दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में जिला प्रशासन ऊना का सराहनीय कदम, डीसी जतिन लाल ने चार को सौंपे एफडी प्रमाणपत्र

ऊना, 4 अगस्त. जिला प्रशासन ऊना ने दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए पुराने उपायुक्त कार्यालय परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित पहल कैंटीन में कार्यरत चार पात्र दिव्यांगजनों को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के प्रमाणपत्र प्रदान किए। जिला मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने तीन लाभार्थियों को 11-11 हजार रुपये तथा एक लाभार्थी को 5100 रुपये की एफडी सौंपी।

उपायुक्त ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन का प्रयास है कि दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि एफडी के रूप में प्रदान की गई यह राशि भविष्य में चिकित्सा, शिक्षा अथवा अन्य आवश्यक जरूरतों के समय लाभार्थियों के लिए आर्थिक संबल बनेगी।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल सहायता उपलब्ध कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ आगे बढ़ने के अवसर देना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे प्रयास उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि पात्र दिव्यांगजन सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, इसके लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम में दिव्यांगों हेतु नेशनल करियर सर्विस सेंटर, ऊना के सहायक निदेशक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

=============================================

डीआरडीए ऊना मेंरैंप एवं जेम पोर्टल पर कार्यशाला आयोजित


ऊना, 4 अगस्त। उद्योग विभाग ऊना की ओर से रेसिंग एंड एक्सीलरेटिंग परफॉरमेंस कार्यक्रम के अंतर्गत आज डीआरडीए कॉन्फ्रेंस हॉल, ऊना में मार्केट सक्सेस एंड सस्टेनेबिलिटी, मार्केट फाइनेंस एवं जेम पोर्टल विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हरोली विकास खंड की लगभग 100 महिलाओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिला उद्यमियों एवं एमएसएमई इकाइयों को बाजार से जुड़ी नई संभावनाओं, वित्तीय संसाधनों तथा डिजिटल सरकारी खरीद प्रणाली के बारे में जागरूक करना था ताकि वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकें।

कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र ऊना की ओर से इंडस्ट्रियल प्रमोशनल ऑफिसर डाकेश्वर ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

डाकेश्वर ठाकुर ने कहा कि रैंप कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस प्रकार की कार्यशालाएं महिला उद्यमियों एवं एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक बाजार, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने तथा अपने उद्यमों का विस्तार करने का आह्वान किया।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में मीनाक्षी ठाकुर ने मार्केट सक्सेस एंड सस्टेनेबिलिटी तथा मार्केट फाइनेंस विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवसाय विकसित करने, उत्पादों की ब्रांडिंग, गुणवत्ता सुधार, ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने तथा विभिन्न वित्तीय संस्थानों एवं सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय सहायता के बारे में अवगत कराया।

द्वितीय सत्र में पुनीत बक्शी ने जेम पोर्टल की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया, उत्पाद सूचीकरण, सरकारी निविदाओं में भागीदारी, ऑनलाइन बिक्री के अवसर तथा समयबद्ध भुगतान व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने प्रतिभागियों को सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़कर जेम पोर्टल का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।