नीलोखेड़ी/करनाल, 27.05.26-: सामाजिक अंकेक्षण केवल योजनाओं की जांच का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त उपकरण है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे संस्थान में चल रहे तीस दिवसीय सामाजिक अंकेषण विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे

डॉ. चौहान ने कहा कि श्रमिकों को उनकी क्षमता एवं कार्यकुशलता के अनुरूप ही कार्य दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब मजदूर को उसकी योग्यता के अनुसार कार्य मिलता है, तब वह अधिक मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ कार्य करता है, जिससे योजनाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होती है और श्रमिकों का जीवन स्तर भी ऊंचा उठता है। उन्होंने अधिकारियों एवं संसाधन व्यक्तियों से आह्वान किया कि वे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ कार्य करें। इस अवसर पर सहायक आचार्य वजीर सिंह, सुशील मेहता, संदीप कुमार, कमलदीप सांगवान, झारखंड से विश्वनाथ सिंह, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान से राजेश सिन्हा ओर अन्य उपस्थित रहे।