एनडीआरएफ के ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम में ऊना के 25 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

ऊना, 23 जुलाई। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ऊना के अध्यक्ष एवं उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित एवं जागरूक नागरिक आपदा के समय प्रथम प्रतिक्रिया देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

इसी कड़ी में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 14वीं बटालियन, नूरपुर (जिला कांगड़ा) के अंतर्गत रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर (आरआरसी), नालागढ़ द्वारा ऑनलाइन कम्युनिटी अवेयरनेस प्रोग्राम (सीएपी) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला ऊना से 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें युवा स्वयंसेवक, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) तथा आपदा मित्र शामिल रहे।

उपायुक्त ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को आपदा की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाना था।

ऑनलाइन प्रशिक्षण के दौरान एनडीआरएफ के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर), प्राथमिक उपचार (बेसिक फर्स्ट एड), आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोगी महत्वपूर्ण संपर्क नंबरों, खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) की तकनीकों, बचाव कार्यों में प्रयुक्त मूलभूत उपकरणों एवं संसाधनों तथा एनडीआरएफ की संरचना, अधोसंरचना और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान एनडीआरएफ द्वारा किए जाने वाले राहत एवं बचाव कार्यों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

जतिन लाल ने कहा कि किसी भी आपदा में सबसे पहले स्थानीय समुदाय ही राहत एवं बचाव की प्रारंभिक जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवक और आपदा मित्र प्रशासन के सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समुदाय की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों में आत्मविश्वास विकसित करते हैं और उन्हें आपदा के समय प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार करते हैं।

उन्होंने एनडीआरएफ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के आयोजन को प्रोत्साहित करेगा, ताकि जिले में अधिक से अधिक नागरिकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देकर सुरक्षित एवं आपदा-प्रतिकारक समाज का निर्माण किया जा सके।

===========================================

जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर रोक के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की नई दरें निर्धारित

ऊना, 23 जुलाई। जिला दंडाधिकारी ऊना जतिन लाल ने जिले में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए डोर-डिलीवरी एवं फोकल प्वाइंट पर लागू होने वाली अतिरिक्त परिवहन एवं मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी उन्मूलन आदेश, 1977 तथा घरेलू द्रवित गैस आपूर्ति (विनियमन एवं वितरण) आदेश, 2000 के प्रावधानों के तहत जारी की गई है।

जिला दंडाधिकारी ने बताया कि दरें निर्धारित करने का उद्देश्य घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी पर प्रभावी रोक लगाना तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर गैस उपलब्ध कराना है।

ये रहेंगी अतिरिक्त डोर डिलीवरी एवं फोकल प्वाईंट की दरें

उपायुक्त ने बताया कि मैसर्ज कमल गैस एजेंसी ऊना में कम्पनी द्वारा 14.2 किलो ग्राम प्रति सिलेंडर का मूल 975.50 रूपये निर्धारित है, जबकि गैस एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 31.50, 29, 35 और 39 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम गैस अम्ब में प्रति सिलेंडर का मूल्य 982.50 रहेगा, जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 29, 24.50, 29.50 और 33.50 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित है।

पंजावर गैस एजेंसी, पंजावर में प्रति सिलेंडर का मूल्य 974.50 रूपये रहेगा, जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 27, 29.50, 35.50 और 38.50 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित रहेंगी।

शहीद सुनील गैस एजेंसी गगरेट में में प्रति सिलेंडर का मूल्य तेल कम्पनी द्वरा प्रति सिलेंडर 974.50 किया है। जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 30 और 29.50 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित है।

हिमाचल प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम गैस मैहतपुर में कम्पनी द्वारा सिलेंडर का मूल्य 971.77 निर्धारित है, जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 30.50, 28, 35 और 39 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित कीं है।

दीपक गैस सर्विस संतोषगढ़ में प्रति सिलेंडर का मूल्य 970.50 रहेगा, जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 29.50, 30 और 34 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित है।

बंगाणा गैस सर्विस एजेंसी में तेल कम्पनी ने प्रति सिलेंडर का मूल्य 984 रूपये निर्धारित किया है। जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 30, 29.50, 35.50, 42.50 और 49.50 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित है।

मैसर्ज सुगम इंडेन गैस सर्विस ऊना में कम्पी की ओर से प्रति सिलेंडर का मूल्य 975.50 रूपये निर्धारित है। जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 31.50 और 29 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित है।

मैसर्ज चिंतपूर्णी गैस एजेंसी दौलतपुर चैक में प्रति सिलेंडर का मूल्य 976.50 रहेगा, जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 29.50, 26.50 और 28 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित है।

मैसर्ज आर्यन गैस एजेंसी बडूही में तेल कम्पनी की ओर से प्रति सिलेंडर का मूल्य 975.50 रूपये निर्धारित है। जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर के 25 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक निर्धारित है।

मैसर्ज बाबा बड़भाग सिंह भारत गैस, गामीण वितरक मैड़ी खास में प्रति सिलेंडर का मूल्य 982.50 रहेगा, जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 25 और 27 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक अलग-अलग दरें निर्धारित है।

इसके अतिरिक्त मैसर्ज माता श्री चिंतपूर्णी इंडेन में प्रति सिलेंडर का मूल्य 982.50 रहेगा, जबकि एजेंसी से संबंधित आपूर्ति क्षेत्रों में डोर डिलीवरी और फोकल प्वाईंट तक अतिरिक्त परिवहन भाड़ा तथा मजदूरी प्रति सिलेंडर 25 रूपये आपूर्ति क्षेत्र के मुताबिक निर्धारित है। उन्होंने बताया कि जीएसटी अतिरिक्त रूप से लागू होगा। गोदाम से सिलेंडर प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं पर परिवहन भाड़ा दरों पर छूट रहेगी। गैस विक्रेता उपभोक्ताओं से निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूल नहीं करेगा। द्रवित गैस विक्रेता उपभोक्ताओं की गैस लीकेज से संबंधित शिकायतों का तुरंत समाधान सुनिश्चित करेंगे। अभाव के दिनों द्रवित गैस विक्रेता उपभोक्ता को पंजीकृत क्रम अनुसार प्राथमिकता पर भरे सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। साथ ही, गैस विक्रेता उन्हीं उपभोक्ताओं को सिलेंडरों की आपूर्ति करेंगे जो उनसे संबंधित गैस एजेंसी से पंजीकृत है।
===========================

*सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स एक माह के भीतर अपना ई-केवाईसी सत्यापन करवाना करें सुनिश्चित - आवास पंडित *

ऊना, 23 जुलाई। ज़िला कल्याण अधिकारी ऊना आवास पंडित ने जानकारी दी कि ज़िला ऊना में अब तक 65,628 पेंशन लाभार्थियों का ई केवाईसी सत्यापन सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि जिन सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों ने अभी तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है वे संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में जाकर एक माह के भीतर अपनी ई केवाईसी सत्यापन करवाना सुनिश्चित करें।

इसके अतिरिक्त, जिन असहाय पेंशन लाभार्थियों का आधार कार्ड किसी कारणवश नहीं बना है अथवा उसमें संशोधन या अद्यतन की आवश्यकता है, वे इस संबंध में अपने जिला कल्याण अधिकारी अथवा तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने निकटतम जिला या तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें।

===========================================

निजी स्कूलों में केवल एनसीईआरटी/एससीईआरटी निर्धारित पाठ्य पुस्तकें होंगी अनिवार्य, उल्लंघना पर होगी कार्रवाई - उप निदेशक *

ऊना, 23 जुलाई। उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, ऊना सोम लाल धीमान ने जिले के सभी निजी विद्यालयों को विद्यार्थियों के लिए केवल एनसीईआरटी/एससीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि यह निर्देश निदेशालय स्कूल शिक्षा, हिमाचल प्रदेश से प्राप्त आदेशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं।

श्री धीमान ने कहा कि जिले के सभी निजी विद्यालय, चाहे वे सीबीएसई से संबद्ध हों अथवा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से, विद्यार्थियों पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को अनिवार्य नहीं बना सकते। सभी विद्यालयों को संबंधित बोर्ड एवं एनसीईआरटी/एससीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों को ही अनिवार्य रूप से लागू करना अनिवार्य है।

उप निदेशक ने सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप केवल अधिकृत पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि विद्यार्थियों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी विद्यालय में निर्धारित पुस्तकों के स्थान पर अन्य प्रकाशकों की पुस्तकों का अनिवार्य उपयोग पाया जाता है अथवा इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 तथा हिमाचल प्रदेश निजी शैक्षणिक संस्थान (विनियमन) अधिनियम, 1997 एवं नियम, 2003 के प्रावधानों के तहत संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।