सुजानपुर 06 नवंबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत करोट में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम पर एक जागरुकता शिविर आयोजित किया। स्थानीय पंचायत प्रधान विकास राणा की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव सिंह चंदेल ने लोगों को इस महत्वपूर्ण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोगों को किसी भी धार्मिक स्थल, स्कूल, कालेज, समारोह एवं सार्वजनिक स्थानों पर जाने की स्वतंत्रता है। इस संबंध में कोई व्यक्ति अगर अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करता है तो उसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी सजा हो सकती है। तहसील कल्याण अधिकारी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस अधिनियम में बहुत ही कड़े प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने लोगों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की कई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी तथा पात्र लोगों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए तहसील कल्याण अधिकारी ने कहा कि इसके उन्मूलन के लिए सभी लोगों को आगे आना चाहिए। पंचायत प्रधान विकास राणा ने शिविर के आयोजन के लिए विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया।