चंडीगढ़, 26 फरवरी। बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में इनेलो विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल ने शून्यकाल के दौरान अपनी बात रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार बार बार किसानों को उनकी फसलों पर एमएसपी देने का झूठा गुणगान करती है। किसानों को एमएसपी देना तो दूर की बात है मंडी में जब किसान अपनी फसल लेकर जाता है तो किसान को प्रताड़ित किया जाता है। फसल की गुणवत्ता खराब बता कर उसकी फसलों के दाम कम दिए जाते हैं। भाजपा सरकार भावांतर योजना के तहत भी फसलों की भरपाई नहीं कर रही और किसानों को मुर्ख बनाने का काम कर रही है। भाजपा सरकार की नीति है फूट डालो और राज करो उसी पर चलते हुए आढ़तियों और किसानों को आपस में लड़वाने का भी काम कर रही है। पैडी, ज्वार, बाजरा, रागी, मूंग, तुर, उड़द, मुंगफली, सुरजमुखी, सोयाबीन, सिसमन, कॉटन, गेहूं और जौ फसलों की एमएसपी अगर किसानों को दी है तो सरकार किसी भी एक मंडी का ब्यौरा सदन में रखे।

-राज्यपाल अभिभाषण पर विधायक अदित्य देवीलाल-
सदन में राज्यपाल अभिभाषण पर बोलते हुए अदित्य देवीलाल ने कहा कि अभिभाषण में जमीनी सच्चाई नहीं थी अपितु बड़ी बड़ी ढींगे हांकी गई। हरियाणा की जनता जिन असली मुद्दों से जूझ रही हैं उन पर गंभीरता और स्पष्टता दोनों की भारी कमी रही। हरियाणा किसान प्रधान प्रदेश है और चौधरी देवीलाल और चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने हमेशा किसानों को मजबूत करने का काम किया। लेकिन आज बीजेपी के राज में किसान कर्जे में डूबा हुआ है और फसल के सही दाम नहीं मिल रहे। 2023 से 2025 तक बीमा कंपनियों द्वारा किसानों से लगभग 2875 करोड़ रुपए प्रीमियम लिया गया लेकिन खराब फसल का मुआवजा केवल 800 करोड़ रुपए दिया गया। बीमा कंपनियां किसानों का 2000 करोड़ रूपए खा गई। एक तरफ किसान यूरिया और डीएपी के लिए लाइनों में खड़ा था वहीं सरकार ने किसानों की मदद करने के बजाय 716 करोड़ रुपए बचा लिए। बीजेपी जो डबल और ट्रिपल इंजन की बात करती है उनकी पोल इसी बात से खुल जाती है कि यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी की सरकारें हैं और पानीपत के गन्ना किसानों के रुपए जो पिछले पांच सालों से उनकी शुगर मील में फंसे पड़े हैं वो नहीं निकलवा पाई है। कृषि संयंत्रों पर सब्सिडी वाली बात पर भी सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। किसानों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं के तहत किसानों पर खर्च नहीं किया जा रहा जिसके कारण पैसा लैप्स हो रहा है। टेल वाले किसानों के पास पानी नहीं पहुंच रहा। बीजेपी ने चुनाव से पहले वोट लेने के लिए जो बीपीएल कार्ड बनाए थे, अब उनके वोट लेने के बाद 7 लाख से ऊपर बीपीएल कार्ड काट दिए हैं।