स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन के सख्त निर्देश, स्कूल बसों-वैन की होगी व्यापक जांच
नियमों के उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

ऊना, 9 मार्च. जिला प्रशासन ऊना ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार जिले में संचालित सभी स्कूल बसों और वैन संचालकों को परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। यह आदेश जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना जतिन लाल द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा तथा आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 33 और 34 के तहत जारी किए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार सभी स्कूल बसों और वैन में वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीकरण प्रमाण पत्र, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से होने चाहिए। निरीक्षण के दौरान इन दस्तावेजों को सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। प्रत्येक स्कूल वाहन के लिए प्रशिक्षित चालक का होना भी अनिवार्य है, जिसके पास परिवहन वाहन चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। इसके अतिरिक्त स्कूली बच्चों को ले जाते समय वाहन में सहायक अथवा परिचालक की उपस्थिति भी सुनिश्चित करनी होगी।

उपायुक्त ने बताया कि सभी स्कूल बसों और वैन में अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक उपचार बॉक्स, आपातकालीन निकास, सुचारू रूप से कार्य करने वाले दरवाजे, उचित बैठने की व्यवस्था तथा स्पीड गवर्नर जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होना अनिवार्य है। साथ ही वाहनों की गति निर्धारित सीमा के भीतर रखी जाएगी और किसी भी परिस्थिति में बच्चों को ओवरलोड करके ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

उन्होंने सभी स्कूल बसों और वैन के आगे तथा पीछे स्पष्ट रूप से “स्कूल बस/वैन” अंकित करने के साथ-साथ निर्धारित मानदंडों के अनुसार स्कूल का नाम और संपर्क नंबर भी वाहन पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं।

उपायुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ऊना तथा जिले के सभी उपमंडलाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए हैं कि वे अगले 15 दिनों के भीतर विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाकर स्कूल बसों और वैन की जांच सुनिश्चित करें तथा इसकी विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को प्रस्तुत करें। इसके बाद भी नियमित रूप से निरीक्षण जारी रखा जाएगा ताकि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो सके। यदि कोई स्कूल बस या वैन निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए पाई जाती है तो उसके विरुद्ध चालान, वाहन जब्ती अथवा संचालन पर रोक जैसी कार्रवाई की जा सकती है तथा संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के आसपास तथा प्रमुख मार्गों पर नियमित जांच अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें।

साथ ही उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे इन सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। आदेशों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जिला ऊना के संपूर्ण क्षेत्राधिकार में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

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विंग्स स्केल-अप प्रोजेक्ट के तहत हरोली में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं को प्रोजेक्ट के विभिन्न घटकों की दी जानकारी

ऊना, 9 मार्च। बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय हरोली में आज(सोमवार) को विंग्स स्केल-अप प्रोजेक्ट के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी(सीडीपीओ) शिव सिंह वर्मा ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की क्षमता को सशक्त बनाकर महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार लाना है।
कार्यक्रम के सीडीपीओ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विंग्स स्केल-अप प्रोजेक्ट के विभिन्न घटकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री-कन्सेप्शन महिलाओं की पहचान कर उनकी लाइन-लिस्टिंग तैयार करने और समय-समय पर उसे अपडेट करने की भी जानकारी दी। साथ ही उन्हें बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) की गणना करने और बीएमआई के आधार पर पोषण संबंधी खाद्य पदार्थ प्रदान करने की प्रक्रिया भी बताई।
उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से विंग्स प्रोजेक्ट के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, प्रसवोत्तर महिलाओं तथा 6 से 24 माह के बच्चों को उनकी पसंद के अनुसार फूड प्रोडक्ट, दूध और अंडा उपलब्ध करवाया जाएगा। इस दौरान जल स्वच्छता और हाइजन से संबंधित विषयों पर भी कार्यकर्ताओं को काउंसलिंग और जागरूकता प्रदान की गई ताकि समुदाय में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी बेहतर व्यवहार को बढ़ावा दिया जा सके।
इस अवसर पर सुपरवाइजर पुष्पा देवी तथा एसएएस टीम से डॉ. अंशिका, सोम और शिवानी सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं मौजूद रहीं।