चण्डीग27.07.26-ढ़ : स्वर्गीय डॉ. डी. एस. गुप्त की 90 वीं जयंती के अवसर पर "म्यूज़िकल ट्रिब्यूट" नामक एक भव्य संगीतमय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन टैगोर थियेटर, मिनी आडिटोरियम , सेक्टर -18, चण्डीगढ़ में आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम सृजन - एन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिविटी, चंडीगढ़ प्रशासन के संस्कृति विभाग एवं चण्डीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाब के महान कवि और संगीत जगत की अमर हस्तियों शिव कुमार बटालवी, आसा सिंह मस्ताना, सुरिंदर कौर तथा नंद लाल नूरपुरी को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डा. सुखमिंदर कौर बराड़, चेयरपर्सन, चण्डीगढ़ संगीत नाटक अकादमी थीं। डॉ. विनोद खन्ना, कीर्ति शर्मा, महेश राज अग्रवाल तथा मनजीत भामरा ने विशिष्ट अतिथियों के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस संगीतमय प्रस्तुति का निर्देशन प्रसिद्ध संगीतकार एवं मुख्य गायक सोमेश गुप्ता ने किया। मंच का शानदार संचालन डॉ. वीर अभिनव ने किया।

सोमेश गुप्ता ने " मैंनू तेरा शबाब लै बैठा ", "इक कुड़ी जिदा नां मुहब्बत", "की पुच्छदेओ हाल फकीरां दा", और "काली तेरी गुत्त ते परांदा तेरा लाल नी" जैसे शानदार गीतों की प्रस्तुति दी।मीनू कपूर ने "लोकीं पूजन रब्ब", सोमेश गुप्ता एवं कुशिका ने "मैं तैनू याद आंवांगी", नीलम गोयल ने "लंघ आ जा पत्तन झना दा यार", सोमेश गुप्ता एवं मीनू कपूर ने " इक पासे टालियां" और "हसदे हसदे माही वे", सोमेश गुप्ता एवं साहिब नूर ने " तैनू बेरियां दे झुण्ड च बुलांवा ", मनजीत भामरा ने "मैंनू हीरे हीरे आखे", साहिब नूर ने "नी इक मेरी अख काशिनी" गीत पेश किये
बहुत अधिक संख्या में पहुंच कर शहर के संगीत प्रेमियों, कलाकारों और आम नागरिकों ने पंजाब की समृद्ध साहित्यिक एवं संगीत विरासत को सुन कर खूब आनन्द उठाया।
इस अवसर पर बोलते हुए कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ सुखमिन्दर कौर बराड़ ने सृजन द्वारा पंजाब की संगीत की विरासत को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिशों की बहुत सराहना की। उन्होंने शानदार गीतों की प्रस्तुति के लिए युवा कलाकारों को वधाई दी।