ऊना, 14 मार्च। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सर्किट हाउस ऊना में आज(शनिवार) को ऊना विधानसभा क्षेत्र के 59 पात्र आपदा प्रभावित परिवारों को 75 लाख रूपये के चैक वितरित किए।
इस मौके पर जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार हर संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की त्वरित सहायता के लिए विशेष राहत पैकेज तैयार किया ताकि संकट की स्थिति में जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहयोग मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
साथ ही, राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक राहत शीघ्रता से पहुंचे और उन्हें पुनः सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिल सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करती रहेगी।
श्री नेगी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने आपदा राहत नीति को और अधिक जनहितकारी बनाते हुए उन परिवारों के लिए राहत राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है, जिनके घर आपदा में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पहले जहां यह सहायता राशि मात्र डेढ़ लाख रुपये थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है ताकिआपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
*सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाला हिमाचल पहला राज्य*
श्री नेगी ने कहा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल देश का पहला राज्य बना है जहां कानून बना कर 6,000 अनाथ बच्चों को सरकारी संरक्षण दिया गया है। जिनका कोई नहीं, उनके लिए सरकार ही माता-पिता की भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार 27 वर्ष की आयु तक के निराश्रित बच्चों के माता-पिता की भूमिका में रहकर उनकी पढ़ाई का सारा खर्च उठा रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के बाद मकान बनाने के लिए 3 बिस्वा जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान भी किया गया है। यह कार्य न केवल समाज के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है, बल्कि एक मॉडल राज्य की दिशा में कदम भी है।
*एचपी शिवा प्रोजेक्ट से बागवानी को मिल रहा नया प्रोत्साहन, 14 स्थानों पर हो रहा क्रियान्वयन*
जगत सिंह नेगी के कहा कि प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एचपी शिवा प्रोजेक्ट के तहत लोअर हिमाचल में विशेष पहल की जा रही है। इसी क्रम में ऊना ज़िला के 14 विभिन्न स्थानों पर एचपी शिवा परियोजना को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है, जिससे बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से जिले में अमरूद, लीची, अनार, माल्टा, मौसमी और ड्रैगन फ्रूट सहित अन्य फलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों को इन फलों के उन्नत किस्मों के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही बागानों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए फैंसिंग, पौध संरक्षण तथा जल प्रबंधन के लिए ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
श्री नेगी ने बताया कि ऊना ज़िला में बागवानी गतिविधियों को नया विस्तार मिल रहा है। साथ ही किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी से अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।
*लोगों को मिल रही ऑनलाइन राजस्व सुविधाएं*
राजस्व मन्त्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों को सरल, पारदर्शी और सुगम राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग की विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को कम समय में बेहतर और प्रभावी सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने बताया कि सरकार ने राजस्व सेवाओं के तहत कार्यों के निपटारे के लिए स्पष्ट समयसीमा भी निर्धारित की है। इसके अनुसार तकसीम और निशानदेही संबंधित मामलों को नौ माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे लोगों को समयबद्ध सेवाएं मिल सकें। मंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न प्रमाण-पत्रों की सुविधा भी राज्यवासियों को मिल रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार डिजिटल माध्यमों के जरिए राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, ताकि आम जनता को त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, ऊना के पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा, ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, उपायुक्त ऊना जतिन लाल, अधिवक्ता अनुज धीमान सहित अन्य मौजूद रहे।