बिलासपुर, 29 सितम्बर: घुमारवीं का जिला स्तरीय सीर उत्सव अब केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कृति, प्रकृति, स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक सरोकारों को एक मंच पर लाने वाला व्यापक जनोत्सव बन चुका है। प्रत्येक वर्ष 2 और 3 अक्तूबर को आयोजित होने वाला यह उत्सव क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी देता है। स्थानीय विधायक एवं नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के मार्गदर्शन में सीर उत्सव को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
सीर उत्सव का मूल उद्देश्य लोक कला, संस्कृति और पर्यावरण का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। ‘सीर’ शब्द अपने भीतर आध्यात्मिकता के साथ-साथ निरंतर चलने वाली जीवन प्रक्रिया का भाव भी समाहित करता है। इस आयोजन के माध्यम से जहां क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं लोगों को प्रकृति के महत्व के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। बदलते समय में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रहकर सामूहिक जिम्मेदारी बने, यही सीर उत्सव का महत्वपूर्ण संदेश है। पूर्वजों द्वारा स्थापित समृद्ध परंपराओं को संरक्षित रखते हुए उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना और एक स्वस्थ, संस्कारी तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशील समाज का निर्माण करना उत्सव की प्रमुख भावना है।
सीर उत्सव की विशेषता यह है कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को व्यापक स्थान दिया गया है। महिला एवं युवक मंडलों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे युवाओं और महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सामुदायिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उनकी ऊर्जा को रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का संदेश भी दिया जा रहा है।
इस वर्ष सीर उत्सव में रोजगार मेले को शामिल किया जाना युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना और उन्हें करियर के नए विकल्पों से अवगत करवाना है। उत्सव के मंच को केवल सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर रोजगार और कौशल से जोड़ने का प्रयास इसे सामाजिक और आर्थिक सरोकारों से भी जोड़ता है।
नशे के विरुद्ध जागरूकता को भी उत्सव की गतिविधियों में प्रमुख स्थान दिया गया है। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए मैराथन तथा अन्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। मैराथन के माध्यम से स्वस्थ शरीर के साथ नशा-मुक्त और जागरूक समाज का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास होगा। इसी कड़ी में योग गतिविधियों के माध्यम से लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को जनसरोकारों से जोड़ते हुए सीर उत्सव में मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्रामीण और स्थानीय क्षेत्र के लोगों को अपने घर-द्वार के निकट स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और जांच की सुविधा मिल सकेगी। वहीं, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन कर समाज के प्रति नागरिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का संदेश भी दिया जाएगा।
सीर उत्सव की गतिविधियां इस बात को रेखांकित करती हैं कि किसी भी उत्सव की सार्थकता केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होती। जब कोई आयोजन समाज की जरूरतों, संस्कृति, पर्यावरण, स्वास्थ्य और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ता है, तो वह जनभागीदारी का प्रभावी माध्यम बन जाता है। सीर उत्सव इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए लोगों को अपनी जड़ों, परंपराओं और प्रकृति से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
आज जब युवा पीढ़ी तेजी से बदलती जीवनशैली और सामाजिक चुनौतियों के बीच आगे बढ़ रही है, ऐसे आयोजनों का महत्व और बढ़ जाता है। खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियां युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने का अवसर देती हैं, जबकि सांस्कृतिक गतिविधियां उन्हें अपनी पहचान और विरासत से जोड़ती हैं। पर्यावरण संरक्षण का संदेश उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाता है और सामाजिक गतिविधियां सामुदायिक सहभागिता की भावना को मजबूत करती हैं।
सीर उत्सव इसी समन्वित दृष्टिकोण के साथ घुमारवीं की पहचान को जिला बिलासपुर के व्यापक सांस्कृतिक और सामाजिक परिदृश्य में स्थापित कर रहा है। आस्था से संस्कृति तक, खेल से स्वास्थ्य तक और पर्यावरण संरक्षण से रोजगार तक, सीर उत्सव का स्वरूप लगातार विस्तार पा रहा है। यही विविधता इसे एक ऐसे जनउत्सव का रूप देती है, जहां परंपरा और आधुनिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी एक साथ दिखाई देती है।
*नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का कहना है कि सीर उत्सव क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं लोक विरासत को आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच है। साथ ही, लोगों की जनभागीदारी के माध्यम से इसे जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करना भी उत्सव का उद्देश्य है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से सीर उत्सव में भागीदारी सुनिश्चित करते हुए इसमें शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने क्षेत्र की महिलाओं, युवाओं एवं सभी लोगों से उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है, ताकि उत्सव को व्यापक सामाजिक स्वरूप प्रदान करने के साथ-साथ इसके उद्देश्यों को भी हासिल किया जा सके।