए स्थान उपलब्ध करवाने पर आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में मास्टर क्राफ्ट पर्सन राजेश कुमार और डिजाइनर अंशुल मल्होत्रा ने प्रशिक्षण प्रदान करने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।