जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार, डीसी किरण भड़ाना ने किया अत्याधुनिक मशीनों का उद्घाटन
बिलासपुर, 6 नवंबर: उपायुक्त बिलासपुर किरण भड़ाना ने शुक्रवार को जिला आयुर्वेद चिकित्सालय बिलासपुर में फुली ऑटोमेटिक 5-पार्ट सीबीसी/हेमेटोलॉजी एनालाइजर तथा 4-चौनल फ्लोरोसेंस इम्युनोएस्से एनालाइजर मशीनों का उद्घाटन किया। इन अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना के लिए जिला प्रशासन की ओर से अस्पताल को 7 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है।
इन मशीनों के शुरू होने से अब मरीजों को सीबीसी, हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, डायबिटीज, थायराइड, विटामिन बी-12 एवं विटामिन-डी सहित कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांचों की सुविधा जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में ही उपलब्ध होगी। इससे मरीजों को विभिन्न जांचों के लिए अलग-अलग अस्पतालों एवं प्रयोगशालाओं के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उन्हें एक ही स्थान पर कई आवश्यक जांच करवाने की सुविधा मिलेगी।
फुली ऑटोमेटिक 5-पार्ट सीबीसी (कम्प्लीट ब्लड काउंट) मशीन के माध्यम से हीमोग्लोबिन, हेमेटोक्रिट, टोटल ल्यूकोसाइट काउंट, डिफरेंशियल ल्यूकोसाइट काउंट और प्लेटलेट काउंट सहित रक्त से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पैरामीटर की जांच की जा सकेगी। इसकी आधुनिक 5-पार्ट डिफरेंशियल तकनीक श्वेत रक्त कोशिकाओं को पांच अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध करवाती है। इससे एनीमिया, संक्रमण तथा अन्य रक्त संबंधी विकारों की पहचान एवं चिकित्सकीय मूल्यांकन में सहायता मिलेगी।
इसी प्रकार, 4-चौनल फ्लोरोसेंस इम्युनोएस्से एनालाइजर के माध्यम से एचबीए1सी, थायराइड संबंधी टी-3, टी-4 एवं टीएसएच, विटामिन बी-12 और विटामिन-डी सहित महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्त्री रोग संबंधी विभिन्न महत्वपूर्ण जांचें की जा सकेंगी। यह मशीन आधुनिक तकनीक के माध्यम से कम समय में जांच परिणाम उपलब्ध करवाने में सहायक होगी। इससे मधुमेह नियंत्रण के मूल्यांकन, थायराइड संबंधी समस्याओं तथा शरीर में आवश्यक विटामिन की कमी की जांच में सुविधा मिलेगी।
इन मशीनों की उपलब्धता से जिला आयुर्वेद चिकित्सालय की प्रयोगशाला जांच क्षमता में वृद्धि होगी। मरीजों को एक ही चिकित्सालय में विभिन्न महत्वपूर्ण जांचों की सुविधा मिलने से समय और अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। साथ ही, समय पर जांच रिपोर्ट उपलब्ध होने से चिकित्सकों को मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का बेहतर आकलन करने और उपचार संबंधी निर्णय लेने में सुविधा होगी।
इस अवसर पर जिला आयुष कार्यालय बिलासपुर में भगवान धन्वंतरि की मूर्ति भी स्थापित की गई। मूर्ति स्थापना के उपरांत पूर्ण विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।

कार्यक्रम के दौरान चिकित्सालय प्रभारी सहित चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपायुक्त का स्वागत किया। इस अवसर पर जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुखविंदर कौर, जिले के आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहित कपिल, आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी, स्टाफ नर्स, एएनएम, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, मिडवाइफ तथा चिकित्सालय में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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डीसी किरण भड़ाना ने ‘अपना घर’ वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मनाई दीपावली, मिठाई और उपहार बांटकर जाना कुशलक्षेम
बुजुर्गों का सम्मान और देखभाल करना हम सभी का नैतिक दायित्व: किरण भड़ाना

बिलासपुर, 6 नवम्बर: दीपावली के मद्देनजर उपायुक्त बिलासपुर किरण भड़ाना ने मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘अपना घर’ वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों को मिठाई, फल एवं उपहार वितरित किए तथा उनका कुशलक्षेम जाना।
उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके जीवन के अनुभवों को सुना। उन्होंने कहा कि माता-पिता और बुजुर्ग परिवार एवं समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने जीवनभर परिवार और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में हमारा नैतिक दायित्व है कि हम उनका सम्मान करें और जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें प्रेम, सुरक्षा और अपनत्व प्रदान करें। बुजुर्गों की देखभाल केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों और मानवीय मूल्यों की पहचान भी है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से आग्रह किया कि कोई भी बुजुर्ग उपेक्षा और अकेलेपन का शिकार न हो।
उन्होंने मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा निराश्रित एवं बेसहारा बुजुर्गों को आश्रय और परिवार जैसा वातावरण उपलब्ध करवाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का सराहनीय उदाहरण है। जिला प्रशासन ऐसे जनकल्याणकारी कार्यों में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
मानव सेवा ट्रस्ट सुंदरनगर के संस्थापक एवं अध्यक्ष अधिवक्ता प्रकाश चंद बंसल ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2020 से ‘अपना घर’ वृद्धाश्रम का संचालन किया जा रहा है। अब तक यहां 106 निराश्रित बुजुर्गों को आश्रय प्रदान किया जा चुका है। इनमें से 57 बुजुर्गों को परिजनों के साथ काउंसलिंग के बाद ससम्मान उनके परिवारों में वापस भेजा गया है, जबकि 10 बुजुर्गों का बीमारी एवं वृद्धावस्था के कारण निधन हो चुका है। वर्तमान में आश्रम में 25 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें 15 ऐसे बुजुर्ग भी शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक सड़कों पर कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया। आज उन्हें आश्रम में सुरक्षित आश्रय और परिवार जैसा स्नेह एवं सम्मान मिल रहा है।
इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी बिलासपुर के सचिव अमित कुमार, स्थानीय पंचायत प्रधान रचना कुमारी, पंचायत समिति सदस्य पूजा देवी, मानव सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं सदस्य, आश्रम के कर्मचारी तथा स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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बिलासपुर में स्थापित होगा फिश पार्लर, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मिलेगा हिमाचली मछली व्यंजनों का स्वाद
बिलासपुर, 6 नवंबर: जिला बिलासपुर में मत्स्य विपणन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को ताजी मछली उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से आईटीआई चौक के समीप स्थित मत्स्य जागरूकता केंद्र (जागृति भवन) में फिश पार्लर स्थापित किया जाएगा। यह पार्लर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के लेक व्यू कैफे के साथ संचालित किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को ताजी मछली के साथ स्थानीय एवं पारंपरिक हिमाचली मछली व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा।
इस संबंध में प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य ओम कांत ठाकुर की अगुवाई में किया गया। इस दौरान सहायक निदेशक मत्स्य, मत्स्य मंडल बिलासपुर पंकज ठाकुर, सहायक निदेशक मत्स्य, 20 सूत्रीय, मत्स्य निदेशालय सोमनाथ पटियाल तथा मत्स्य अधिकारी बिलासपुर बलजीत सिंह भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने फिश पार्लर की स्थापना के लिए उपलब्ध स्थान, आवश्यक सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रस्तावित फिश पार्लर में उपभोक्ताओं को पहली बार जीवित एवं ताजी मछली खरीदने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त भविष्य में यहां विभिन्न मत्स्य उत्पादों की बिक्री के लिए भी व्यवस्थित बिक्री केंद्र विकसित किया जा सकेगा। इससे स्थानीय मछुआरों और मत्स्य सहकारी सभाओं को अपने उत्पादों के विपणन के लिए एक अतिरिक्त मंच मिलेगा।
विशेष बात यह है कि इसी भवन की प्रथम मंजिल पर पर्यटन विभाग का कैफे भी संचालित है। ऐसे में फिश पार्लर और कैफे के आपसी समन्वय से पर्यटकों एवं अन्य आगंतुकों को ताजी मछली से तैयार स्थानीय और पारंपरिक हिमाचली व्यंजन उपलब्ध करवाने की संभावनाएं विकसित होंगी। इससे यह स्थान मत्स्य उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ हिमाचली खान-पान और पर्यटन गतिविधियों को जोड़ने वाले आकर्षक केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकेगा।
मत्स्य विभाग की इस पहल से जिले में मछली की खपत एवं विपणन को बढ़ावा मिलने के साथ मत्स्य पालन से जुड़े लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। वहीं, लेक व्यू कैफे में पर्यटकों एवं आगंतुकों की संख्या बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। मत्स्य विभाग और पर्यटन विभाग के आपसी सहयोग से बिलासपुर में स्थानीय मत्स्य उत्पादों को नई पहचान देने तथा हिमाचली मछली व्यंजनों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।