*परीक्षाओं के मद्देनज़र डीजे-लाउडस्पीकर पर नकेल*
*डीसी जतिन लाल का नियमों के पालन पर जोर, बोले.. उल्लंघन पर होगी कार्रवाई*
ऊना, 20 फरवरी. ऊना जिले में बच्चों की वार्षिक परीक्षाओं के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने ध्वनि नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विद्यार्थियों को शांत एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर निर्धारित नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश जारी किए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि परीक्षा अवधि को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार के लाउडस्पीकर, डीजे एवं अन्य ध्वनि विस्तारक उपकरणों का उपयोग तय समय-सीमा और निर्धारित डेसिबल मानकों के अनुरूप ही किया जाए।
*रात 10 बजे के बाद बिना अनुमति लाउडस्पीकर प्रतिबंधित*
उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग बिना पूर्व अनुमति प्रतिबंधित है। आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय अधिकतम 55 डेसिबल तथा रात्रि में 45 डेसिबल तक ही ध्वनि की अनुमति है। वाणिज्यिक क्षेत्रों में यह सीमा क्रमशः 65 और 55 डेसिबल निर्धारित है, जबकि अस्पताल, शिक्षण संस्थान एवं न्यायालय के 100 मीटर के दायरे को साइलेंस ज़ोन घोषित किया गया है, जहां दिन में 50 तथा रात्रि में 40 डेसिबल की सीमा लागू होती है।
*शादी-ब्याह व धार्मिक आयोजनों में भी नियमों का पालन जरूरी*
उपायुक्त ने विशेष रूप से कहा कि शादी-ब्याह, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन, जुलूस, जागरण, समारोह तथा धार्मिक स्थलों पर उपयोग किए जाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र भी निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा के अंतर्गत ही संचालित किए जाएं। परीक्षा अवधि के दौरान अनावश्यक तेज ध्वनि विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी आयोजकों एवं संस्थानों से सहयोग अपेक्षित है।
*उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश*
उन्होंने जिला पुलिस को निर्देश दिए हैं कि ध्वनि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को भी नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने सभी धार्मिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक संस्थानों तथा आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ध्वनि नियमों के प्रभावी अनुपालन में प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि परीक्षा अवधि के दौरान जिले में शांत, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें, ताकि विद्यार्थी अपनी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
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**आईटीआई ऊना में इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग कार्यक्रम आयोजित **
ऊना, 20 फ़रवरी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) ऊना में आज (शुक्रवार) को एक दिवसीय इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के मध्य संवाद को सुदृढ़ करना तथा अनुभवों, मूल्यों और विचारों के आदान-प्रदान के माध्यम से पीढ़ियों के बीच आपसी समझ, सम्मान और सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में लगभग 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें संस्थान के प्रशिक्षु विद्यार्थी एवं वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।इसदौरान तहसील कल्याण अधिकारी जतिन्द्र शर्मा, विवेक सहित सीनियर सिटीजन फोरम ऊना के सदस्य भी विशेष रूप से कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कल्याण अधिकारी ऊना आवास पंडित ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में पीढ़ियों के बीच संवाद, सामाजिक समरसता एवं परस्पर सम्मान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, परिश्रम तथा वरिष्ठों के सम्मान के महत्व पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे आपसी समझ, सम्मान और आत्मीयता को और अधिक मजबूती मिली।
फोरम के सदस्य कुलदीप शर्मा, अशोक कालिया एवं जी.आर. बर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने जीवन अनुभव साझा किए। उन्होंने कविताओं एवं प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, अनुशासन और संस्कारों के महत्व से अवगत कराया।
साथ ही, एचडीएफसी बैंक ऊना से अजय ने डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता विषय पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, बचत की आदत तथा वित्तीय जागरूकता के महत्व पर उपयोगी जानकारी दी। वहीं आईआरसीए सेंटर घालूवाल से सुरेश ने नशा-उपयोग के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने “इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग” विषय पर अपने विचारों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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