ऊना में साढ़े चार करोड़ से फलेगी बागवानी
डीसी ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन की वार्षिक योजना की समीक्षा की, बागवानों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश

ऊना, 18 फरवरी. ऊना जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 4 करोड़ 57 लाख रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी। यह जानकारी बुधवार को उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बागवानी विभाग की वार्षिक योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि मिशन के तहत यह धनराशि फल उत्पादन को बढ़ावा देने, पौध वितरण, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली, प्राकृतिक खेती, दवाइयां तथा उपकरण उपलब्ध करवाने पर व्यय की जाएगी। योजना के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के लिए 57 लाख 88 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। सुरक्षात्मक खेती के लिए पॉलीहाउस एवं हाइब्रिड संरचनाओं हेतु 2 करोड़ 37 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त बागवानी मशीनरी व उपकरणों की खरीद के लिए 16 लाख रुपये की अनुदान राशि तथा रिफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट वाहन के लिए 15 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला ऊना की अर्थव्यवस्था में बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बागवानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाया जाए। गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री, रोग एवं कीट नियंत्रण दवाइयों तथा आधुनिक तकनीकों से युक्त उपकरण समय पर उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने, योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा बागवानों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उपनिदेशक बागवानी के.के. भारद्वाज, कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. रानु पठानिया, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संजीव सक्सेना सहित सभी खंडों के विषय विशेषज्ञों व संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
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*पीएम आदर्श ग्राम योजना के कार्यों को समयबद्ध पूरा करें : उपायुक्त*
*तीसरे चरण में जिले के 11 गांव चयनित*
ऊना, 18 फरवरी. उपायुक्त जतिन लाल ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिले में चयनित गांवों में चल रहे विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। वे बुधवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उपायुक्त ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य उन गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है, जहां अनुसूचित जाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। योजना के तहत सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम विकास योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा उपयोगिता प्रमाण-पत्र शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं।

उन्होंने बताया कि पूर्व में भी जिले के 23 गांव इस योजना के तहत चयनित किए जा चुके हैं, जिनमें विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर हैं। साथ ही तीसरे चरण में जिले के 11 नए गांव - बह, धनोबाल, फतेहपुर, धेवट-बेहड़, ज्वाल, ज्वार, जबेहड़, किन्नू, लमलेहड़ा, लमलेहड़ी उपरली तथा नैहरी खालसा, का चयन किया गया है। उन्होंने इन गांवों की ग्राम विकास योजनाएं शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों को तेजी से आरंभ किया जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि ग्राम विकास योजना में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिन पर किसी प्रकार का विवाद न हो, ताकि विकास की गति प्रभावित न हो। उन्होंने पूर्ण हो चुके कार्यों का विवरण फोटो सहित पीएमएजीवाई पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजीव शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) नरेंद्र कुमार, प्रबंधक लीड बैंक संजीव कुमार सक्सेना, तहसील कल्याण अधिकारी जितेंद्र शर्मा, खंड विकास अधिकारी अंब, ऊना व गगरेट सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान, सचिव तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।