घुमारवीं (बिलासपुर) 23 सितंबर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दधोल के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें जीवन में निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि स्कूल में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए बास्केटबॉल खेल मैदान को 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त विद्यालय परिसर में एक अच्छे मंच का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।

राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन कार्य को सही दिशा और समझदारी के साथ करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही लक्ष्य निर्धारित किया जाए और उस दिशा में निरंतर प्रयास किया जाएं तो बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ईश्वर ने प्रत्येक व्यक्ति को अलग और विशिष्ट प्रतिभाओं के साथ बनाया है। इसलिए बच्चों को दूसरों की नकल करने के बजाय अपनी रुचि, क्षमता और प्रतिभा को पहचान कर भविष्य का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में अनेक नए अवसर और नए-नए प्रोफेशन सामने आए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप करियर का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को अपनी रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को निर्धारित करने से पहले विद्यार्थी अपना स्वाॅट विषलेश्ण अवश्य करें, ताकि वह अपनी ताकत, कमजोरियों, अवसरों और संभावित चुनौतियों को समझ कर उस दिशा में आगे बढ़ते हुए बेहतर निर्णण ले सकें।

श्री धर्माणी ने विद्यार्थियों को जीवन में ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहने और अन्य लोगों के प्रति भी सम्मान एवं संवेदनशीलता का भाव रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक और उपयोगी बनाना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान एवं कौशल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा अपने ज्ञान का समाज और राष्ट्र हित में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान उन्होंने कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ विभिन्न करियर विकल्पों पर चर्चा की और बदलते समय के अनुरूप उपलब्ध नए अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि, योग्यता और क्षमताओं का आकलन कर सोच-समझकर अपने भविष्य का मार्ग निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि आज के दौर में आगे बढ़ने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में असीमित अवसर मौजूद हैं, जिनकी उन्हें सही पहचान करते हुए निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

इस बीच विद्यालय के विद्यार्थियों ने संवाद सत्र आयोजित करने के लिए तकनीकी शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जहां उनमें आत्मविश्वास की भावना जागृत हुई है तो वहीं किसी भी विपरीत परिस्थिती का सामना करने की उन्हें प्रेरणा मिली है। इसके अतिरिक्त उन्हें बेहतर भविष्य निर्माण को लेकर मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है।
*प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के साथ विभिन्न खेल गतिविधियों में की सहभागिता
इस बीच उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के साथ भी समय बिताया और उनकी पसंद के खेलों में भाग लेते हुए विभिन्न खेल गतिविधियों में भी सहभागिता की। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास भी आवश्यक है। खेल गतिविधियां बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के समय पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करें और खेल के समय पूरे उत्साह के साथ खेल में भाग लें।

इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेश भारद्वाज सहित विद्यालय के अध्यापक तथा प्रशिक्षु अध्यापक भी मौजूद रहे।