*पेंशनरों की समस्याओं के निराकरण को दी जा रही सर्वोच्च प्राथमिकता: अपूर्व देवगन*

  • *उपायुक्त ने की पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की मंडी जिला इकाई की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता*

मंडी, 06 जून। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मंडी जिला में पेंशनर्स की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। पेंशनर्स हमारे वरिष्ठ नागरिक हैं और हमारा प्रयास है कि इन्हें कोई समस्या न हो, इसके लिए जिला के सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वे आज उपायुक्त कार्यालय सभागार मंडी में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की मंडी जिला इकाई की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की समस्याओं का बिना किसी देरी के समाधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल रोड स्थित पेंशनर्स भवन की जमीन की लीज अवधि बढ़ाने के संबंध में राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। फिर भी अगर किसी विभाग के चिकित्सा बिल किसी कारणवश लंबित हैं तो सम्बन्धित अधिकारी उसके लिए सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार अपने विभाग से बजट लेकर उनका शीघ्र भुगतान करें।

पेंशनर्स की मांग पर उपायुक्त ने कहा कि सभी उपमंडल स्तर पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोहों में पेंशनरों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही उपमंडल स्तर पर पेंशनरों की बैठकों के लिए स्थान उपलब्ध करवाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकारी डिपुओं में वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर राशन उपलब्ध करवाया जाएगा। मंडी शहर में ऑटो किराया सूची विभिन्न स्थानों पर प्रकाशित की जाएगी तथा ऑटो में भी किराए की सूची लगवाने के निर्देश क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को दिए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के क्षेत्रीय अस्पताल में पर्ची बनाने तथा चेकअप करवाने के लिए अलग से प्रबंध करने के स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि पेंशनर्स तथा वरिष्ठ नागरिकों के राजस्व विभाग से संबंधित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाएगा।

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश, मंडी के जिला प्रधान हरीश शर्मा ने उपायुक्त का स्वागत किया और बैठक आयोजित करने के लिए उनका धन्यवाद किया। मंडी जिला के महासचिव रोशन लाल कपूर ने सात सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, आयुक्त नगर निगम मंडी रोहित राठौर, सहायक आयुक्त कुलदीप पटियाल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नवीन कुमार तथा जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा सहित पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश, मंडी के जिला प्रधान हरीश शर्मा, मंडी जिला के महासचिव रोशन लाल कपूर, मंडी जिला आजीवन संरक्षक डॉ. के.सी. मल्होत्रा, प्रदेश मीडिया प्रमुख एवं कोऑर्डिनेटर कुलदीप गुलेरिया, जिला मंडी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जे.सी. चंदेल, राज्य पदाधिकारी रेवती राम शर्मा, कुमारी देव चंदेल, सूरज ठाकुर, एन.आर. चौधरी, कृष्ण चंद चौहान, कुलदीप शर्मा, दयानंद शर्मा, कृष्ण चंद ठाकुर, संगठन सचिव जय गोपाल शर्मा, नागेंद्र कपूर, रामचंद्र चौहान, हेतराम ठाकुर, यशवंत सिंह ठाकुर, बेगा राम, दिलेराम, चमन ठाकुर, उत्तम सिंह ठाकुर, ठाकुर सिंह वर्मा, जोगिंदर वर्मा, बालक राम शर्मा, बुद्धि सिंह ठाकुर सहित अनेक जिला एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

===================================*आरंग में लाइन बुवाई प्रदर्शन से किसानों को मिली वैज्ञानिक खेती की नई दिशा*

*मक्की उत्पादन बढ़ाने के लिए एचपीसीडीपी-II की पहल, किसानों में दिखा उत्साह*
*मंडी, 5 जून।* हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (एचपीसीडीपी-II) जायका-ओडीए के अंतर्गत खंड परियोजना प्रबंधक इकाई मंडी द्वारा उप-परियोजना पधर के आरंग क्षेत्र में खाद्यान्न उत्पादकता कार्यक्रम के तहत मक्की की लाइन बुवाई का प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से परिचित करवाना तथा फसल उत्पादकता में वृद्धि करना है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. पी.एल. शर्मा एवं डॉ. आर.के. शर्मा के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में यह प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि लाइन बुवाई पद्धति अपनाने से बीज की उचित मात्रा का उपयोग सुनिश्चित होता है। इसके अलावा पौधों की समान वृद्धि होती है तथा निराई-गुड़ाई, उर्वरक प्रबंधन और सिंचाई कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं। इससे उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ फसल की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के दौरान किसानों को उन्नत किस्मों के चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग, खरपतवार नियंत्रण तथा फसल संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी प्रदान की गईं। किसानों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैज्ञानिक खेती की तकनीक अपनाने में गहरी रुचि दिखाई।
इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार, खंड परियोजना प्रबंधक मंडी, डॉ. हंसराज, कृषि विकास अधिकारी, जायका परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी, कृषक विकास संघ के पदाधिकारी, ग्राम पंचायत के प्रधान एवं उपप्रधान सहित क्षेत्र के अनेक किसान उपस्थित रहे।
=======================================

पंचायत समिति के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

मंडी, 06 जून। विकास खंड सदर के भ्यूली स्थित सभागार में सदर मंडी में बीडीसी (पंचायत समिति) के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। पीठासीन अधिकारी एवं उपमंडल अधिकारी (ना.) सदर रुपिंदर कौर ने सभी 26 नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

सदर से विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा तथा द्रंग के विधायक पूर्णचंद ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर रुपिंदर कौर ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र के विकास तथा आम जनता की भलाई के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज प्रतिनिधियों की ग्रामीण विकास को गति देने और लोगों की समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका रहती है।

कार्यक्रम के दौरान पंचायत समिति सदर मंडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने सभी सदस्यों को पंचायती राज विभाग की कार्यप्रणाली तथा उनके दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी।

इस दौरान प्रशासन की ओर से सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी कार्यकाल की कामना की गई।

===============================================

राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी के लिए 16 जून तक करें आवेदन

मंडी, 06 जून। जिला रोजगार अधिकारी, मंडी अरविंद सिंह चौहान ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा "राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023" के अंतर्गत युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा हरित एवं स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-टैक्सी योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के लिए इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से 16 जून,2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत ई-टैक्सी की खरीद पर पात्र लाभार्थियों को वाहन लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाएगा। योजना का उद्देश्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को स्थायी स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा हरित हिमाचल के निर्माण में युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करना है। योजना के लिए पात्रता के अनुसार आवेदक हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। उसकी आयु 23 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उसके पास वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। आवेदक का हिमाचल प्रदेश के किसी भी रोजगार कार्यालय में कम से कम एक वर्ष से पंजीकृत होना अनिवार्य है तथा उसकी वार्षिक पारिवारिक आय तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी परिवहन विभाग के पोर्टल https://etaxihpdt.org/home पर आवश्यक दस्तावेजों सहित ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उपलब्ध सूचना के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि 16 जून, 2026 निर्धारित की गई है।

उन्होंने जिले के सभी पात्र एवं इच्छुक युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाएं तथा प्रदेश सरकार की हरित एवं स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना योगदान दें। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग हि०प्र० 0177-2625277 अथवा जिला रोजगार कार्यालय, मंडी के दूरभाष नंबर 01905-235508 पर कार्यालय समय के दौरान संपर्क कर सकते हैं।

====================================================

उहल नदी में महाशीर मछली के 5 हजार बड़े आकार के बीज का संचयन

मंडी, 6 जून। मत्स्य विभाग द्वारा मंडी जिले के कमांद में आईआईटी कमांद पुल के निकट उहल नदी में महाशीर मछली के 5 हजार बड़े आकार के बीज का संचयन किया गया। यह जानकारी सहायक निदेशक मत्स्य, मत्स्य मंडल मंडी नीतू सिंह ने आज यहां दी।

उन्होंने बताया कि पर्यावरण रक्षक मंच के अनुरोध पर इस बीज का संचय ऊहल नदी में किया गया है। यहां डाला गया बीज विभागीय महाशीर फार्म मच्छयाल में उत्पादित किया गया है। उन्होंने बताया कि महाशीर एक लुप्तप्राय प्रजाति की मछली है और मंडी जिले की नदियों में महाशीर बीज का संयचन नदियों में जैव विविधता की वृद्धि एवं महाशीर मछली के संरक्षण की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि 50 सेंटीमीटर या उससे कम आकार की महाशीर मछली को पकड़ने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। इनमें लाइसेंस धारक मछुआरे भी शामिल होंगे। यदि कोई व्यक्ति अवैध मत्स्य आखेट करते हुए पाया जाता है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने स्थानीय मछुआरों से अवैध मत्स्य आखेट न करने की अपील की है।