डीसी ने गौसदनों के बेहतर संचालन को गौ सेवा नारायण सेवा पोर्टल किया लाॅंच
पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक कर सकते हैं आर्थिक सहयोग
प्राप्त धन राशि का वार्षिक ब्योरा देना भी होगा जरूरी: डीसी
धर्मशाला, 20 जनवरी। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने मंगलवार को डीसी आफिस के सभागार में गौसदनों के बेहतर संचालन में आम जनमानस की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए गौ सेवा नारायण सेवा पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला में 24 गौसदन तथा चार गौ अभ्यारण्य संचालित किए जा रहे हैं इसमें करीब 1802 बेसहारा गौवंश को आश्रय दिया गया है। उन्होंने कहा कि गौ सदनों का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो इस के लिए आम जनमानस गौ सेवा नारायण सेवा पोर्टल के माध्यम से अपना रचनात्मक आर्थिक सहयोग सुनिश्चित कर सकते हैं तथा इस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त धन राशि के खर्च का वार्षिक विस्तृत ब्योरा भी पोर्टल पर उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि धन राशि के खर्च को लेकर पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने आम जनमानस से भी इस पोर्टल के माध्यम से अपना सहयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया है ताकि कांगड़ा जिला में गौसदनों का विस्तारीकरण भी सुनिश्चित किया जा सके। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि गौवंश को बेसहारा छोड़ना एक सामाजिक समस्या है तथा इसके समाधान के लिए सरकार कारगर कदम उठा रही है इसमें आम जनमानस को भी अपना सहयोग सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गौसेवा आयोग द्वारा गौपाल योजना के अंतर्गत प्रति माह प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 700 रुपये से 1200 रुपये प्रतिमाह प्रति गौवंश बढ़ाया गया है। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला में नए गौ-सदनों और गौ-अभ्यारण्यों को स्थापित करने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की सहायता से गौ-सदनों और गौ-अभ्यारण्यों में बायोगैस प्लांट स्थापित करवाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा सभी गौ-सदनों और गौ-अभ्यारण्यों में नियमित पशु चिकित्सा उपलब्ध करवाने और इनका उचित अभिलेख रखने के निर्देश भी सरकार की तरफ से दिए गए । इसके साथ ही प्रदेश की सीमाओं में लगते राज्यों से पशु तस्करी और आवारा पशु छोड़ने के मामलों में पुलिस विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए। इससे पहले कांगड़ा जिला के पशु पालन विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को पोर्टल के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण भी दिया गया। इस अवसर पर पशु पालन विभाग के अधिकारी तथा एनआईसी के अधिकारी उपस्थित रहे।

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व्यवसाय योजना एवं वित्तीय प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित

धर्मशाला 20 जनवरी-उद्योग विभाग के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के सशक्तिकरण हेतु रैम्प कार्यक्रम के अंतर्गत व्यवसाय योजना एवं वित्तीय प्रबंधन विषय पर डमटाल में कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 82 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की, जिनमें नवोदित उद्यमी, लघु व्यवसायी तथा अन्य संबंधित हितधारक शामिल रहे।

कार्यशाला में श्री नितिन शर्मा, सदस्य सचिव, डमटाल, श्री कुशल धीमान, प्रसार अधिकारी, डमटाल तथा श्री रणवीर पृथ्वी, अग्रणी जिला प्रबंधक, कांगड़ा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाई। श्री रणवीर पृथ्वी ने कार्यशाला में संसाधन व्यक्ति के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री नितिन शर्मा के उद्घाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में लघु व्यवसायों एवं नवोदित उद्यमियों के समक्ष आने वाली प्रमुख व्यावसायिक एवं वित्तीय चुनौतियों पर प्रकाश डाला तथा सतत व्यवसाय विकास के लिए वित्तीय जागरूकता एवं संस्थागत सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।

श्री रणवीर पृथ्वी ने व्यवसाय योजना एवं वित्तीय प्रबंधन विषय पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने व्यवसाय संचालन, वित्तीय अनुशासन एवं दीर्घकालिक स्थिरता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी ई-बाज़ार मंच तथा केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टलों के बारे में जागरूकता प्रदान करते हुए उद्यमियों को इन माध्यमों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने भारतीय रिज़र्व बैंक की अदावा जमा राशि वापसी योजना के बारे में भी जानकारी दी, जिसका उद्देश्य लोगों को बैंकों में पड़ी बिना दावे की जमा राशि वापस दिलाना है। साथ ही डॉ. यशवंत सिंह परमार ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण की सुविधा के बारे में अवगत करवाया।

श्री कुशल धीमान ने उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जो नवोदित उद्यमियों एवं नवप्रवर्तकों के लिए लाभकारी हैं। उन्होंने वित्तीय सहायता, अनुदान एवं तकनीकी सहयोग से जुड़ी संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के समापन अवसर पर श्री नितिन शर्मा ने उद्योग विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ऋण एवं अनुदान संबंधी प्रावधानों की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

यह कार्यशाला श्री दीपक बक्शी एवं सुश्री आकांक्षा शर्मा, परामर्शदाता (रैम्प) द्वारा उद्योग विभाग के रैम्प कार्यक्रम के अंतर्गत सफलतापूर्वक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य उद्यमशील क्षमता एवं वित्तीय साक्षरता को सुदृढ़ करना रहा।