शिवरात्रि महोत्सव में पहली बार वॉल पेंटिंग, रंगों से सजी मंडी

मंडी, 17 फरवरी। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर नगर निगम मंडी द्वारा इस वर्ष पहली बार वॉल पेंटिंग आयोजित की जा रही है। मंडी आर्ट फेस्टिवल 2026 के अंतर्गत आयोजित इस गतिविधि का शुभारम्भ उपायुक्त अपूर्व देवगन ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि महोत्सव अब आस्था और परंपरा के साथ-साथ कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति का भी मंच बन रहा है तथा इस पहल से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

उपायुक्त ने कहा कि शहर के सार्वजनिक स्थानों पर तैयार हो रहे भित्ति चित्र मंडी की स्थायी सांस्कृतिक पहचान बनेंगे और आने वाले समय में पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होंगे। उन्होंने कलाकारों से स्थानीय इतिहास, देव संस्कृति और जनजीवन को चित्रों में उकेरने का आग्रह किया ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी विरासत से जुड़ी रहें।

प्रतियोगिता के अंतर्गत उपायुक्त कार्यालय मार्ग के किनारे तथा इंदिरा मार्केट क्षेत्र में कलाकारों द्वारा पेंटिंग बनाई जा रही हैं। आनी के कलाकार लीतेश ‘सोंग द विंड कैरीज’ विषय पर चित्र बना रहे हैं, वहीं गौरव शर्मा अपनी साथी के साथ देव परंपरा पर आधारित भित्ति चित्र तैयार कर रहे हैं। अन्य कलाकार भी मंडी की परंपरा, इतिहास, आस्था और लोक संस्कृति को विभिन्न रंगों में उकेर रहे हैं।

प्रदेश भर से चयनित 10 टीमों को शहर के अलग-अलग स्थानों पर पेंटिंग का दायित्व दिया गया है। निर्णायक मंडल कलात्मक अभिव्यक्ति, विषय प्रस्तुति, रंग संयोजन, रचनात्मकता और स्थानीय सांस्कृतिक तत्वों के प्रभावी प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन करेगा तथा उत्कृष्ट टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा।

कलाकारों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पहली बार दृश्य कला को महोत्सव का हिस्सा बनाए जाने से उन्हें अपनी पहचान बनाने का अवसर मिला है, विशेषकर उन कलाकारों को जो अब तक मंच से वंचित रहे हैं।

इस अवसर पर महापौर नगर निगम वीरेंद्र भट्ट, एडीसी गुरसिमर सिंह, आयुक्त नगर निगम रोहित राठौर, एडीएम डॉ मदन कुमार, एसडीएम रूपिंद्र कौर सहित नगर निगम के पार्षद उपस्थित रहे।

=======================================================

पशु मित्र भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा अगली सूचना तक स्थगित


मंडी, 17 फरवरी। पशुपालन विभाग मंडी द्वारा पशु मित्र पदों की भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली शारीरिक परीक्षा प्रशासनिक कारणों के चलते अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई है।
यह जानकारी देते हुए उप निदेशक पशुपालन विभाग मंडी डॉ मुकेश महाजन ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने उप मंडलीय पशु चिकित्सालय जोगिंदरनगर, उप मंडलीय पशु चिकित्सालय मंडी रूरल तथा उप मंडलीय पशु चिकित्सालय करसोग में आवेदन किया था, उन्हें अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शारीरिक परीक्षा में उपस्थित नहीं होना होगा।
उन्होंने बताया कि नई तिथियों तथा आगामी प्रक्रिया की सूचना विभाग द्वारा शीघ्र ही पुनः विज्ञापन के माध्यम से जारी की जाएगी।

-------------------------------------------------------------------------

*शिवरात्रि महोत्सव में लोक देवताओं व साथ आने वाले देवलुओं की सुविधा का रखा जा रहा है विशेष ध्यान*

*विविध सुविधाएं उपलब्ध करवाने को 40 लाख रुपए जारी*

*मंडी, 17 फरवरी।* देवता उप समिति के संयोजक एवं एडीएम मंडी डॉ. मदन कुमार ने आज यहां बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में देवी-देवताओं के लिए व्यवस्था विशेष रूप से सुनियोजित ढंग से की गई है। सभी पंजीकृत देवताओं को पड्डल मैदान में पौड़ियों पर पैगोड़ा शैली में शिविर लगाकर तथा विधिवत मैटिंग करवाकर विराजमान किया गया है।

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में इस वर्ष कुल 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था, जिनमें से अब तक लगभग दो सौ के करीब देवी-देवता मेले में पहुंच चुके हैं।

उन्होंने बताया कि मैदान में देवताओं के बैठने के लिए स्थान आवंटन की जिम्मेदारी सर्व देवता समिति को सौंपी गई है। जैसे-जैसे देवी-देवता पड्डल मैदान पहुंच रहे हैं, समिति द्वारा उन्हें निर्धारित स्थान प्रदान किया जा रहा है, जिससे व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।

एडीएम ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्हें बैठने के लिए दरियां उपलब्ध करवाई गई हैं तथा भोजन पकाने और ठंड से बचाव के लिए लकड़ी (बालन) भी प्रदान की जा रही है, ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा अब तक देवी-देवताओं के लिए राशन व सब्जी व्यवस्था इत्यादि के लिए लगभग 24 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। शेष देवताओं के मेले में पहुंचते ही उन्हें भी समान रूप से राशन, दरी और लकड़ी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

जिला प्रशासन ने विश्वास दिलाया है कि शिवरात्रि मेले में आने वाले सभी देवी-देवताओं और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे यह देव महोत्सव श्रद्धा, परंपरा और सुव्यवस्था का आदर्श उदाहरण बन सके।

--