*डिजीटल क्रॉप सर्वे में सहयोग करें भूमि मालिक- उपायुक्त*
धर्मशाला 17 फरवरी -कृषि विभाग जिला कांगड़ा द्वारा प्राइवेट सर्वेयरों के माध्यम से डिजीटल क्रॉप सर्वे किया जा रहा है यह जानकारी देते हुए उपयुक्त जिला कांगड़ा श्री हेमराज बैरवा ने बताया कि अब गिरदावरी ऑनलाइन ऐप के माध्यम से की जा रही है। जिसे डिजिटल क्रॉप सर्वे का नाम दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में 31 मार्च 2026 तक 4,59,186 खसरा नंबरों का मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजीटल सर्वे किया जाएगा और अभी तक 1,50,261 खसरा नंबरों का सर्वे कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए अग्रिबाजार कंपनी से अनुबंध किया गया है इसलिए यह काम अग्रिबाजार द्वारा चयनित सर्वेयरों द्वारा किया जा रहा है।
यह सर्वेयर मोबाइल में एक मोबाइल ऐप के माध्यम से खेतों तक पहुंचते है और फिर उसी ऐप में खेत का फोटो अपलोड करते है तथा उस खेत में लगाई गई फसल या उस खेत के अन्य उपयोग की जानकारी उस ऐप में अपलोड करते है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई सर्वेयर किसानों के खेतों में जा कर इस ऐप के माध्यम से डिजीटल सर्वे कर रहा हो तो उसे यह काम करने दें और यदि किसानों को सर्वेयर की कार्यप्रणाली में शक हो तो कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय में संपर्क करें।
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बालिकाओं को एचपीवी टीके से मिलेगी सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा: उपायुक्त
जिले की 16,533 बालिकाओं को लगाया जाएगा निःशुल्क एचपीवी टीका
स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित
धर्मशाला, 17 फरवरी : जिला कांगड़ा में किशोरियों को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर से बचाव के उद्देश्य से एचपीवी वैक्सीनेशन लगवाने के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की। बैठक में आयुक्त नगर निगम जफर इकबाल, एडीसी विनय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल, एमएस जोनल अस्पताल डाॅ. अनुराधा शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरके सूद, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. दुष्यंत तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं, ताकि अभिभावकों और छात्राओं को इस टीके के महत्व के बारे में सही जानकारी मिल सके।
उपायुक्त कहा कि कि 28 फरवरी को स्कूलों में आयोजित होने वाली पीटीएम बैठकों में एचपीवी वैक्सीनेशन पर चर्चा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को टीकाकरण के लाभ, प्रक्रिया और सुरक्षा संबंधी जानकारी सरल भाषा में बताई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति दूर हो सके।
उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कुल 16,533 बालिकाएं चिन्हित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के 75 विभिन्न स्थानों पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
उपायुक्त ने कहा कि 8 से 10 हजार की यह वैक्सीन पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है और यह सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक अत्यंत प्रभावी कदम है। उन्होंने सभी अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों तथा समुदाय के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें और पात्र बालिकाओं का समय पर प्री-रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यह जीवनरक्षक टीका निःशुल्क लगाया जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल ने ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीनेशन के सफल रोलआउट को लेकर की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, कांगड़ा द्वारा शीघ्र ही जिला स्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से समय रहते सुरक्षा प्रदान करना है। अभियान अवधि के दौरान 15 वर्ष की बालिकाओं को तीन महीने का तक की आयु का लाभ दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र बालिकाएं इस सुरक्षा कवच से जुड़ सकें। यह टीका एकल खुराक सिंगल डोज़ के रूप में बाएं ऊपरी बाजू में लगाया जाएगा।
डाॅ. करोल ने कहा कि टीकाकरण के लिए अभिभावक अपनी बेटियों का पंजीकरण यू-विन पोर्टल के माध्यम से या सीधे निकटतम टीकाकरण केंद्र पर करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के समय बच्ची का खाली पेट न होना आवश्यक है।