जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया: उपायुक्त
जनगणना के प्रथम चरण के लिये जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण प्रारंभ
धर्मशाला, 10 मार्च : भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण-मकान सूचीकरण और मकानों की गणना हेतु उपायुक्त कार्यालय कांगड़ा में तीन दिवसीय जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण गत दिवस से शुरू हुआ। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में उपायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशीला व एक महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों का व्यवस्थित एवं प्रामाणिक संकलन किया जाता है।यदि आंकड़े अधूरे व त्रुटिपूर्ण होंगे तो विकास योजनाओं का लक्ष्य प्रभावित होगा ।
उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारियों से निर्धारित कार्यों को तय सीमा के अनुरूप पूर्ण करने का आग्रह किया तथा इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी उपस्थित अधिकारियों व प्रक्षिणार्थियों को शुभकामनाएं दी।
हिमाचल प्रदेश राज्य में प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 12 मई, 2026 से 10 जून, 2026 तक संचालित किया जायेगा। प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय के अधिकारी सहायक निदेशक अनिल कुमार, आशीष रस्तोगी एवं राजेश कुमार द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की विभिन्न पहलुओं के साथ ही इसके कानूनी प्रावधानों से भी अवगत करवाया गया। जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। डिजिटल मोड में होने वाली जनगणना हेतु विशेष रूप से तैयार किये गए मोबाइल एप का विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा इसका प्रयोगात्मक अभ्यास करवाया गया।