चंबा, 31 जुलाई। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला चंबा की समृद्ध लोक संस्कृति, गौरवशाली इतिहास और सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। यह हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण पर्व है, जो केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, सामाजिक सौहार्द, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और समृद्धि का भी प्रतीक है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मिंजर मेला प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। लोक संगीत, लोक नृत्य, पारंपरिक रीति-रिवाज, हस्तशिल्प और चंबा की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को यह मेला राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाता है। ऐसे आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और कारोबारियों के लिए भी नए अवसर सृजित करते हैं।
उन्होंने मिंजर मेले के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को और अधिक समृद्ध करेगा।
विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी, पूर्व विधायक चुराह सुरेंद्र भारद्वाज, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमित भरमौरी, अध्यक्ष जिला परिषद रेखा कुमारी, उपाध्यक्ष जिला परिषद लियाकत अली, अध्यक्ष नगर परिषद भुवनेश्वरी गुलाटी, उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी, अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा, सहायक आयुक्त मनमोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति राजेश मोंगरा, मुख्य वन अरण्यपाल राकेश कुमार, उपमंडलीय प्रबंधक हिमाचल पथ परिवहन निगम शुगल सिंह सहित अन्य अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया।