*नशे के खिलाफ जनआंदोलन ही बनेगा स्थायी समाधान : गुरुसिमर सिंह*
*गोड़ा गागल पंचायत में नशा मुक्ति की शपथ, 24 संवेदनशील पंचायतों में चल रहा विशेष जनजागरूकता अभियान*
मंडी, 26 जून। नशे के विरुद्ध जनजागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में जिला प्रशासन मंडी का अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जिला की चिन्हित 24 अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों में आयोजित किए जा रहे विशेष जागरूकता-सह-संवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत शुक्रवार को ग्राम पंचायत गोड़ा गागल में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त गुरुसिमर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए पंचायतवासियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और नशे के खिलाफ सामूहिक जनभागीदारी का आह्वान किया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून के सहारे नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जब परिवार, पंचायत, शिक्षण संस्थान, युवा और आम नागरिक एकजुट होकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़े होंगे, तभी नशा मुक्त समाज का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने लोगों से अपने घर और गांव से इस मुहिम की शुरुआत करने तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार सुरक्षित एवं नशा मुक्त हिमाचल के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नशा तस्करी के नेटवर्क पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराकर उन्हें इस सामाजिक अभियान का सहभागी बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, गांव और समाज को भी नशा मुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गोड़ा गागल पंचायत को पूर्णतः नशा मुक्त पंचायत बनाने का सामूहिक संकल्प भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक, विकास खंड अधिकारी बल्ह, पंचायत समिति सदर के अध्यक्ष सोहन सिंह, पंचायत प्रधान अनिल कुमार, उपप्रधान जगदीश कुमार, पंचायत सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।