डीसी की प्रेरणा से कुओं, बावड़ियों और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई की चली मुहिम

हमीरपुर 09 जुलाई। जिला हमीरपुर में प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने एक विशेष अभियान आरंभ किया है। इस अभियान में पारंपरिक कुओं, तालाबों, बावड़ियों, खातरियों और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई की जा रही है। इस कार्य में ग्राम पंचायतों के अलावा महिला मंडलों, युवक मंडलों और अन्य सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। उपायुक्त के इस आह्वान का जमीनी स्तर पर काफी असर देखने को मिल रहा है तथा इस सीजन में अभी तक जिले भर में लगभग 236 प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई की जा चुकी है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला हमीरपुर में जल शक्ति विभाग के माध्यम से हर घर तक नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। लेकिन, जिले के अधिकांश क्षेत्रों में कम वर्षा के कारण पानी की कमी की आशंका रहती है। इसलिए, जिला में पारंपरिक कुओं, तालाबों, बावड़ियांे, खातरियांे और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण एवं संवर्द्धन भी बहुत जरूरी है। उपायुक्त ने कहा कि मॉनसून के सीजन में इन प्राकृतिक जलस्रोतों के प्रदूषित होने की आशंका रहती है, जिससे लोग जल जनित रोगों की चपेट में आ सकते हैं। इसी के मद्देनजर जिले भर में पारंपरिक प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि फील्ड से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार अभी तक जिला में लगभग 236 प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई की जा चुकी है। इनमें 58 कुएं, 55 खातरियां, 112 बावड़ियां, 3 जल भंडारण टैंक, 5 तालाब और 3 हैंडपंप शामिल हैं।
उन्होंने जिला की सभी ग्राम पंचायतों, महिला मंडलों, युवक मंडलों, अन्य सामाजिक संगठनों और सभी जिलावासियों से अपने-अपने क्षेत्रों के प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई करने की अपील की है।
===================================================

फास्ट फूड उद्यमी बनने की कला सीख रही हैं भाटी की महिलाएं

हमीरपुर 09 जुलाई। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा हमीरपुर के निकटवर्ती गांव भाटी में आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण शिविर में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक पकवानों के साथ-साथ कई नए-नए व्यंजन एवं फास्ट फूड बनाना भी सीख रही हैं।
इस शिविर में महिलाओं को पाक-कला के माध्यम से उद्यमी बनने के लिए प्रेरित एवं प्रशिक्षित किया जा रहा है। वीरवार को हमीरपुर के खंड विकास अधिकारी रजत चौधरी ने भी शिविर का दौरा करके प्रतिभागी महिलाओं को उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर आरसेटी के निदेशक अजय कुमार कतना, फैकल्टी मैंबर संजय हरनोट, गुरप्यारी और अन्य अधिकारियों ने खंड विकास अधिकारी को शिविर की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
====================================================
कुठेड़ा में विद्यार्थियों और पंचायत जनप्रतिनिधियों ने ली नशा विरोधी शपथ
एडीसी, एसडीएम, अन्य अधिकारियों ने भी नशा विरोधी रैली में लिया भाग

हमीरपुर 09 जुलाई। आम लोगों को नशे के विरुद्ध जागरुक करने के लिए वीरवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठेड़ा में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने जागरुकता रैली भी निकाली।
इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में उपस्थित स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए एडीसी अभिषेक गर्ग ने कहा कि नशे की बढ़ती समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार ने विशेष अभियान चलाया है। विशेषकर, चिट्टे जैसे अत्यंत खतरनाक नशीले पदार्थ की तस्करी को रोकने के लिए एंटी चिट्टा अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है।
अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों ने भी अपने संबोधन में युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में नशा विरोधी जनजागरण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चिट्टा जैसी घातक बुराई के खिलाफ प्रशासन, पंचायतें, विद्यालय, अभिभावक एवं समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ शपथ भी दिलाई गई, जिसमें सभी विद्यार्थियों और अन्य लोगों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह, बीडीओ रजत चौधरी, विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश कुमार, ग्राम पंचायत टिब्बी की प्रधान नीना देवी, उप प्रधान त्रिलोक चंद, ग्राम पंचायत कुठेड़ा की प्रधान नीलम कुमारी, उपप्रधान उत्तम चंद, दोनों पंचायतों के पंचायत सदस्य एवं अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।