चंडीगढ़, 12 मई। जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा है कि भाजपा सरकार सरकारी रोजगार खत्म करके प्रदेश में बेरोजगारी की खाई को भरने की बजाय उसे और गहरा करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गिनी चुनी ही भर्तियां निकाली जाती है और उनमें भी प्रदेश के युवाओं को रोजगार से वंचित कर दिया जाता है। दिग्विजय चौटाला ने हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा जारी कॉलेज कैडर के मनोविज्ञान सहायक प्रोफेसर और हिंदी सहायक प्रोफेसर के परिणाम को हरियाणा के युवाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय करार दिया और सरकार से पूछा कि भाजपा क्यों हमारे युवाओं के भविष्य से बार-बार खिलवाड़ करने में लगी हुई है।
दिग्विजय चौटाला ने कहा किमनोविज्ञान सहायक प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) के 85 पदों की भर्ती में केवल तीन उम्मीदवारों का ही पास होना युवाओं के साथ छलावा है और ये अपने आप में सरकार की शिक्षा व रोजगार व्यवस्था पर बहुत बड़ा सवाल खड़ा करती है।इतना ही जिन सरकारी भर्तियों में अभ्यर्थियों को अवसर मिलता है, उनमें हरियाणा के युवाओं को रोजगार से वंचित कर दिया जाता है। दिग्विजय ने कहा कि हिंदी सहायक प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) की भर्ती में सामान्य श्रेणी के कुल 67 पदों में से सात पद खाली छोड़ दिए गए और 41 पदों पर हरियाणा के युवाओं की बजाय बाहरी राज्य के युवाओं को रोजगार दे दिया गया।
दिग्विजय सिंह चौटाला ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने सरकारी भर्ती प्रणाली को मजाक बना कर रख दिया है, क्योंकि हर भर्ती में गड़बड़ी देखने को मिल रही है। इससे पहले अंग्रेजी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के 613 पदों के लिए 151 उम्मीदवारों को ही शॉर्टलिस्ट करके प्रदेश के युवाओं के साथ बहुत बड़ा धोखा किया था। इस भर्ती में दलितों और पिछड़ों के लिए आरक्षित सीटों के उम्मीदवारों का चयन न के बराबर किया था और सामान्य श्रेणी के शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों में हरियाणा से बाहर के राज्यों के लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस भर्ती का विवाद अभी थमा ही नहीं था कि आयोग ने एक और भर्ती में हरियाणा के युवाओं के साथ भेदभाव करके नया विवाद खड़ा कर दिया। दिग्विजय ने कहा कि भाजपा सरकार बार-बार हरियाणा के युवाओं का अपमान कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में बदार्श्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के रोजगार पर सबसे पहले प्रदेश के युवाओं का हक बनता है और यह बात भाजपा सरकार को समझ लेनी चाहिए अन्यथा जेजेपी चुप नहीं बैठेगी।